चित्रकूट। अंतर्राष्ट्रीय इतिहासकार सम्मेलन के दूसरे सत्र में डॉ कुसुमलता केडिया और डॉ राकेश आर्य के साथ वैद्य राजेश कपूर का उद्बोधन सुनकर लोगो ने दांतों तले उंगलियां दबा लीं। डॉ कुसुम लता केडिया ने दर्जन भर किताबों और विविध आख्यानों के साथ ही इस बात को सिद्ध किया कि पश्चिमपरस्त इतिहासकारों ने मनगढंत तथ्यों […]