हमारे यहां दीपावली का पर्व सृष्टि के प्रारंभ से ही मनाया जाता रहा है। इस पर्व का विशेष महत्व है। दीपों का यह प्रकाश पर्व हमारे अंत: करण में व्याप्त अज्ञान अंधकार को मिटाकर ज्ञान का प्रकाश करने का प्रतीक पर्व है। हमारे यहां पर प्रत्येक सद्गृहस्थ के लिए आवश्यक था कि घर में अग्नि […]
Month: November 2012
हमारे यहां दीपावली का पर्व सृष्टि के प्रारंभ से ही मनाया जाता रहा है। इस पर्व का विशेष महत्व है। दीपों का यह प्रकाश पर्व हमारे अंत: करण में व्याप्त अज्ञान अंधकार को मिटाकर ज्ञान का प्रकाश करने का प्रतीक पर्व है। हमारे यहां पर प्रत्येक सद्गृहस्थ के लिए आवश्यक था कि घर में अग्नि […]
एक मात्र भारत ही ऐसी धर्मभूमि है, जहां भगवान विभिन्न रूपों में प्रकट होकर एक से अनेक स्वरूप व स्थान में पूजित होते हैं, स्वयं कर्म की प्रतिष्ठा करते हैं, कत्र्तव्य परायणता का आदर्श उपस्थित करते हुए सज्जनों का संरक्षण व दुष्टों का दमन करते हैं। यह अनेक रूपता अवतारों के रूप में भी होती […]
एक मात्र भारत ही ऐसी धर्मभूमि है, जहां भगवान विभिन्न रूपों में प्रकट होकर एक से अनेक स्वरूप व स्थान में पूजित होते हैं, स्वयं कर्म की प्रतिष्ठा करते हैं, कत्र्तव्य परायणता का आदर्श उपस्थित करते हुए सज्जनों का संरक्षण व दुष्टों का दमन करते हैं। यह अनेक रूपता अवतारों के रूप में भी होती […]
अनुसूचित जाति, जनजाति की अवधारणा नितांत भ्रामकभारतीय समाज में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति शब्दों की उत्पत्ति अंग्रेजी काल से आयी है। इससे पूर्व महाभारत युद्घ के पश्चात भारत के पराभव के काल में भारत में जाति व्यवस्था का श्रीगणेश हुआ। उस जाति व्यवस्था ने भारत के एक बहुत बड़े समाज को अछूत बना दिया। […]
अनुसूचित जाति, जनजाति की अवधारणा नितांत भ्रामकभारतीय समाज में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति शब्दों की उत्पत्ति अंग्रेजी काल से आयी है। इससे पूर्व महाभारत युद्घ के पश्चात भारत के पराभव के काल में भारत में जाति व्यवस्था का श्रीगणेश हुआ। उस जाति व्यवस्था ने भारत के एक बहुत बड़े समाज को अछूत बना दिया। […]
बात कई सौ वर्ष पुरानी है।उड़ीसा के पुरी राज्य के महाराजा अपने मंत्री के साथ घोड़े पर सवार हो शिकार के लिए जंगल में निकल पड़े ओर हिंसक-जीव शेर आदि की तलाश में वे बीयावान जंगल में बढ़ते ही चले गये।मई जून की भीषण गर्मी थी। सूर्य की तेज किरणों ने उनके शरीर को पसीने […]
बात कई सौ वर्ष पुरानी है।उड़ीसा के पुरी राज्य के महाराजा अपने मंत्री के साथ घोड़े पर सवार हो शिकार के लिए जंगल में निकल पड़े ओर हिंसक-जीव शेर आदि की तलाश में वे बीयावान जंगल में बढ़ते ही चले गये।मई जून की भीषण गर्मी थी। सूर्य की तेज किरणों ने उनके शरीर को पसीने […]
कितने सच होंगे अटल, अडवाणी पर आरोप
राजनीति में पार्टी प्रवक्ता का किसी भी दल मे महत्वपूर्ण स्थान है। प्रवक्ता समय-समय पर बयान देता है। विरोधियों द्वारा लगाये आरोपों का उत्तर देने के साथ ही अपने दल के हित में सदा कार्य करता है। किन्तु अब पहले की अपेक्षा राजनीति करने वालों का स्वभाव एक दम बदल चुका है। और शायद इसी […]
कितने सच होंगे अटल, अडवाणी पर आरोप
राजनीति में पार्टी प्रवक्ता का किसी भी दल मे महत्वपूर्ण स्थान है। प्रवक्ता समय-समय पर बयान देता है। विरोधियों द्वारा लगाये आरोपों का उत्तर देने के साथ ही अपने दल के हित में सदा कार्य करता है। किन्तु अब पहले की अपेक्षा राजनीति करने वालों का स्वभाव एक दम बदल चुका है। और शायद इसी […]