अपने स्थापना काल से ही आर्य समाज ने प्रत्येक प्रकार के पाखंड का पुरजोर विरोध किया है। हमारे देश में समाज को जिन ब्राह्मणों ने अपनी मूर्खतापूर्ण बातों से भ्रमित कर पाखंडों में फंसाया उन्हें आर्य समाज ने प्रारंभ से ही नकारा। यही कारण रहा कि आर्य समाज की पहचान एक ऐसी पवित्र क्रांतिकारी संस्था […]
पाखंड और आर्य समाज के पुरोहित, भाग 1