आत्मनिर्भरता के लिए जरूरी है परंपरागत हुनर और स्थानीय काम-धंधे – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com हर क्षेत्र में स्थान विशेष की आबोहवा और पारिस्थिकीय तंत्र के अनुरूप परिवेश और लोक जीवन का विकास होता है। यही कारण है कि देश और दुनिया के तमाम क्षेत्रों में अलग-अलग जलवायु, परंपराएं, लोक संस्कृति, रहन-सहन और […]
Author: अमन आर्य
आज का चिंतन-16/09/2013
कमजोर और कायर ही करते हैं विरोध और शिकायतें – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com आजकल लोगों में नकारात्मकता का प्रसार तेजी से हो रहा है। जो काम खुद को करना चाहिए, उसमें तो हम फिसड्डी साबित होते हैं और दूसरों से उम्मीद रखते हैं कि हमारे काम आएं। आदमी की सबसे बड़ी समस्या […]
भारत में पर्यावरण का महत्व अति प्राचीन काल से संस्कृति व धार्मिकता से जुड़ा रहा है। जीव, निर्जीव, पशु पक्षी, पौधे, मृदा, जल, वायु, नक्षत्र, ग्रह, पृथ्वी, आकाश, अग्नि आदि सभी के लिए देव तुल्य एवं पूज्य माने जाते थे। आज भी ऐसी अनेक मान्यताएं विद्यमान हैं जो पर्यावरण सम्मत एवं प्रासंगिक हैं। हमारी परंपरा […]
रोचक तथ्य
1. ग्रीक और बुलगारिया में एक युद्ध सिर्फ इसलिए लड़ा गया था क्योंकि एक कुत्ता उनका Border पार कर गया था।2. प्राचीन रोमन कैलेंडर में जनवरी और फरवरी के महीने नहीं होते थे।अत: उनका नव वर्ष 1 मार्च को मनाया जाता था।3. 21 मार्च 2006 को होली, ईद, गुड फ्राइडे और नवरोज़, ये चार धर्मों […]
आज का चिंतन-15/09/2013
सबसे बड़े दुश्मन वे हैं जो विश्राम में बाधक हैं – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com मनुष्य हो या मशीन, पशु हो या पक्षी या फिर दुनिया का कोई सा जड़ या चेतन, सभी के लिए रोजाना का विश्राम और शून्य में जाना जरूरी है। पशु-पक्षियों को देखें तो वे रोजाना अपनी दिनचर्या को […]
आज के इस दौर में, जहाँ हमारे देशवासी छोटी-सी-छोटी तकलीफ के लिए बड़ी ही हाईपावर की दवा-गोलियों का इस्तेमाल कर अपने शरीर में जहर घोलते जा रहे हैं, वहीं हमारे ऋषि-महर्षियों द्वारा अनुभव कर प्रकाश में लाया गया एक अत्यधिक आसान प्रयोग, जिसे अपनाकर प्राचीनकाल से करोड़ो भारतवासी सदैव स्वस्थ व प्रसन्नचित्त रहते हैं। आप […]
प्रो. देवेन्द्र स्वरूप संविधान सभा में पंचायत पर हुई बहस को पढ़ने के बाद अनेक भ्रम दूर हो जाते हैं। उस बहस में करीब 50 सदस्यों ने भाग लिया। वे सब स्वतंत्रता संग्राम के जाने.माने नाम हैं। यह कितनी विचित्र बात है कि संविधान सभा ने जिन समितियों के माध्यम से काम किया उन समितियों […]
विश्व का सबसे ऊंचा, लंबा, बड़ा, छोटा
सबसे बड़ा प्लेटफार्म – खड़गपुर (भारत)सबसे लंबी सिंचाई नहर – इंदिरा गांधी नहर (भारत)सबसे लंबी परिवहन नहर – स्वेज नहर (मिस्र)सबसे ऊंची राजधानी – लापाज (बोलिविया)सबसे बड़ी मूंगे की चट्टान – ग्रेट बेरियर रीफ (ऑस्टे्रलिया)सबसे बड़ा दिन – 21 जूनसबसे छोटा दिन – 22 दिसंबरसबसे गहरी झील – बैकालसबसे अधिक ऊंचाई पर झील – टीटीकाका […]
नमन उस दिव्यात्मा को
पूज्य पिताश्री महाशय राजेन्द्र सिंह आर्य जी की 23वीं पुण्यतिथि 13 सितंबर 2013 पर सारा ‘उगता भारत’ परिवार उन्हें हार्दिक श्रद्घांजलि अर्पित करता है। पिताश्री का आदर्श जीवन हमारे समक्ष सदा ही एक नजीर बनकर उपस्थित रहता है। 5 अक्टूबर 1911 से 13 सितंबर 1991 तक वह इस धर्म धरा पर विचरे। उनके विचार मोतियों […]
सिद्धार्थ मिश्र स्वतंत्रविश्व के कुशल अर्थशास्त्रियों में शामिल हमारे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी का मौन अक्सरहां पूरे राष्ट्र को अखर जाता है। बात चाहे घोटालों, न्याय व्यवस्था,महिला सुरक्षा या भ्रष्टाचार की हो मनमोहन जी अक्सर ही बातों को ख़ामोशी से टाल जाते हैं।कुल मिला-जुलाकर यदि उनकी इस प्रवृत्ति का निष्पक्ष होकर आकलन करें तो ये […]