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भारतीय रेलों के विषय में महत्वपूर्ण जानकारियां

-भारत में प्रथम रेलवे लाइन का उद्घाटन 16 अप्रैल 1853 को लॉर्ड डलहौजी द्वारा हुआ।
-16 अप्रैल 1853 ई. को प्रथम भारतीय रेल मुंबई और थाणे के मध्य चली।
-31 मार्च 2004 तक देश में रेलमार्गों की कुल लंबाई 63,221 कि. मी. थी। मार्च 2004 के अंत तक कुल रेलवे टै्रक में 17,503 कि. मी. मार्ग (कुल का लगभग 26 प्रतिशत) का विद्युतीकरण किया जा चुका था।
-नॉर्दन रेलवे की लंबाई सबसे अधिक है।
-नॉर्थ ईस्टर्न फ्रण्टियर रेलवे की लंबाई सबसे कम है।
-चखड़गपुर (प. बंगाल) का प्लेटफार्म विश्व में सबसे लंबा है।
-सोनपुर (बिहार) में भारत का सबसे लंबा रेलवे पुल है।
-भारत की सबसे लंबी सुरंग मंकी हिल से खण्डाला स्टेशन तक है।
-रेलवे इंजनों का निर्माण चित्तरंजन और वाराणसी में होता है। लोकमान्य भारत द्वारा निर्मित प्रथम बिजली से चलने वाला इंजन था। इसको 1961 में चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स द्वारा बनाया गया था।
-भारतीय रेल को 16 जान्स में विभक्त किया गया है।
-31 मार्च 2004 की स्थिति के अन ुसार देश में रेलवे स्टेशनों की संख्या 7,031 है।
रेल सेवा आयोग के मुख्यालय-मुंबई, कोलकाता, इलाहाबाद, चेन्नई तथा भोपाल में आयोग का कार्याल य जून 1993 में शुरू हुआ।
भारतीय रेलों की महत्वपूर्ण तिथियां/घटनाएं
-1853, 16 अप्रैल 1853 को प्रथम रेलगाड़ी मुंबई और थाणे के बीच चली।
-1905 मार्च, 1905 मं लॉर्ड कर्जन के शासनकाल में रेलवे बोर्ड स्थापित किया गया।
-1925 बिजली की पहली रेलगाड़ी कुर्ला और विक्टोरिया टर्मिनल (मुंबई) के मध्य चली।
-1951, 27 जनवरी, 1951 ई को चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स का चितरंजन में विधिवत उद्घाटन किया गया। इसमें रेलवे इंजनों का निर्माण किया जाता है।

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