वैदिक साधन आश्रम तपोवन का भ्रमण एवं आश्रम के समाचार

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ओ३म्

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हमें आज आर्यजगत् की साधना संबंधी प्रमुख संस्था वैदिक साधन आश्रम तपोवन, देहरादून में जाने का सुअवसर मिला। कार्यालय में हमें आश्रम के मैनेजर श्री विजेन्द्र गर्ग तथा कार्यालय प्रमुख युवक श्री चन्दन सिंह जी मिले। उनके साथ आश्रम विषयक चर्चायें हुईं। कुछ सप्ताह पहले आश्रम की एक साधिका माता नरिन्द्र बब्बर जी की श्रद्धाजंलि सभा में भी हम सम्मिलित हुए थे। आश्रम में विगत अक्टूबर, 2019 के शरदुत्सव के बाद कोई प्रमुख गतिविधि नहीं हुई है। कोरोना महामारी मार्च, 2020 से चर्चा में आयी थी। इस महीनें 23 मार्च से देश में लाकडाउन आरम्भ हुआ था। इससे पूर्व आश्रम की मासिक पत्रिका ‘‘पवमान” का अप्रैल, 2020 अंक प्रकाशित कर प्रेषित किया जा चुका था। कोरोना रोग के कारण पवमान पत्रिका के इसके बाद के अंक प्रकाशित नहीं हो सके थे। आज हमें आश्रम में पवमान पत्रिका का नया अंक मई-अगस्त, 2020 भी देखने को मिला। इसे कल दिनांक 27-7-2020 को डाक से भेजा जा चुका है। आज हमें यह अंक घर लौटने के बाद डाक से भी प्राप्त हो गया।

अगस्त, 2020 मास में श्रावणी का वैदिक पर्व है। इसके बाद कृष्ण जन्माष्टी आर्यपर्व भी है। अगस्त, 2020 के महीने में ही भारत को खण्डित आजादी मिली थी। इन सभी विषयों पर पत्रिका में लेख हैं। आरम्भ में सफलता शीर्षक से मुख्य सम्पादक जी का सम्पादकीय है जिसके बाद वेदामृत के अन्तर्गत ऋग्वेद के एक मन्त्र की आचार्य डा. रामनाथ वेदालंकार कृत व्याख्या है। शीर्षक है ‘‘सर्वत्र अपना प्रभाव छोड़”। इसके अतिरिक्त पत्रिका में निम्न लेख व सामग्री प्रकाशित की गई हैः

1- लेख ईश्वर और वेद ही संसार में सच्चे अमृत हैं,
2- लेख अद्वितीय महापुरुष योगेश्वर कृष्ण का जीवन प्रेरक एवं अनुकरणीय है,
3- लेख भारतीय संस्कृति के मूलाधार वेद, रामायण और महाभारत। इसके लेखक प्रवर वैदिक विद्वान डा. जयदत्त उप्रेति जी, अल्मोड़ा हैं।
4- लेख वेदों का स्वाध्यय एवं वैदिक जीवन जीने का पर्व है श्रावणी पर्व,
5- लेख देश की आजादी में ऋषि दयानन्द और आर्यसमाज का सर्वोपरि योगदान,
6- लेख श्रीराम का असमंजस, लेखक कीर्तिशेष ईश्वरी प्रसाद प्रेम जी, मथुरा।
7- लेख मानव की अशान्ति का कारण, लेखक स्वामी वेदानन्द सरस्वती, उत्तरकाशी।
8- लेख आर्यसमाज द्वारा प्रतिपादित वैदिक धर्म में कर्तव्य कर्म। यह पत्रिका के मुख्य सम्पादक जी के लेख की दूसरी एवं अन्तिम किश्त है।
9- लेख पक्षाघात की अनुभूत चिकित्सा लेखक डा. श्री सत्यपाल जी गोयल, आयुर्वेदरत्न।
10- फरवरी, 2020 से जून, 2020 माह में आश्रम को दानी महानुभावों से प्राप्त दान की सूची।
11- शोक समाचार:
– विदुषी माता नरिन्द्र बब्बर जी
– श्री बलबीर शास्त्री जी
– स्वामी चैतन्यमुनि, मण्डी-हि.प्र.
– आर्यनेता श्री रामनाथ सहगल जी
– माता राकेश रानी जी
– श्री मामचन्द आर्य पथिक जी।

