स्वामी सांख्यानंदसूर्यवंशीय आर्य क्षत्रिय रघुकुल के महापुरूष पुरूषोत्तम श्रीराम के पुत्र कुश के वंशज बलामी का राजा नागादित्यार्जुन का पुत्र महाप्रतापी योद्घा महाराजा गुहयादित्यासिंह जी ने मेवाड़ साम्राज्य की स्थापना की थी।मेवाड़ साम्राज्य का अंतिम महाराजा उदयसिंह जी की चौदहवीं पत्नी जयवंतीबाई राठौड़ जी का पुत्र चित्तौड़ नरेश महाराजा प्रताप सिंह जी थे।उनकी पत्नी अजय […]
Author: अमन आर्य
-भारत में प्रथम रेलवे लाइन का उद्घाटन 16 अप्रैल 1853 को लॉर्ड डलहौजी द्वारा हुआ।-16 अप्रैल 1853 ई. को प्रथम भारतीय रेल मुंबई और थाणे के मध्य चली।-31 मार्च 2004 तक देश में रेलमार्गों की कुल लंबाई 63,221 कि. मी. थी। मार्च 2004 के अंत तक कुल रेलवे टै्रक में 17,503 कि. मी. मार्ग (कुल […]
आज का चिंतन-26/11/2013
नई किस्म आ गई है ये मोबाइल वाले पागल – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com सनकियों और पागलों की मौजूदगी हमारे यहाँ हमेशा रही है। छोटे से लेकर बड़े कहे जाने वाले हों या दुनिया का कोई सा कोना हो, इन लोगों का वजूद हर युग में अपने आपको सिद्ध करता रहा है। युग के […]
भारत में बरगद का महत्व
बरगदभारत डिस्कवरी प्रस्तुतिबरगदजगत पादपसंघ मैग्नोलियोफाइटावर्ग मैग्नोलियोप्सिडागण रोसेल्सकुल […]
विनोद बंसल पंद्रहवीं शताब्दी में मुगलों के अत्याचारों के चलते पूरे भारत में फ़ैली अराजकता व लूट-खसोट के कारण जन जीवन पूरी तरह असुरक्षित था।हिन्दू धर्म कर्म काण्ड व कुप्रथाओं की जटिलताओं में उलझ गया था। भयाक्रान्त हिन्दू अपना धर्म त्याग मुस्लिम बनने को मजबूर थे और धर्म और मानवता से लोगों की आस्था पूरी […]
आज का चिंतन-24/11/2013
लोकतंत्र की बुनियाद है चुनाव भागीदारी ही जगाती है भाग्य – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com निर्वाचन भारतीय लोकतंत्र की बुनियाद है जिसके जरिये आम आदमी के हाथों में सरकार बनाने की वो ताकत है जिसका कोई मुकाबला नहीं। तंत्र को संचालित करने वाले नेतृत्व से लेकर व्यवस्था तक की सँरचना को सुगठित और सुव्यवस्थित […]
माता क्यों कही जाती है-गाय?
राकेश कुमार आर्यगाय को हमारे यहां माता का सम्मान जनक स्थान प्राप्त है। इसका कारण केवल ये है कि गाय का पंचगव्य हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही उपयोगी है। चिकित्सा शास्त्रों में जहां-जहां भी दूध, घी, दही, छाछ बात कही गयी है, वहीं-वहीं उसका अर्थ गोदुग्ध, गोघृत, गोदधि और गऊ छाछ से लिया जाना […]
आज का चिंतन-23/11/2013
चिंता हमें क्यों? उसे है जिसने बसाया यह संसार है – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com वर्तमान के संसाधनों और आनंद को गौण मानकर आजकल लोग भविष्य की आशंकाओं और चिंताओं में खोये हुए हैं। इस वजह से उनका मन-मस्तिष्क हमेशा उद्विग्न, अशांत और अधीर रहने लगा है और इसका प्रभाव शरीर पर भाँति-भाँति की […]
देश का पी.एम. चाय बेचने वाला नही हो सकता
राकेश कुमार आर्यहमारे देश का संविधान हमारे जनप्रतिनिधियों को चुनने के लिए केवल इतनी व्यवस्था करता है कि ऐसा व्यक्ति (1) भारत का नागरिक हो (2) सजायाफ्ता मुजरिम ना हो (3) पागल या दिवालिया न हो इत्यादि।जिस देश के जनप्रतिनिधियों के भीतर जनप्रतिनिधि बनने के लिए केवल इतनी ही योग्यता रखी गयी हो, उस देश […]
भारत में पुलिस और नागरिक सम्बन्ध-कल और आज
मनीराम शर्मापुलिस सुधार के लिए भारत में समय समय पर स्वर उठते रहे हैं और जनता के उबाल पर ठन्डे छींटे मारने के लिए विभिन्न कमेटियों/आयोगों/बोर्डों का गठन किया जाता रहा है किन्तु पुलिस के कर्कश स्वर में अभी तक कोई कमी नहीं आई है। प्राय: आरोप लगते रहते हैं कि पुलिस अपराधियों के साथ […]