हम शांति पाठ करते समय ‘ओ३म् द्यौ: शांतिरंतरिक्षं शांति : पृथिवी:….’ के मंत्र से द्यौलोक से लेकर पृथ्वी तक और जलादि प्राकृतिक पदार्थों से लेकर वनस्पति जगत तक में शांति शांति भासने का वर्णन करते हैं, और अंत में इन सबमें व्याप्त इस शांति के लिए प्रार्थना करते हैं कि यही शांति मुझे भी प्राप्त […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
विश्व को ज्ञान विज्ञान का मार्ग दिखाने वाले ‘विश्वगुरू’ भारत के विषय में आज का सच यह है कि यहां हिंदी पुस्तकों के पाठक अन्य देशों की अपेक्षा बहुत कम हैं। देहात में अशिक्षा अधिक है, जो लोगों को पुस्तकों से दूर करती है तो शहरों में हर वस्तु के प्रति व्यक्ति के दृष्टिकोण में […]
देश के राजनीतिक दलों और राजनीतिज्ञों को केन्द्र सरकार के उस शपथपत्र से वास्तव में ही राहत मिली होगी जिसे उसने सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत कर कहा है कि राजनीतिक दलों को आरटीआई कानून की सीमाओं में नही लाया जा सकता। केन्द्र का मानना है कि ऐसा करने से राजनीतिक दलों का कामकाज प्रभावित होगा। […]
उपरिलिखित निर्देश हमारे हिन्दू समाज की भीतरी दुरावस्था की ओर संकेत करते हुए हमें उस समय की वास्तविकता से परिचित कराते हैं। स्वतन्त्र भारत में हमें भारत के नवनिर्माण के लिए इस दुरावस्था को दूर करने के लिए लड़ाई लडऩे की आवश्यकता थी उससे हमने मुँह फेर लिया। हमने सामाजिक विकृति के विरूद्घ एक आन्दोलन […]
आर्यधर्म की विशेषताएं जिस आर्य (हिन्दू) धर्म की रक्षार्थ लड़े गये लंबे स्वातंत्र्य समर की कहानी हम लिख रहे हैं उसके विषय में स्वामी विज्ञानानंद जी महाराज ने अपनी पुस्तक ‘हिन्दू नाम की प्राचीनता और विशेषताएं’ के पृष्ठ भाग पर लिखा है कि-‘‘यह धर्म (अपने मूल स्वरूप में) जनतंत्रवादी है- अधिनायकवादी नही, बुद्घिवादी है-पैगंबरवादी नही, […]
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इन दिनों स्वच्छता पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। अच्छा लगता है जब लोगों को भी इस ओर जागरूक होते देखा जाता है। सचमुच हमने अपने मरने के लिए अपने आप ही प्रकृति और पर्यावरण के साथ इतनी छेड़छाड़ की है कि अब यदि इसकी भरपायी न की गयी तो स्थिति संभालनी […]
18 अगस्त 2015 का दिन भारत के इतिहास के लिए एक स्मरणीय दिवस बन गया है। इस दिन न्यायपालिका के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए देश में जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अपना आदेश देते हुए कहा है कि जनप्रतिनिधियों, नौकरशाहों और अन्य उच्च […]
भारत में ऐसी बहुत सी जातियाँ हैं जो अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति में परिगणित की जाती हैं। भारतीय समाज के विषय में यह एक रोचक तथ्य है कि यहाँ जो जातियाँ निम्न मानी जाती हैं, उनसे भी निम्न जातियों को ये अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की जातियाँ हेयभाव से देखती हैं। जैसे जाटव […]
हमारे देश में राष्ट्र-निर्माण की बातें अक्सर लोग अपने भाषणों में और अपनी परस्पर की चर्चा में करते हैं। देश के स्वाधीनता दिवस और गणतंत्र दिवस की बेला पर यह चर्चा और भी तीव्र हो जाती है। कई लोग चरित्र-निर्माण की बातें करते हैं। उसी में राष्ट्रनिर्माण को लाकर जोड़ देते हैं, तो कई चरित्र-निर्माण […]
महर्षि दयानंद का मत जिन लोगों ने विदेशियों का अंधानुकरण करते-करते स्वदेश और स्वदेशी की भावना को अपने लिए अपमानजनक समझकर उसे कोसना आरंभ किया, उन लोगों को देखकर महर्षि दयानंद सरस्वती जी महाराज को असीम पीड़ा हुआ करती थी। उन्होंने ‘सत्यार्थ प्रकाश’ समुल्लास-11 में लिखा है- ‘‘अपने देश की प्रशंसा वा पूर्वजों की बड़ाई […]