“*कौवों का समाजशास्त्र*”

Screenshot_20240829_162112_WhatsApp

लेखक आर्य सागर खारी

लोक ने कौवे के साथ सामाजिक प्राणिगत न्याय नहीं किया । काले रंग के तो बहुत से अन्य जीव जंतु है लेकिन जब किसी इंसान के रंग की निकृष्ट भाव में उपमा दी जाती है तो उसे कौवा जैसा काला बताया जाता है मानो कौवा ही एकमात्र काला पक्षी है, काला होना कौवा का गुनाह है कौवे के साथ ज्यादती यही नहीं रुकती कौवे के नेत्रों में कोई दोष नहीं होता इसकी दर्शनशक्ति बहुत जबरदस्त होती है यह आंखों के समायोजन में माहिर होता है लेकिन इसे फिर भी काना बता दिया जाता है।

साथ ही इसकी उपस्थिति मात्र को बहुत से अपशकुनों के साथ जोड़ दिया गया है बगैर जांच पड़ताल किये है। यह लौकिक व्यक्तियों की धारना है कौवे के संबंध में जो विशेषज्ञ नहीं है उनकी धारणा मायने भी नहीं रखती उन्हें तो इस शानदार पक्षी के संबंध में अपने भ्रम को ही दूर करना चाहिए लेकिन जो परीक्षक व्यक्ति होते हैं अर्थात विशेषज्ञ उनकी राय कौवे को लेकर बहुत ही आदर्श उत्कृष्ट है। कानून के मामले में अधिवक्ता या न्यायविद ,चिकित्सा के मामले में डॉक्टर जैसे परीक्षक होता है ऐसे ही पक्षियों के मामले में पक्षियों पर अनुसंधान करने वाले विशेषज्ञ जंतु व्यवहार शास्त्री परीक्षक होते हैं।

कौवे को लेकर अलग-अलग समय पर अलग-अलग देश दुनिया के स्थानों पर बहुत से शोध हुए हैं। उन शोधों के अनुसार एक स्वर में यह निष्कर्ष निकलते हैं कौवा सर्वाधिक बुद्धिमान सामाजिक पक्षी है। एक 7 वर्ष के इंसानी बालक में जितनी बुद्धि होती है उतनी ही बुद्धि है कौवे में होती है अर्थात कौवा दुनिया का सर्वाधिक बुद्धिमान नॉन प्राइमेट है।

कौवा इकलौता पक्षी है जो उपकरण बना सकता है और उनका प्रयोग करता है। कौवा छड़ी का प्रयोग कर सकता है अपने किसी लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए , कौवा धातु के तार का छल्ला बना सकता है उसका प्रयोग कर सकता है भले ही उसने तार के पहले कभी दर्शन ना किये हो।

एक प्रयोग में कौवे ने आठ स्टेप में बनाई गई एक पहेली को सॉल्व किया था जिसके आखरी चरण में भोजन को हासिल करना होता है कौवे ने भली भांति उस फूड पजल को सॉल्व किया था भोजन हासिल किया था। कौवा दर्पण में अपना चेहरा पहचान सकता है अर्थात कौवे ने मिरर टेस्ट भी पास किया है हाथी बंदर सरीखे बहुत कम जीव ही मिरर टेस्ट को पास कर पाए हैं। कौवे की स्मृति बहुत तेज होती है यह किसी चेहरे को कभी नहीं भुलता जिनके साथ इसका बुरा अनुभव होता है कोई इंसान या अन्य जीव उनको तो यह हमेशा याद रखना है इतना ही नहीं अपने इस अनुभव को यह अन्य कोवै अपने छोटे चूंचे के साथ भी साझाकरता है।इसे थ्योरी ऑफ़ माइंड कहा जाता है।

अन्य पक्षियों के छोटे बच्चे को यह मार देता है या भोजन चुरा लेता है यह सब माफ़ है नेचर की व्यवस्था ने इसको माफी दी है लेकिन किसी कौवे के साथ जब कोई दूसरा कौवा ज्यादती करता है कौवे के समाज में इसे अपराध माना जाता है कौवे के समाज में सजातीय अपराध अक्षम्य है । ऐसा अपराध होने पर कौवों की पंचायत जुटती है जिसे ‘क्रो कोर्ट’ कहा जाता है वहां ऐसे अपराधी कौवे को चोंच मार-मार कर मृत्यु दंड दिया जाता है। कौवों की यह न्याय सभा दिन के किसी भी समय जुट सकती है।

