राकेश सैन सामान्य परिस्थितियों में, जब चारों ओर हिंसा का वातावरण हो और दंगाई मरने मारने पर उतारू हों तों ऐसे हालात में हुई या जानबूझ कर की गई गलती को तर्कसंगत नहीं ठहराया जा सकता। सामान्य घटना व दंगों की रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों को इनमें कुछ तो अंतर करना होता है। 26 जनवरी […]