1857 की क्रांति न केवल भारत के राष्ट्रीय इतिहास के लिए अपितु आर्य समाज जैसी क्रांतिकारी संस्था के लिए भी एक महत्वपूर्ण वर्ष है । इस समय भारत के उस समय के चार सुप्रसिद्ध संन्यासी देश में नई क्रांति का सूत्रपात कर रहे थे। इनमें से स्वामी आत्मानंद जी की अवस्था उस समय 160 वर्ष […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
========== वैदिक धर्म सृष्टि का सबसे पुराना धर्म है। यह धर्म न केवल इस सृष्टि के आरम्भ से प्रचलित हुआ है अपितु इससे पूर्व जितनी बार भी प्रलय व सृष्टि हुई हैं, उन सब सृष्टि कालों में भी एकमात्र वैदिक धर्म ही पूरे विश्व में प्रवर्तित रहा है। इसका कारण यह है कि ईश्वर, जीव […]
आचार्य श्री विष्णु गुप्त मैं भेंड नहीं हूं, मैं शियार भी नहीं हूं , मैं गंवार नहीं हूं , मैं कानून से भी अनभिज्ञ नहीं हूं , मैं संविधान से भी अनभिज्ञ नहीं हूं। मैं भविष्य के खतरे से भी अनभिज्ञ नहीं हूं, मै पुलिस को सजा देने की कुप्रवृति का समर्थन नहीं कर सकता, […]
भारत में ध्वजा शब्द झंडे का पर्यायवाची है, प्राचीन काल में राज्यकर्मियों द्वारा उठाकर ले जाने वाली ध्वजा को राजा या सेना के प्रतीक रूप में परिभाषित किया गया है। शुद्घ शाब्दिक रूप में ध्वजा से तीन चीजों का बोध होता है- 1. पताका (हवा में फहराने वाला कपड़े या किसी अन्य वस्तु का टुकड़ा) […]
स्पष्ट तौर फर्जी सदस्यता और फर्जी कार्यकर्ताओं के दुष्परिणाम झेल रही है भाजपा। राज्यों में फर्जी कार्यकताओं और फर्जी सदस्यता का दुष्परिणाम यह निकल रहा है कि प्रदेशों में भाजपा अपनी साख लगातार खो रही है, भाजपा की सरकारें दफन भी हो रही हैं। राज्यों में भाजपा का जनाधार और लोकप्रियता लगातार गिर रही है,सिमट […]
डॉ राजेंद्र प्रसाद जब भारत के पहले राष्ट्रपति बने तो वह वास्तव में उस भारत के प्रतिनिधि थे जिस भारत को स्वतंत्र कराने के लिए देश ने लंबा संघर्ष किया था । वह संविधान सभा के अध्यक्ष भी थे। अपनी शानोशौकत के लिए प्रसिद्ध रहे देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु की इच्छा नहीं […]
मैं संन्यासी हूं तो क्या हुआ? बात 1957 की है। आर्य समाजी नेता महाशय कृष्ण धर्मशाला की कारागार में बंदी का जीवन यापन कर रहे थे। उनके सुपुत्र वीरेन्द्र और महात्मा आनंद स्वामीजी भी उन्हीं के साथ बंदी बनाकर रखे गये थे। महाशय कृष्ण अब वृद्घ हो चले थे, इसलिए कोई न कोई व्याधि उनका […]
ओ३म् ========== परमात्मा ने सृष्टि के आरम्भ में वेदों का ज्ञान दिया था। इस ज्ञान को देने का उद्देश्य अमैथुनी सृष्टि में उत्पन्न व उसके बाद जन्म लेने वाले मनुष्यों की भाषा एवं ज्ञान की आवश्यकता को पूरा करना था। सृष्टि के आरम्भ से लेकर महाभारत काल पर्यन्त भारत वा आर्यावत्र्त सहित विश्व भर की […]
हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ गैंगरेप और हत्या के मामले में पूरा देश गुस्से में है. सख्त सजा देने की मांग को लेकर लोग सड़कों पर उतर आए हैं. वहीं संसद में भी तत्काल सजा की मांग की गई है. इस बीच एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में पीड़िता के परिजनों ने जो […]
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति थे और संविधान सभा के अध्यक्ष भी थे। लेकिन, देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू नहीं चाहते थे कि डॉक्टर राजन भारत के राष्ट्रपति बनें। लेकिन नेहरू के विरोध के बावजूद वो 1950, 1952 और 1957 में लगातार तीन बार देश के राष्ट्रपति चुने गए […]