भारत में जितनी भी क्षत्रिय जातियां आज मिलती हैं वे सभी की सभी भारत की उस प्राचीन क्षत्रिय परंपरा की प्रतिनिधि हैं , जिसे हमारी वर्ण व्यवस्था में क्षत्रिय वर्ण के रूप में मान्यता दी गई थी । वास्तव में मनुष्य के तीन शत्रु माने गए हैं – अन्याय ,अज्ञान और अभाव। जहाँ ब्राह्मण वर्ण […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला जमीन पर
तू ज़िन्दा है तो ज़िन्दगी की जीत में यकीन कर, अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर! सुबह औ’ शाम के रंगे हुए गगन को चूमकर, तू सुन ज़मीन गा रही है कब से झूम-झूमकर, तू आ मेरा सिंगार कर, तू आ मुझे हसीन कर! अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन […]
– मोदी 33 करोड़ परिवारों के सदस्य नहीं मुखिया बन गये हैं प्रवीण गुगनानी कोरोना वायरस संकट के कारण देश में लगाए गए 21 दिनों के लॉकडाउन को देखते हुए मोदी सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विश्व के सबसे बड़े आर्थिक पैकेज की घोषणा की। इसके साथ ही मोदी जी ने जी 20 […]
– मुरली मनोहर श्रीवास्तव जिंदगी आज दो पाटों के बीच पीस रही है। चारो तरफ हाहाकार मची है। गांव से लेकर शहर तक सभी लोग अपने घरों, झोपड़ियों में कैदी की जिंदगी जी रहे हैं। अगर इसे हाई प्रोफाइल तरीके से देखी जाए तो पूरा देश ‘बिग बॉस’ के घर जैसा बनकर रह गया है। […]
डॉ अवधेश कुमार अवध चीन की वूहान-भूमि से उपजा नोबेल कोरोना वायरस आज दुनिया के लिए मृत्यु का पर्याय बन गया है। वूहान शहर मृतप्राय पड़ा है। स्पेन, इटली और अमेरिका तड़पकर गिरते शवों की अन्त्येष्टि नहीं कर पा रहे हैं। पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बर्मा जैसे लडखड़ाते देश गौर तलब नहीं रहे। भारत इक्कीस दिनों की […]
ओ३म् ============ ऋषि दयानन्द (1825-1883) के समय में सृष्टि के आदिकाल से आविर्भूत ज्ञान व विज्ञान पर आधारित सत्य सनातन वैदिक धर्म विलुप्त हो चुका था। इसके स्थान पर देश में वैदिक धर्म का स्थान अविद्या, अन्धविश्वास, पाखण्ड, सामाजिक असमानता, पक्षपात व अन्यायपूर्ण व्यवहार तथा परम्पराओं से युक्त मत-मतान्तरों ने ले लिया था। मूर्तिपूजा, फलित […]
[प्रो. सतीश कुमार]। COVID-19: कोरोना के खतरे से निपटने की दिशा में भारत की कूटनीति ने दुनिया के सामने एक नई मिशाल पेश की है। ईरान, इटली और यूरोप के तमाम देशों में रहने वाले भारतीयों को देश वापस लाया गया, जबकि उन्हें वहां से लाने में बहुत ज्यादा मुसीबतें सामने आई थीं। इसके अलावा […]
पृथ्वी के समस्त प्राणधारियों को जीवन इस सूर्य से मिलता है। पृथ्वी सूर्य से ऊर्जा प्राप्त करती है और यही ऊर्जा इसकी सतह को गर्माती है। वैज्ञानिकों का मत है कि इस ऊर्जा का लगभग एक तिहाई भाग पृथ्वी को घेरने वाली गैसों के आवरण अर्थात वायुमंडल से निकलते समय छिन्न-भिन्न हो जाता है। सूर्य […]
ओ३म् ========== प्रायः सभी मत-मतान्तरों में ईश्वर के अस्तित्व को स्वीकार किया गया है परन्तु उनमें से कोई ईश्वर के यथार्थ स्वरूप को जानने तथा उसका अनुसंधान कर उसे देश-देशान्तर सहित अपने लोगों में प्रचारित करने का प्रयास नहीं करते। ईश्वर यदि है तो वह दीखता क्यों नहीं है, इसका उत्तर भी मत-मतान्तरों के पास […]
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार एक तरफ केंद्र और राज्य सरकारें कोरोना को परास्त करने कमर कसे हुए हैं, लेकिन कोरोना पीड़ित इधर-उधर भाग औरों के जीवन को जोखिम में डाल रहे हैं। पुलिस और डॉक्टर को जनसेवा छोड़ उन्हें तलाशने के लिए भागना पड़ रहा है। ऐसे भगोड़े जब पकड़ आएं, उस स्थिति में उन पर […]