ओ३म् ‘धर्म का सत्यस्वरूप एवं मनुष्य के लिये धर्म पालन का महत्व’ =========== संसार में धर्म एवं इसके लिये मत शब्द का प्रयोग भी किया जाता है। यदि प्रश्न किया जाये कि संसार में कितने धर्म हैं तो इसका एक ही उत्तर मिलता है कि संसार में धर्म एक ही है तथा मत-मतान्तर अनेक हैं। […]