जब कोई कौवा मर जाता है तो समस्त कौवे इकट्ठे होकर उसकी मृत्यु के कारण की विवेचना करते हैं यदि मृत्यु का कारण अप्राकृतिक है या किसी अन्य‌ शिकारी के कारण हुआ है तो यह बड़ी सावधानी से उसे खतरे से दूर होने की रणनीति बनाते हैं जिसमें यह अपने प्रवास के क्षेत्र व विचरण के इलाके को ही पूरी तरह बदल देते हैं जिससे कोई कौवा खतरे की चपेट में ना आए।

कौवों को लेकर जितनी भी स्टडी हुई है सभी में इस परम बुद्धिमान सामाजिक पक्षी माना गया है।

सर्वाधिक बुद्धिमान सामाजिक संवेदिशील होने का खामियाजा इसने चुकाया है। जलवायु परिवर्तन वृक्षों की संख्या में कमी व कीटनाशकों के प्रयोग के कारण कौवों आबादी पूरे विश्व में तेजी से घटी है विशेष तौर पर भारतीय कौवो की संख्या बहुत थोड़ी रह गई है।

हिंदू पौराणिक मान्यताओं में श्राद्ध पक्ष में कौवा को लोग ढूंढते फिरते हैं कौवे नहीं मिलते तो विकल्प तलाशने में माहिर इंसान गाय आदि प्राणी को भोजन करा कर मानसिक संतोष प्राप्त कर लेता है। अपने कर्मों की विवेचना नहीं करता जिसके कारण कौवा जैसा शानदार पक्षी लुप्त हो रहा है। ऐसा ही चलता रहा तो बेचारे कौवो का तो श्राद्ध करने वाला भी कोई नहीं बचेगा। संवेदनाहिनहीनता की पराकाष्ठा तो देखिए कौवों की घटती आबादी को लेकर एक अंग्रेजी अखबार में एक बार एक लेख छपा था। वहां लेख में एक तथाकथित पर्यावरणविद् यह तर्क दे रहे थे कि -“स्वच्छ भारत मिशन के कारण गांव कस्बों में अब उतनी गंदगी नहीं होती कौवा गंदगी खाकर गांव बस्ती की सफाई रखना था ऐसे में अब जब गंदगी नहीं है तो कौवा की क्या काम आवश्यकता और वैसे भी कौवा अन्य पक्षियों के अंडों को नष्ट कर देता है तो कौवा की यदि आबादी घटती भी है तो इससे अन्य पक्षियों की संख्या तो बढ़ ही रही है”।

कौवों के सबसे बड़ी दुश्मन ऐसे स्वयंभू चिंतक ही हैं। उनके अनुसार विधाता ने कौवों को रचकर कोई दोष कर दिया है। भगवान ने कौवों को बनाकर गलती की है।

ऐसे लाल बुझक्कड़ों के लिए अध्यात्म विषयक विविध भ्रांत धारणाओं का मुंडन करने वाले मुंडकोपनिषद के ऋषि ने ठीक ही कहा है ।

अविद्यायामन्तरे वर्तमाना: स्वयं धीरा: पण्डितमन्यमाना:।
जघन्यमाना: परियन्ति मूढा अन्धेनैव नीयमाना यथाअन्धा:।।

अर्थात अविद्या में पड़े हुए हैं लेकिन अपने को धीर और बुद्धिमान मानते हुए मूर्ख लोग ऐसे फिरते हैं जैसे अंधे को अंधा रास्ता दिखा रहा हो और ठोकरे खा रहा हो।

ऐसे स्वयं घोषित ज्ञानियों की आज भारतवर्ष में कमी नहीं है विभिन्न क्षेत्रों में गांव गली नुक्कड़ चौराहो पर आपको मिल जाएंगे।

Comment:

betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
casinolevant giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti mobil giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti mobil giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
jojobet giriş
milanobet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betgaranti giriş
betgaranti mobil giriş
betgaranti güncel giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
onwin giriş
onwin giriş
onwin giriş
onwin giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
superbetin giriş
superbetin giriş
superbetin giriş
betsat giriş
betsat giriş
betsat giriş
betsat giriş
Kolaybet Giriş
onwin
onwin
sahabet
sahabet
sahabet
sahabet
sahabet
sahabet
onwin
onwin
holiganbet
sahabet
bets10
casinolevant
ngsbahis giriş
artemisbet güncel
grandpashabet giriş
bettilt giriş
jojobet giriş
bettilt giriş
onwin
onwin
onwin
sahabet
onwin
sahabet
bettilt giriş