स्वामी दयानन्द की इन पंक्तियों से स्पष्ट है कि महर्षि दयानंद सरस्वती जनता में इतना संभल कर बोलते थे कि स्वतंत्रता की भावना तो जनमानस में रच-बस जाए, परंतु क्रूर अंग्रेज शासकों के पंजे से भी बचा जा सके, स्वदेशी आंदोलन का प्रचार प्रसार करने, उसके लिए जनमत तैयार करने एवं पराकाष्ठा तक पहुंचाने में […]
Author: अमन आर्य
“कर्नाटक ने दिए 2019 के संकेत”
लोगों को आशंका थी कि कर्नाटक में भाजपा का अश्वमेघ का घोड़ा अटक जाएगा पर कर्नाटक की जनता ने जिस प्रकार का जनादेश दिया है उससे यह तो स्पष्ट हो ही गया है कि वहां के लोग राष्ट्र हित में उचित निर्णय लेना जानते हैं। इस चुनाव पर सारे देश की निगाहें थीं और इसका […]
राकेश आर्य (बागपत) देवियों और सज्जऩों ! आर्यसमाज के प्रवर्तक महर्षि दयानन्द सरस्वती ने ‘सत्यार्थप्रकाश’ नामक ग्रन्थ की रचना करके मानव जाति का अवर्णनीय उपकार किया है। सत्य का ग्रहण और असत्य का परित्याग करना ही इस ग्रन्थ का मुख्य उद्देश्य है। जिसने भी इस ग्रन्थ को पूरा पढ़ा उसी का जीवन बदल […]
पिछले अंक से आगे…. दयानंद महाविद्यालय गुरुकुल डौरली की स्थापना 1925 में हुई। श्री अलगू राय शास्त्री इसके प्रथम आचार्य नियुक्त हुए। इस विद्यालय की स्थापना हेतु भूमिदान पंडित शिव दयालु ने किया। यह विद्यालय प्रारंभ से ही राष्ट्रीयता की भावना को प्रभावी बनाने का कार्य करने लगा। फलस्वरूप गुरुकुल के आचार्यों, ब्रह्मचारियों तथा कर्मचारियों […]
राकेश आर्य (बागपत) देवियों और सज्जऩों ! आर्यसमाज के प्रवर्तक महर्षि दयानन्द सरस्वती ने ‘सत्यार्थप्रकाश’ नामक ग्रन्थ की रचना करके मानव जाति का अवर्णनीय उपकार किया है। सत्य का ग्रहण और असत्य का परित्याग करना ही इस ग्रन्थ का मुख्य उद्देश्य है। जिसने भी इस ग्रन्थ को पूरा पढ़ा उसी का जीवन बदल […]
भारत में आर्य समाज की स्थापना चैत्र शुक्ल 5 विक्रम संवत् 1932 तदनुसार 10 अपै्रल 1875 को बम्बई में गिरगांव रोड स्थित डाक्टर माणिक चन्द की वाटिका में हुयी। बाद में इसने एक प्रभावी लोकप्रिय भारतीय सांस्कृतिक पुनर्जागरण आन्दोलन का रूप ले लिया। इसकी सक्रिय राष्ट्रवादी एवं सुधारात्मक गतिविधियों के कारण अंगे्रज सरकार आर्य समाज […]
डॉ. मनीष कुमार जब से अमित शाह ने जानवरों से नेताओं की तुलना की तो विवाद बन गया. लेकिन इस पोस्ट का जानवरों से लेना देना नहीं है. शीर्षक में लिखे जानवरों के नाम पर न जाएं. ये किसी नेता को नीचा दिखाने के लिए नहीं बल्कि राजनीति शास्त्र के मानक सिद्धांतों पर नेताओं के […]
महाराष्ट्र के ही नहीं अपितु पूरे भारत के महानायक थे वीर छत्रपति शिवाजी महाराज। वह एक अत्यंत महान कुशल योद्धा और रणनीतिकार थे। वीर माता जीजाबाई के सुपुत्र वीर शिवाजी का जन्म ऐसे समय में हुआ था जब महाराष्ट्र ही नहीं अपितु पूरा भारत मुगल आक्रमणकारियों की बर्बरता से आक्रांत हो रहा था। चारों ओर […]
1- 90 प्रतिशत रोग केवल पेट से होते हैं। पेट में कब्ज नहीं रहना चाहिए। अन्यथा रोगों की कभी कमी नहीं रहेगी। 2- कुल 13 अधारणीय वेग हैं 3-160 रोग केवल मांसाहार से होते है 4- 103 रोग भोजन के बाद जल पीने से होते हैं। भोजन के 1 घंटे बाद ही जल पीना चाहिये। […]
जिहादी जनून से जलता कश्मीर
क्या यह उचित है कि दुश्मन के छदम युद्धों का सिलसिला बना रहें और हम उसे कायराना हमला कहकर निंदा करके अपने दायित्वों से भागते रहें? यह कितना दुर्भाग्यपूर्ण है कि शनिवार 10 फरवरी को सुबह जम्मू में सेना की सुंजवां ब्रिगेड पर हुए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के हमले को अभी नियंत्रित भी नही कर […]