मनमोहन सिंह आर्य महर्षि दयानन्द सरस्वती (1825-1883) ने प्रज्ञाचक्षु दण्डी गुरू स्वामी विरजानन्द सरस्वती, मथुरा से वैदिक आर्ष व्याकरण एवं वैदिक शास्त्रों का अध्ययन कर देश व संसार से अविद्या हटाने के लिए ईश्वरीय ज्ञान वेदों का प्रचार किया। उनके वेद प्रचार आन्दोलन का देश और समाज पर ही नहीं अपितु विश्व पर व्यापक प्रभाव […]
Author: अमन आर्य
क्या झील का खामोश दर्पण, खोया है उनकी याद में?क्या ध्यानमग्न हो हिमगिरि भी, उलझे हैं इस विवाद में? विरह की सी धुन लगती है, झरनों के निनाद में।कोई तो बोलो, आज अरे, मेरे वाद के प्रतिवाद में। जीवन का ये जटिल प्रश्न, कैसे बने सरल?जीवन बीत रहा पल-पल………….. विचित्र विधाता की सृष्टि को, निरख […]
अमेरिकन सरकारी संस्था के प्रतिवेदन अनुसार , अमेरिका मे 41 प्रतिशत लोग केन्सर का भोग बने है । अर्थात दो पुरुष मे से एक पुरुष केनसर पीडि़त एवं तीन महिला मे से एक महिला । इस संस्था ने खाद्य पदार्थो मे हो रहे असीमित रसायणों के उपयोग को दोषी माना है । कुछ रसायण ऐसे […]
शुभा दुबे लंकिनी के पास से चलकर वीरवर हनुमानजी सीताजी की खोज करने लगे। उन्होंने रावण के महल का कोना कोना छान डाला, किंतु कहीं भी उन्हें सीताजी के दर्शन नहीं हुए। सीताजी को न देख पाने के कारण वह बहुत ही दु:खी और चिंतित हो रहे थे। रावण के महल में मंदोदरी को देखकर […]
दक्षिण भारत के संत (14) सन्त कुलशेखर अलवार
बी एन गोयल हे भगवन मैं कब आप के दिव्य दर्शन कर सकूँगा। हे प्रभु राम, मैं अशांत हूँ । मुझे कब आप का अनुग्रह मिलेगा। मेरा मन भटकता रहता है। मैं कब इसे आप के चरण कमलों में लगा सकूँगा। मेरे मन में कब आप के प्रति निष्ठा जागेगी । मुझे कब आप का […]
भारत में sunday की छुट्टी का कारण
हमारे ज्यादातर लोग sunday की छुट्टी का दिन enjoy करने में लगाते है। उन्हें लगता है, की हम इस sunday की छुट्टी के हक़दार है। क्या हमें ये बात का पता है, की sunday के दिन हमें छुट्टी क्यों मिली? और ये छुट्टी किस व्यक्ति ने हमें दिलाई? और इसके पीछे उस महान व्यक्ति का […]
दीनदयाल जी की याद दिलाती एक किताब
लोकेन्द्र सिंह भारतीय जनता पार्टी के प्रति समाज में जो कुछ भी आदर का भाव है और अन्य राजनीतिक दलों से भाजपा जिस तरह अलग दिखती है, उसके पीछे महामानव पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तपस्या है। दीनदयालजी के व्यक्तित्व, चिंतन, त्याग और तप का ही प्रतिफल है कि आज भारतीय जनता पार्टी देश की सबसे […]
शिव की शक्ति और गंगा की भक्ति
अशोक प्रवृद्ध भारतीय पौराणिक इतिहास की सबसे महत्वदपूर्ण कथा गंगावतरण, जिसके द्वारा भारतवर्ष की धरती पवित्र हुई, में इक्ष्वाकु वंशीय दिलीप के पुत्र भगीरथ की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर शिव ने गंगा की धारा को देवलोक से भूलोक में गिरते समय अपनी जटा में सम्भालने के लिए हामी भर दी । तब ब्रह्मा के […]
लोकतांत्रिक भूमिका से दूर होती कांग्रेस
सुरेश हिन्दुस्थानी वर्तमान में भारत की संसद में जिस प्रकार का विरोधाभास दिखाई दे रहा है, उसमें लोकतंत्र की धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं। अपने अपने पक्ष पर फेविकोल की तरह चिपकी हुई दोनों प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी टस से मस होने का नाम तक नहीं ले रहीं है। ऐसे […]
दिनेश चंद्र त्यागी स्वतंत्र भारत के इतिहास में 7 नवंबर 1966 वह अविस्मरणीय दिवस है जिस दिन राजधानी दिल्ली में सर्वदलीय गोरक्षा महाभियान समिति के तत्वाधान में गोवंश हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर संसद के सामने अभूतपूर्व विराट प्रदर्शन के लिए 10 लाख गोभक्तों का जनसमुद्र उमड़ पड़ा था। इतना विराट […]