उन्मादी और सनकी होते हैं बेवक्त-बेवजह तंग करने वाले – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com कुछ लोगों की आदत में ही यह शुमार हो चला है कि वे पूरी जिन्दगी बिना किसी कारण के और बेवक्त औरों को परेशान करते रहते हैं। खुद की अशांति, उद्विग्नता, फालतू के तनावों और असंतोष को हलका करने के […]
Author: अमन आर्य
आज का चिंतन-20/11/2013
जो ईश्वर से दूर करे वह शत्रु चाहे गुरु हो या और कोई – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 ईश्वरीय सत्ता हम सभी के लिए सर्वोपरि है फिर चाहे उसका रंग-रूप कुछ भी हो, साकार हो या निराकार या फिर और कुछ। ईश्वरीय सत्ता का सान्निध्य ही हमें शाश्वत सुख-समृद्घि और आनंद से भर सकता है। […]
खाके वतन का मुझको हर जर्रा देवता है
जावेद उस्मानीभारत का सौहाद्र दुनिया के लिए मिसाल है लेकिन गाहे बगाहे कुछ सरफिरे अपने निहित स्वार्थ के कारण व्यर्थ के विवादो को हवा देते रहते है इनमें दिशाविहीन और विचारहीन ,सियासतदां भी शामिल हैं। धर्म ,जाति और भाषा पर ऐसे तत्वो का हस्यापद आचरण व विषवमन समरसता और मानवता के विरुद्ध अपराध से कम […]
बिखरे मोती-भाग 2७
ओउम् नाम की नाव से, तरे अनेकों संत आधी बीती नींद में,कुछ रोग भोग में जाए।पुण्य किया नही हरि भजा,सारी बीती जाए ।। 415।। धर्म कर्म का उपार्जन,खोले सुखों के द्वार।इनमें मत प्रमाद कर,काल खड़यो है त्यार ।। 416।। रसों में रस है ब्रह्मï रस,रोज सवायो होय।जितना हो रसपान कर,सारे दुखड़ा खोय ।। 417।। पग-पग पर […]
अश्वनी कुमारअगर विकास कि बात करें तो कागज़ी तौर पर भारत निरंतर विकास की ओर अग्रसर है। और हाल ही में भारत ने विकास के नए आयाम को छू लिया, मिशन मंगल (मंगलयान) के प्रक्षेपण के साथ ही मंगल लॉन्च करने के मामले में भारत का अंतरिक्ष संगठन दुनिया का चौथा संगठन बन गया। इसे […]
महापुरूषों पर सियासत बंद हो
सिद्धार्थ मिश्रछल कपट, झूठ,भ्रष्टाचार एवं अवसरवादिता आज राजनीति के सर्वप्रमुख उपकरण बन चुके हैं । सबसे दिलचस्प बात तो ये है कि ये आचरण कई बार सियासत के पूरे रूप स्वरूप को विकृत कर देता है । इस फेहरिस्त में राजनीति की अगली पेशकश है महापुरूषों का इच्छानुसार प्रयोग । निसंदेह ये सर्वमान्य सत्य है […]
आज का चिंतन-16/11/2013
आवश्यकताओं पर ध्यान दें शौक हमेशा दुःख ही देता है – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com आम आदमी को मस्ती के साथ जीवन निर्वाह के लिए जितनी जरूरत होती है उतनी आवश्यकताओं की पूर्ति के बारे में सोचा और किया जाए तो जीवन के कई सारे अनावश्यक तनावों और दुःखों से मुक्ति पायी जा सकती […]
-आपने कहा था शिक्षा से वे अंग्रेज हैं-सभ्यता से मुस्लिम हैं और मात्र संयोग ही है कि वे हिंदू मां की कोख से जन्मे हैं।-आपने अपनी महत्वपूर्ण पुस्तक भारत की खोज में लिखा है कि देश में जातियों की संख्याा दो है एक मुस्लिम और दूसरी अमुस्लिम।-आपने खंडित/स्वतंत्र भारत का संविधान अपनी सोच और मानसिकता […]
आज का चिंतन-13/11/2013
अहं और एकाधिकार छोड़ें, फिर देखें अपने आप मिलने लगेगा सब कुछ – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com आज लोगों को सभी जगह उपेक्षा और असुरक्षा दिखाई देने लगी है। हर किसी को दूसरों से अज्ञात भय के साथ आशंका बनी रहती है। हमें कई बार लगता है कि कुछ है जो हमें प्राप्त करना […]
आज का चिंतन-12/11/2013
बुढ़ापे से बचाएँ बच्चों को – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com बचपन से लेकर पचपन और सत्तर पार तक परिश्रम का महत्त्व सर्वविदित है। जो जितना अधिक परिश्रम करता है उतना अधिक स्वस्थ और मस्त रहता है। परिश्रम से शरीररस्थ हवाओं, रक्त परिसंचरण तंत्र, नाड़ियों, स्नायुतंत्र और हड्डियों से लेकर सभी प्रकार के अंगों-उपांगों को […]