आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार कहते हैं “झुकती है दुनियां झुकाने वाला चाहिए”, जिसे चरितार्थ कर रहे हैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। मुद्दा चाहे आतंकवाद का हो या वर्तमान संक्रामक बीमारी COVID-19 पूरी दुनिया के सामने कोरोना एक बड़ी समस्या की तरह खड़ा हुआ है, ऐसे में अब चीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नक्शेकदम पर चलने […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
‘एक हाथ में माला और एक हाथ में भाला’ अर्थात शस्त्र और शास्त्र का उचित समन्वय बनाना आर्य हिंदू संस्कृति का एक बहुत ही गहरा संस्कार है । भारत की चेतना में यही संस्कार समाविष्ट रहा है । इसी संस्कार ने समय आने पर भारत में संत को भी सिपाही बनाने में देर नहीं की […]
मनुष्य की कामनाएं अनंत हैं । अलग – अलग अवसरों पर इन कामनाओं के अलग-अलग स्वरूप हमारे सामने आते हैं । ऐसा नहीं है कि कामनाएं सदा ही बुरी होती हैं । कामनाएं अच्छी भी होती हैं । वैदिक संस्कृति की यह विशेषता है कि जो अच्छी कामनाएं हैं , शुभकामनाएं हैं , उनका तो […]
जमशेदपुर । र्भया के चारों गुनहगारों को फांसी दिए जाने के उपलक्ष में महिला उत्थान समिति के द्वारा जुगसलाई में एक शानदार जश्न का आयोजन किया गया । यह आयोजन राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा पांडेय एवं राष्ट्रीय महासचिव अरुणा पोद्दार की उपस्थिति में किया गया। निर्भया के चार गुनाहगारों को फांसी दिए जाने के उपलक्ष में […]
राज्यसभा का चुनावी खेल , दांव पर कांग्रेस
प्रमोद भार्गवमध्य-प्रदेश में चल रहे शह और मात के खेल में भाजपा ने कांग्रेस को या कांग्रेस ने भाजपा को पछाड़ा, इसका अंतिम निर्णय राज्यसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद ही होगा। तब तक प्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ की सरकार को अस्थिर बनाए रखने और राज्यसभा चुनाव के समीकरण बनाने व बिगाड़ने की कुटिल […]
क्या ईश्वर सृष्टि कर्त्ता है
प्रस्तुतकर्ता– भूपेश आर्यप्रश्न:- जब परमात्मा के शरीर ही नहीं,तो संसार कैसे बना सकता है,क्योंकि बिना शरीर के न तो क्रिया हो सकती है और न कार्य हो सकता है?उत्तर:- यह भी तुम्हारी भूल है।चेतन पदार्थ जहां पर भी उपस्थित होगा,वहां वह क्रिया कर सकेगा और क्रिया दे सकेगा।जहां पर उपस्थित नहीं होगा वहां पर शरीर […]
ईश्वर और हम
ओ३म ======= हम एक मनुष्य हैं। मनुष्य कोई जड़ पदार्थ नहीं अपितु एक चेतन प्राणी होता है। चेतन प्राणी इस लिये है कि मनुष्य के शरीर में एक चेतन सत्ता जीव वा जीवात्मा का वास है। यह चेतन सत्ता शरीर से पूर्णतः पृथक होती है। चेतन व जड़ परस्पर एक दूसरी सत्ता में परिवर्तनीय नहीं […]
अभी 3 घण्टे पहले, ह्यूस्टन में अमेरिकी सरकार के लिए Infectious Disease पर शोध कर रहे एक चिकित्सा वैज्ञानिक, जो कॉलेज में मेरे सहपाठी हैं, और हमारी मित्रता उनके अमेरिका जाने के बाद भी उतनी ही गहरी हैं, का फोन आया । उनका पहला ही वाक्य था, “देवेंद्र जी, ये हमारे PM मोदी कोई महामानव […]
सत्यमेव जयते की भारतीय परंपरा
हमारे देश में सरकारी मंत्रालयों , विभागों व संस्थानों के सूत्र वाक्य संस्कृत में निर्धारित किए गए हैं । उनसे पता चलता है कि वह ये सूत्र वाक्य हमें सूत्र या बीज रूप में प्रेरणा दे रहे हैं और हमारे राजधर्म को निर्धारित कर रहे हैं । यही कारण है कि हमारे देश के संसद […]
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार भारत में कोरोना से 186 के लोगों के प्रभावित होने से पूर्व ही मोदी सरकार युद्ध स्तर पर काम कर रही है, जबकि पडोसी देश पाकिस्तान में भारत से कहीं अधिक फैली बीमारी पर वहां की सरकार को जनता के हित चिन्ता नहीं। वर्ल्ड बैंक और IMF से कर्जा माफ़ और भारत […]