वो हर आदमी भिखारी है जो माँगता है – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com भिखारी से हम यही आशय रखते हैं कि जो सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर हाथ या झोली फैलाकर माँगने का आदी हो और जिसका गुजारा चलाने का एकमात्र सहारा भीख ही हो। भीख न मिले तो उसका जीना मुश्किल हो […]
Author: अमन आर्य
हमें उजाला करना है
रुपये एकत्रित करना है।हमको गुल्लक भरना है।इन रुपयों से वृद्धों की,हमको सेवा करना है। गली सड़क में इधर उधर,बूढ़े ठेड़े दिख जाते।लाचारी में बेचारे,पीते न कुछ खा पाते।इनकी झोली भरना है।इन्हें मदद कुछ करना है। कपड़े इनके पास नहीं,सरदी गरमी सह जाते।सहन नहीं जो कर पाते,बिना मौत के मर जाते।हमें दुखों को हरना है।उनकी रक्षा […]
मोदी किस मर्ज की दवा हैं ?
वीरेन्द्र सिंह परिहार आखिर में भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने संसदीय बोर्ड की सहमति से गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर ही दिया। राजनाथ सिंह ने गोवा में चल रही कार्यकारिणी में जब नेरन्द्र मोदी को भाजपा की चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष घोषित कर […]
आदरणीय आडवानी बाबा, सादर परनाम ! आगे समाचार इ है कि नीतिश कुमार के तरह-तरह के विरोध के बाद भी नरेन्दर मोदिया बिहार में भी लोकप्रिय होता जा रहा है। बिहार के लोगबाग नरेन्दर का इन्तज़ार बड़ी बेसब्री से कर रहा है। नीतीश तो आपके ही मानस पुत्र हैं। जब जरुरत थी तो सांप्रदायिक भाजपा […]
भूमि अधिग्रहण बिल और विकास समस्या
भूमि अधिग्रहण बिल केंद्र सरकार ने 5 सितम्बर 2013 में पास कर दिया है. जिस प्रकार खाद्य सुरक्षा बिल के पीछे सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की प्रतिष्ठा जुडी थी उसी प्रकार भूमि अधिग्रहण बिल से राहुल गांधी की प्रतिष्ठा जुडी है. पिछले कुछ समय से वे कुछ किसानों के आन्दोलनों पर […]
आज का चिंतन-19/09/2013
सफलता का मूलाधार है वाणी माधुर्य – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com अक्षर में जो ताकत है उसका कभी क्षरण नहीं हो सकता। अक्षर ब्रह्म है और इसी से लौकिक एवं पारलौकिक सृष्टि, पालन और संहार का पूरा क्रम निर्धारित है। विचारों और कल्पनाओं से मूत्र्त होते शब्द हों या फिर समाधि में प्राप्त, शब्दों […]
विष्णुगुप्त मुजफ्फ रनगर का दंगा सत्ता प्राप्त करने की घिनौनी राजनीति का दुष्परिणाम है। अगर ऐेसा नहीं होता तो एक महिला के साथ छेड़खानी पर हुई मजहबी हिंसा को पूरी छूट ही क्यों दी गयी? सरकार और प्रशासन द्वारा मजहबी हिंसा पर रोक लगाने की जरूरत क्यों नहीं समझी गयी? मजहबी हिंसा के पीड़ित परिवार […]
आज का चिंतन-18/09/2013
गाय का दूह कर कुत्तों को न पिलायें – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com वर्तमान की सबसे बड़ी समस्या और कुछ नहीं है, यह है अपात्रों के लिए काम करने, मार्गदर्शन देकर उन्हें प्रोत्साहित करने और उनके लिए जी-जान से समर्पित होकर काम करने वालों की संख्या में विस्फोटक इजाफा होना। जो पात्र लोग […]
हिन्दी दिवस नही ‘संस्कृति दिवस’
हिंदी दिवस एक बार पुन: आ गया है। हर वर्ष हम 14 सितंबर को ‘हिंदी दिवस’ के रूप में मनाते हैं। हिंदी हमारी राजभाषा है, लेकिन राष्ट्रभाषा नही बन पायी है। स्वतंत्रता के बीते 66 वर्षों की यह दुखद उपलब्धि है कि हम आज तक हिंदी को भारत की राष्ट्रभाषा नही बना पाए, यद्यपि भारतवर्ष […]
आज का चिंतन-17/09/2013
आत्मनिर्भरता के लिए जरूरी है परंपरागत हुनर और स्थानीय काम-धंधे – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com हर क्षेत्र में स्थान विशेष की आबोहवा और पारिस्थिकीय तंत्र के अनुरूप परिवेश और लोक जीवन का विकास होता है। यही कारण है कि देश और दुनिया के तमाम क्षेत्रों में अलग-अलग जलवायु, परंपराएं, लोक संस्कृति, रहन-सहन और […]