सुखों का अस्तित्व टिका है दुःखों की बुनियाद पर – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com सुख और दुःख दोनों समय सापेक्ष एवं अनित्य हैं। दोनों का अस्तित्व मिटने वाला ही है। किसी भी व्यक्ति के जीवन में सुख और दुःखों का होना स्वाभाविक है और इनका न्यूनाधिक क्रम हमेशा बना रहता है। कभी सुख […]
Author: अमन आर्य
हिंदू समाज के कुछ धर्माचार्य तथा मठ-परंपराओं में यह प्रचारित किया जाता रहा है कि स्त्रियों और शूद्रों को वेद का अध्ययन व पठन पाठन नही करना चाहिए। तर्क दिया जाता है कि शास्त्रों में इसका निषेध किया गया है। आदि शंकराचार्य द्वारा कहा गया बताते हैं कि स्त्रीशूद्रो नाधीयताम। ये निर्देश केवल शब्दों तक […]
आज का चिंतन-28/09/2013
सफलता चाहें तो साथ न रखें एक ही किस्म के लोगों को – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com किसी भी कार्य की योजना बनाने से लेकर इनके क्रियान्वयन की पूर्णता तक की पूरी प्रक्रिया में जिन लोगों की भागीदारी होती है उनकी मनोवृत्तियाँ, स्वभाव, आदतों और कार्य करने की क्षमताओं का प्रभाव कार्य की […]
पश्चिम बंगाल में गो-हत्या निषेध को लेकर संघर्ष कर रहे ब्रह्मचारी ऊपानंद का कहना है कि पश्चिम बंगाल में सरकार का गो-रक्षा के प्रति कोई दायित्व बोध नही है। यहां मुस्लिम तुष्टिकरण जमकर हो रहा है, गो-वंश संवर्द्घन की बजाए गो-वंश विनाश की घातक नीतियां बन रही हैं। जिससे गो-वंश के लिए खतरा पैदा हो […]
पर्यावरण सन्तुलन के लिए गाय आवश्यक
राकेश कुमार आर्यगौवध निषेध पर संविधान सभा में बड़ी रोचक बहस हुई थी। पूर्वी पंजाब के जनरल पंडित ठाकुरदास भार्गव, सेठ गोविंददास, प्रो. छिब्बनलाल सक्सेना, डा. रघुवीर (सी.पी. बेरार : जनरल) मि. आर.बी. धुलिकर, मि. जैड, एच. लारी (यूनाईटेड प्रोविन्स मुस्लिम सदस्य) तथा असम से मुस्लिम सदस्य रहे सैय्यद मुहम्मद सैदुल्ला सहित कई विद्वान सदस्यों […]
आज का चिंतन-27/09/2013
एक-दूसरे के पूरक हैं आनंद और ईश्वरीय मार्ग – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com हर व्यक्ति अपने जीवन में आनंद की प्राप्ति चाहता है। आज हम सांसारिक भोगों और तुच्छ वस्तुओं, जमीन-जायदाद या लोकप्रियता को आनंद का मार्ग मानकर चल रहे हैं, यह मिथ्या भ्रम से ज्यादा कुछ नहीं है। आनंद वह है जो […]
आज का चिंतन-26/09/2013
जीवन्मुक्ति के लिए अपनाएँ अनासक्त कर्मयोग – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com हर प्राणी मुक्ति चाहता है। मनुष्य ही नहीं बल्कि हर प्राणी का स्वाभाविक भाव होता है मुक्ति। मनुष्य बुद्धिशाली होने की वजह से कुछ ज्यादा ही स्वतंत्रता चाहता है और कई बार यह स्वच्छन्दता की सीमा तक पसर जाती है। इंसान पक्षियों की तरह […]
न्यायपालिका के पंख कुतरने की कोशिश
“यह आरोप मेरी बढ़ती लोकप्रियता के कारण विरोधियों ने साजिश के तहत लगाया है” – ”मुझे भारत की न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है” – आदि आदि —पिछले २-३ दशकों से आरोपी रहनुमाओं के ऐसे खोखले बयान सुन सुनकर हम सभी आजिज हो गए हैं। जब जब न्यायालय द्वारा देशहित में कोई महत्वपूर्ण फैसला दिया है जो तथाकथित ”रहनुमाओं” के […]
आज का चिंतन-24/09/2013
पूर्ण अनुकूलताएं कभी नहीं आती शुरूआत आज से करें – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com आने वाला कल अनिश्चयपूर्ण होता है। उसके बारे में कभी नहीं कहा जा सकता कि वह किसका होगा। कल कुछ भी हो सकता है। अच्छा भी हो सकता है, बुरा भी हो सकता है और कुछ नहीं भी हो सकता […]
आज का चिंतन-23/09/2013
ये आचरण लाते हैं रोग-शोक और दरिद्रता – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com समाज में पिछले कुछ वर्ष से पारिवारिक, सामाजिक और क्षेत्रीय समस्याओं का प्रसार तेजी से हुआ है और इसने आम आदमी की जिन्दगी में दखल डालते हुए सुकून से जीवनयापन की संभावनाओं को धूमिल कर दिया है। खूब सारे ऎसे लोग हैं […]