पत्रिका में यह सूचना भी प्रसारित की गई है कि कोरोना महारोग के कारण आगामी शरदुत्सव जो अक्टूबर में होना है, उसका किया जाना सम्भव नहीं हो सकेगा।

वैदिक साधन आश्रम, तपोवन द्वारा एक जूनियर हाईस्कूल विद्यालय का संचालन किया जाता है जहां निकटवर्ती निर्धन परिवारों के लगभग 300 बजे पढ़ते हैं। स्कूल में बच्चों को वैदिक संस्कार भी दिये जाते हैं। स्कूल के बच्चे प्रतिभावान हैं जो आश्रम के उत्सव में अपनी प्रतिभा दिखाकर ऋषिभक्तों को प्रभावित करते हैं। कोरोना के कारण स्कूल बन्द पड़ा है। यह स्कूल आश्रम के साधनों व बच्चों की फीस से चलता था। अवकाश के कारण स्कूल पर विपत्ति आ पड़ी है। आश्रम द्वारा शिक्षकों व स्टाफ को वेतन देने में भी कठिनाई आ गई है। हमने सुना है इस कारण कुछ शिक्षकों को निकाला जा सकता है। यह स्थिति अत्यन्त खेदजनक है। देश के भावी कर्णधार तैयार करने वाले शिक्षकों के साथ ऐसा होना उचित नहीं होगा। हम यह भी अनुभव करते हैं कि आर्यसमाज की बड़ी संस्थायें जहां साधनों की अल्पता है, उनका भविष्य उज्जवल दिखाई नहीं देता। यह संस्थायें कितने दिनों चलेंगी, कहा नहीं जा सकता। आर्यों में दान की प्रवृत्ति भी निरन्तर कम होती देखी जा रही है। हमें इस विषय में विचार करना चाहिये और संस्थाओं के हितों की रक्षा के लिये कोई ठोस योजना बननी चाहिये।

श्री प्रेमप्रकाश शर्मा जी, मोबाइल नं. 09412051586, आश्रम के मंत्री हैं। आप आश्रम के लिये निरन्तर साधन जुटाते रहते हैं और अपनी ओर से भी यथासम्भव सहायता करते हैं। आश्रम के प्रधान श्री दर्शन कुमार अग्निहोत्री जी की दानशीलता प्रसिद्ध है। ऐसे ही कुछ दानी महानुभावों के कारण आश्रम चल रहा है। आश्रम प्रेमी दानी सज्जन मंत्री जी से सम्पर्क कर आश्रम को सहयोग कर सकते हैं।

आश्रम के बैंक खाते का विवरण नीचे दे रहे हैं। यदि कोई बन्धु आश्रम की सहायता करना चाहें, तो कर सकते हैंः

बैंक खाते का नामः वैदिक साधन आश्रम
आश्रम का पताः तपोवन मार्ग, ग्राम नालापानी, देहरादून।
बैंकर का नाम व शाखाः केनरा बैंक, क्लाक टावर ब्रांच, देहरादून।
बैंक एकाउण्ट नं. 2162101001530
IFSC कोड: CNRB002162

हम आशा करते हैं कि वैदिक साधन आश्रम तपोवन, देहरादून के संस्थापक बावा गुरमुख सिंह, अमृतसर तथा आर्यसमाज के शीर्ष विद्वान संन्यासी महात्मा आनन्द स्वामी जी के स्वप्नों व इच्छाओं के अनुसार यह आश्रम आर्य दानी महानुभावों के सहयोग से दीर्घकाल तक सफलतापूर्वक चलता रहेगा और आशातीत उन्नति करेगा। ईश्वर आर्य बन्धुओं को आश्रम की उन्नति में सहयोग करने की प्रेरणा करें। ओ३म् शम्।

-मनमोहन कुमार आर्य

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