अध्याय 5 पांच महायज्ञ गृहस्थ को पांच महायज्ञ के करने का विधान हमारे ऋषियों ने किया है। यह पंच महायज्ञ है:-ब्रह्मयज्ञ, देवयज्ञ, पितृयज्ञ,अतिथियज्ञ और बलिवैश्वदेव यज्ञ । इनमे प्रथम है-ब्रह्मयज्ञ । ईश्वरोपासना और धर्म ग्रंथों के अध्ययन का नाम ब्रह्मयज्ञ है। ईश्वरीय गुणों का धारण और मोक्ष की ओर अग्रसरता आदि लाभ हैं।धर्मग्रंथों के अध्ययन […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
आज हिंदू पद पादशाही , हिंदू राष्ट्रनीति , राष्ट्रधर्म और हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती है । जिनका जन्म 19 फरवरी 1630 को हुआ था। यह भी एक संयोग ही है कि 19 फरवरी को शिवाजी का जन्मदिवस है तो 20 फरवरी (1707) औरंगजेब का मृत्यु दिवस है। जब भी किसी […]
महर्षि दयानन्द सामाजिक समता के परमोपासक थे। उन्होंने सामाजिक असमता के लिए भिन्न-भिन्न मतों के प्राबल्य को उत्तरदायी माना। इसलिए वह विभिन्न मतों को समाप्त करके देश में एक मत = ‘वेदमत’ की स्थापना के स्पष्ट पक्षधर थे। उन्होंने लिखा–‘‘उस समय सर्व भूगोल में एक मत था। उसी में सबकी निष्ठा थी और सब एक […]
पूजनीय प्रभु हमारे – – – – -अध्याय 5 प्रकृति चलायमान है,संसार परिवर्तनशील है। यहां हर पल परिवर्तन हो रहा है। जीव का आश्रय यह परिवर्तनशील संसार नहीं हो सकता। पर इसके उपरांत भी उसे इसी संसार में आना पड़ता है,कर्मभोग भोगने के लिए। इस जीव का साथी तो नित्य प्रभो है,उस साथी से मिलने […]
सवाल यह नहीं है कि लोग विरोध कर रहे हैं। हर कोई विरोध करने लगेगा तो क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी सोमवार(फरवरी 17) को दिल्ली के शाहीन बाग में दो महीने से ज्यादा समय से चल रहे विरोध-प्रदर्शन को लेकर की। अदालत ने वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन को मध्यस्थ नियुक्त […]
समाज , सरकार और मीडिया
डाॅ. राकेश राणा किसी भी समाज में मीडिया और राजनीति का सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक व्यवस्था से गहरा संबंध होता है। मीडिया विशेषतः विकास-संचार और लोकतांत्रिक सहभागिता का काम देखता है। विकास और स्वतंत्रता अंर्तसंबंधित है। जिनका पहिया स्वतंत्र मीडिया की धुरी पर घूमता है। राजनीतिक व्यवस्थाएं मीडिया की इसी स्वतंत्रता को कुतरती रहती है, […]
7 मई 2016 में छत्तीसगढ़ की रायगढ़ पुलिस को दो लाशें मिली। चेहरा बुरी तरह कुचला हुआ था। बाद में इन शवों की पहचान कल्पना दास (32) और उसकी बेटी पार्वती दास उर्फ बबली (14) के तौर पर हुई। अब इस मामले में पूर्व ओडिशा के विधायक अनूप कुमार साय की गिरफ्तारी हुई है। साय […]
तानाजी मालुसरे के बलिदान दिवस पर 17 फरवरी 1767 का वह ऐतिहासिक दिन था जब कोंडाणा का किला जीतकर तानाजी मालुसरे ने वहां पर केसरिया झंडा फहराया था। आज हम अपने उस महान शूरवीर तानाजी मालुसरे के बलिदान दिवस पर उन्हें अपने श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। माता जीजाबाई प्रतिदिन की भांति उस दिन भी […]
पूजनीय प्रभु हमारे… अध्याय — 4 जीवन एक साधना है, इतनी ऊंची साधना कि जिसकी ऊंचाई को कोई नाप नही सकता। जितनी ऊंची जिसकी साधना होती है उतना ही महान उसका जीवन होता है। भारत में हमारे पूर्वजों ने दीर्घकाल तक महान जीवन की महान साधना की, जिसके परिणाम स्वरूप युग-युगों तक यह विश्व जीवन […]
वीर सावरकर ने सन् 1937 में अपने प्रथम अध्यक्षीय भाषण में कहा था कि हिंदू ही इस देश के राष्ट्रीय हैं और आज भी अंग्रेजों को भगाकर अपने देश की स्वतंत्रता उसी प्रकार प्राप्त कर सकते हैं, जिस प्रकार भूतकाल में उनके पूर्वजों ने शकों, ग्रीकों, हूणों, मुगलों, तुर्कों और पठानों को परास्त करके की […]