ओ३म ======= हम एक मनुष्य हैं। मनुष्य कोई जड़ पदार्थ नहीं अपितु एक चेतन प्राणी होता है। चेतन प्राणी इस लिये है कि मनुष्य के शरीर में एक चेतन सत्ता जीव वा जीवात्मा का वास है। यह चेतन सत्ता शरीर से पूर्णतः पृथक होती है। चेतन व जड़ परस्पर एक दूसरी सत्ता में परिवर्तनीय नहीं […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
अभी 3 घण्टे पहले, ह्यूस्टन में अमेरिकी सरकार के लिए Infectious Disease पर शोध कर रहे एक चिकित्सा वैज्ञानिक, जो कॉलेज में मेरे सहपाठी हैं, और हमारी मित्रता उनके अमेरिका जाने के बाद भी उतनी ही गहरी हैं, का फोन आया । उनका पहला ही वाक्य था, “देवेंद्र जी, ये हमारे PM मोदी कोई महामानव […]
सत्यमेव जयते की भारतीय परंपरा
हमारे देश में सरकारी मंत्रालयों , विभागों व संस्थानों के सूत्र वाक्य संस्कृत में निर्धारित किए गए हैं । उनसे पता चलता है कि वह ये सूत्र वाक्य हमें सूत्र या बीज रूप में प्रेरणा दे रहे हैं और हमारे राजधर्म को निर्धारित कर रहे हैं । यही कारण है कि हमारे देश के संसद […]
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार भारत में कोरोना से 186 के लोगों के प्रभावित होने से पूर्व ही मोदी सरकार युद्ध स्तर पर काम कर रही है, जबकि पडोसी देश पाकिस्तान में भारत से कहीं अधिक फैली बीमारी पर वहां की सरकार को जनता के हित चिन्ता नहीं। वर्ल्ड बैंक और IMF से कर्जा माफ़ और भारत […]
नई दिल्ली ( श्रीनिवास आर्य )अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संदीप कालिया ने कहा है कि मां भारती के सच्चे साधक देवता स्वरूप भाई परमानंद को केंद्र की मोदी सरकार को भारत रत्न प्रदान करना चाहिए । श्री कालिया ने उगता भारत के साथ एक विशेष बातचीत में कहा कि भारत के […]
भयभीत होकर कोरोना से नहीं लड़ सकते
ललित गर्ग इस बात में बड़ी सचाई है कि सबसे बुरा वह रोग होता है, जो आपको भीतर तक भयभीत एवं असुरक्षित कर देता है। असुरक्षा का भाव एवं भय बहुत खतरनाक चीज है। इनदिनों यह भय एवं भाव सम्पूर्ण दुनिया में व्याप्त है, सम्पूर्ण मानव जाति के लिये गंभीर खतरा बन गया है, उसे […]
जब जब भी कोई प्राकृतिक आपदा आती है या किसी भी प्रकार से मनुष्य के लिए कोई ऐसी त्रासदी भयानक रूप धारण कर हमारे सामने आती है जो जानलेवा सिद्ध हो सकती हैं , तब स्वभाविक रूप से मनुष्यों के अंदर एक भय पैदा हो जाता है । उस भय को कैसे कैश किया जाए […]
ओ३म् ================= मनुष्य संसार में माता-पिता से एक शिशु के रूप में जन्म लेता है। वह पहली बार जब आंखे खोलता है तो शायद अपनी माता को अपनी आंखों के सम्मुख देखता है। माता के बाद वह अपने परिवार के अन्य सदस्यों यथा पिता व भाई-बहिनों सहित दादा व दादी आदि को देखता है। इसके […]
ओ३म् =========== संसार में तीन पदार्थ सत्य हैं। इसका अर्थ यह है कि संसार में तीन पदार्थों की सत्ता है। यह तीन पदार्थ अनादि, नित्य, अविनाशी तथा अमर हैं। यह पदार्थ सदा से इस जगत में हैं और अनन्त काल तक रहने वाले हैं। यह तीन पदार्थ हैं ईश्वर, जीवात्मा और प्रकृति। ईश्वर व जीवात्मा […]
1938 में हरिपुरा अधिवेशन के वार्षिक अधिवेशन के लिए सुभाष चंद्र बोस को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था । हरिपुरा में कांग्रेस अधिवेशन के समय सुभाष बोस ने जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय योजना समिति की स्थापना की जिसके सदस्यों में बिङला,लाला श्रीराम, विश्वरैया शामिल थे। 1939 के त्रिपुरी कांग्रेस के वार्षिक […]