मृत्युंजय दीक्षित एक ओर जहां समाजवादी पार्टी सहित सभी पार्टियों ने मिशन- 2017 को लेकर अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं वहीं दूसरी अरे प्रदेश में कई सवाल एक बार फिर नये सिरे से उठ रहे हैं कि आखिर क्या कारण है कि उप्र में कानून व्यवस्थासुधरने का नाम नहीं ले रही हैं और खासकर […]
Author: अमन आर्य
योग ऋत है , सत् है, अमृत है।योग बिना जीवन मृत है।। 1. योग जोड़ है, वेदों का निचोड़ है।योग में ही व्याप्त सूर्य नमस्कार बेजोड़ है।। 2. योग से मिटती हैं आधियाँ व्याधियाँ।योग से मिटती हैं त्वचा की कोढ़ आदि विकृतियां।।3. योग जीवन को जीने की जडी बूटी है।योग ज्ञानामृत पीने की खुली हुई […]
सिर्फ दो सौ वर्ष पहले तक भारतीय घर में चाय नहीं होती थी। आज कोई भी घर आये अतिथि को पहले चाय पूछता है। ये बदलाव अंग्रेजों की देन है। कई लोग ऑफिस में दिन भर चाय लेते रहते है., यहाँ तक की उपवास में भी चाय लेते है। किसी भी डॉक्टर के पास […]
बनवारी पिछली एक शताब्दी में अंगरेजी शिक्षा ने हमें जितना नियंत्रित किया है, उतना बीसवीं सदी के पूर्वार्ध तक चला ब्रिटिश राज भी नहीं कर पाया था। अंगरेजी शिक्षा ने हमें अपनी सभ्यता के मूल मार्ग से भटका दिया है और उसने हमसे अपने पिछले इतिहास को समझने की दृष्टि छीन ली है। हमारे इतिहास […]
प्र्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिश कर्ता जकी-उर-रहमान लखवी को जेल से रिहा करने के मामले एवं पाकिस्तान के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में कार्रवाई के प्रस्ताव को चीन द्वारा रोक जाने पर भारत की गंभीर चिंता को आज चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के सामने मजबूती से उठाया। […]
महाशक्तियों की कूटनीतिमानव के मुखौटे में दान को, इस तरह से ये ढालते हैं।बंशी की धुन पर मस्त मृग, ज्यों आखेटक नही पहचानते हैं। क्या कभी सोचकर देखा है, इस छल प्रपंच का क्या होगा?यदि नमाजी नही मस्जिद में, ऐसी मस्जिद का क्या होगा? मानव ही मानव बन न सका, बहुमुखी विकास का क्या होगा?क्या […]
घनश्याम भारतीय प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेन्द्र मोदी ने जिस अच्छे दिन की कल्पना की थी और देश वासियों को उसके सपने दिखाये थे उन्हें साकार होने में सामाजिक विदू्रपताएं बाधक बनी हुई है। जिन्हें दूर किये बिना अच्छे दिन की कल्पना बेमानी होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि व्यक्तियो की एक लम्बी श्रृंखला से बनने वाला […]
धरती की प्यास बुझा नहरें, धरती पर लातीं हरियाली।विकास की बनती वृहत्त योजना, हर घर में आये खुशहाली। विश्व बैंक समृद्घ राष्ट्र, देते हैं मदद ये बड़ी-बड़ी।पिछड़ापन दूर भगाने को, निर्माण हो रहा घड़ी-घड़ी। जीवनोपयोगी वस्तुओं के, बड़े उद्योग लगाये जाते हैं।शंका होती हमको मन में, क्या कोई हमें बताएगा?विधवा और अनाथ के आंसू, क्या […]
वर्षा शर्मा वृक्ष तथा विभिन्न वनस्पतियां धरती पर हमारे जीवन के लिए बहुत उपयोगी हैं। भारतीय संस्कृति में भी प्राचीन समय से ही वृक्षों तथा वनस्पतियों को पूजनीय माना जाता रहा है। विभिन्न वनस्पतियां हमारे स्वास्थ्य की रक्षा में भी सहायक सिद्ध होती हैं। ऐसा ही एक छोटा परन्तु बहुत महत्वपूर्ण पौधा होता है तुलसी […]
प्रमोद भार्गव व्यक्ति विशेष के आदर्श व गुणों को जीवन में उतारने की बजाय उसका मंदिर बनाना और मूर्ति लगाकर पूजा-अर्चना करना अंधविश्वास को बढ़ावा देने के साथ चाटूकारिता का भी चरम है। कुछ ऐसा ही प्रपंच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कट्टर समर्थक रमेश उद्धव ने राजकोट में पांच लाख रुपए खर्च करके मंदिर बनाकर […]