गौ पर संकट अंग्रेजों के कारण आया। अंग्रेजों की फौज जैसे-जैसे बढ़ती गई, वैसे-वैसे गौ पर संकट भी बढ़ता गया। आजादी के बाद यह संकट पहले ही दिन से दूर हो सकता था। लेकिन आखिरी हिंदुस्तानी वायसराय ने इस प्रथा को बनाए रखा। आप जानते हैं कि वह कौन था? वे और कोई नहीं, पंडित […]
Month: July 2014
एक गिद्ध इस बच्चे का मरने का इंतजार कर रहा है कि वो कब मरे उसे वो खा सके।इंसान के ह़ृदय को हिला देने वाली इस तस्वीर को प्रसिद्धकैमरामैन केविन कार्टर ने इथोपिया में खींचा था …जिसमें एक बच्चा भुखमरी से मररहा है उसके पास खाने को कुछ नही है और एक गिद्ध उसके मरने […]
परवल उत्तर भारत के मैदानी प्रदेशों में आसाम ,पूर्व बंगाल में पाया जाता है | इसकी दो प्रजातियां होती हैं १-पटोल २- कटु पटोल | मधुर परवल का प्रायः शाक बनाया जाता है व कड़वे परवल का प्रयोग औषधि कार्य के लिए किया जाता है |परवल में प्रोटीन, वसा,खनिज,लवण,कार्बोहाइड्रेट निकोटिनिक अम्ल,राइबोफ्लेविन,विटामिन C ,थायमिन तथा ट्राइकोजेंथिन […]
आंध्र प्रदेश में दो मजदूरों के हाथ काटे जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुये बेहद सख्त रवैया अपनाया है। ज्ञात रहे कि आंध्र प्रदेश में छह महीने पहले दो मजदूरों के हाथ काटने की दिल दहला देने वाली घटना पर उच्चहतम न्यारयालय सुनवाई करते हुए अपनी गंभीर नाराजगी जाहिर की […]
पुण्य प्रसून वाजपेयी प्रधानमंत्री मोदी के साथ बाबा रामदेव। और बाब रामदेव के साथ प्रताप वैदिक। यह दो तस्वीरे मोदी सरकार से वेद प्रताप वैदिक की कितनी निकटता दिखलाती है। सवाल उठ सकते हैं। लेकिन देश में हर कोई जानता है कि चुनाव के दौर में नरेन्द्र मोदी के लिये बाब रामदेव योग छोड़कर राजनीतिक […]
सोशल मीडिया पर वैदिक की पाकिस्तान यात्रा में आतंकी सरगना हाफिज सईद से मुलाकात को लेकर कोई वैदिक के बारे में ठीक प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है, सोशल मीडिया के लोग बेहद गुस्से में नजर आ रहे हैंं। लोग इस बात से बेहद नाराज हैं कि उन्होंने भारत के मोस्ट वॉन्टेड आतंकी से मुलाकात की। […]
कमीं करदे तू रहनुमाई में,जान आजाए रोशनाई में।यूँ न फूलों को जोर से मशलो।लचक आजाएगी कलाई में।अब तो तुझको भी कैद होना है।अपनी नजरों की इस लड़ाई में।मेरी आँखे जो बरसा करतीं हैं।तेरी आँखों की गुमशुदाई में।कई नस्लों को खा गई अब तक।कितनी ताकत है रूस्याही में।वो गुनाह करके के भी आबाद रहे।हम तो मारे […]
कुरसी तू बड़भागिनी
पवन कुमार अरविंदव्यंग्य की विधा साहित्य में कुछ विशेष प्रकार की है। जैसे क्रिकेट में सफल गेंदबाज वही है, जिसकी गेंद की गति, दिशा और उछाल का बल्लेबाज को अंतिम समय तक अनुमान न हो पाये। सफल फिल्म और उपन्यास भी वही होता है, जिसका रहस्य और निष्कर्ष, अंत में जाकर ही पता लगता है। […]
मोदी का मनमोहनी बजट
डॉ0 वेद प्रताप वैदिक नरेंद्र मोदी सरकार का पहला बजट आ गया। हर बजट में हर आदमी क्या देखना चाहता है? सबसे पहले वह यह देखना चाहता है कि इस बजट में मेरे लिए क्या आ रहा है और मेरे पास से क्या जा रहा है? बजट की इस भाषा को समझने वाले लोग भारत […]
पिछले 40 साल में सत्ता का हस्तांतरण काबुल में कभी लोकतांत्रिक ढंग से नहीं हुआ। कभी खूनी तख्ता-पलट, कभी विदेशी हस्तक्षेप, कभी आंतरिक विद्रोह, कभी अराजकता- यही अफगान राजनीति का नजारा रहा है लेकिन इस बार ऐसा लग रहा था कि वहां भारत की तरह शांतिपूर्ण चुनाव होंगे और सत्ता का व्यवस्थित परिवर्तन होगा। हामिद […]