भारत में प्रतिवर्ष सृजित हो रहे हैं रोजगार के 2 करोड़ नए अवसर

images (7)

आजकल विदेशी वित्तीय एवं आर्थिक संस्थान भारत के आर्थिक मामलों में अक्सर अपनी राय देने से चूकते नहीं हैं। अभी हाल ही में सिटीग्रुप इंडिया ने भारत की अपने बढ़ते कार्यबल के लिए पर्याप्त मात्रा में नौकरियां सृजित करने की क्षमता के मामले में चिंता जताई थी और एक प्रतिवेदन में कहा था कि भारत को आगामी दशक में प्रतिवर्ष 1.2 करोड़ नौकरियां सृजित करने की आवश्यकता है, जबकि वह प्रतिवर्ष केवल 80-90 लाख नौकरियां ही सृजित करने की राह पर आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। यह विदेशी वित्तीय एवं आर्थिक संस्थान अपनी आधी अधूरी जानकारी के आधार पर भारतीय अर्थतंत्र के बारे अपनी राय जारी करते दिखाई देते हैं क्योंकि हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा भी एक प्रतिवेदन जारी किया गया है जिसके के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-24 में भारत में रोजगार के नए अवसर सृजित होने के मामले में 6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है और इस दौरान लगभग 4.7 करोड़ रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं और देश में कार्य करने वाले नागरिकों की संख्या अब 64.33 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है, जबकि पिछले वर्ष यह वृद्धि दर 3.2 प्रतिशत की रही थी। अब कहां सिटीग्रुप इंडिया की भारत में केवल 80-90 लाख नौकरियों के अवसर सृजित होने की राह पर की बात की है और कहां भारतीय रिजर्व बैंक की भारत में 4.7 करोड़ रोजगार के अवसर सृजित होने की बात है, दोनों संस्थानों के आंकलन में भारी अंतर दिखाई देता है।

सिटीग्रुप इंडिया के भारत में रोजगार सृजित होने के संदर्भ में जारी उक्त प्रतिवेदन के जवाब में भारत सरकार के श्रम मंत्रालय द्वारा भी पिरीआडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) एवं भारतीय रिजर्व बैंक के KLEMS डाटाबेस के आंकड़ों का प्रयोग करते हुए बताया गया है कि भारत में वर्ष 2017-18 से 2021-22 के बीच 8 करोड़ रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं, जो कि वर्ष 2020-21 में कोविड-19 महामारी के कारण होने वाले वैश्विक आर्थिक व्यवधानों के बावजूद प्रतिवर्ष औसतन 2 करोड़ से अधिक नौकरियां बनती है। इस जानकारी के उपयुक्त होने को PLFS डाटा से भी बल मिलता है जिसके अनुसार भारत में पिछले पांच वर्षों में रोजगार के अवसरों की संख्या, श्रमबल में नए प्रवेशकों की संख्या से अधिक रही है, जिससे देश में बेरोजगारी दर में लगातार कमी आ रही है। इन आंकड़ों के अनुसार, भारत में बेरोजगारी की दर वर्ष 2017-18 में 6 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2022-23 में 3.2 प्रतिशत पर नीचे आ गई है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत में 466,59,221 रोजगार के अवसर निर्मित हुए एवं वित्त वर्ष 2023-24 में देश में कुल रोजगार बढ़कर 64.33 करोड़ के स्तर को पार कर गया जो वर्ष 2022-23 में 59.66 करोड़ के स्तर पर था एवं वर्ष 2019-20 में 53.44 करोड़ के स्तर पर था।

उक्त आंकड़ों की सत्यता एवं विश्वसनीयता को और भी अधिक बल मिलता है जब इस संदर्भ में विभिन्न अनुपातों पर नजर डालते हैं। इससे ध्यान में आता है कि भारत में श्रमिक जनसंख्या अनुपात (Worker Population Ratio) वर्ष 2017-18 के 46.8 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2022-23 में 56 प्रतिशत हो गया है। इसी प्रकार भारत में श्रमिक सहभागिता दर (Labour Force Participation Rate) भी वर्ष 2017-18 के 49.8 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2022-23 में 57.9 प्रतिशत हो गई है। जिसके चलते देश में बेरोजगारी की दर (Unemployment Rate) भी वर्ष 2017-18 में 6 प्रतिशत से गिरकर वर्ष 2022-23 में 3.2 प्रतिशत तक नीचे आ गई है। कृषि, आखेट, वानिकी, मछली पालन के क्षेत्र में वर्ष 2022-23 में 25.3 करोड़ व्यक्ति रोजगार प्राप्त कर रहे हैं, जबकि वर्ष 2021-22 में 24.82 करोड़ व्यक्ति इन क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त कर रहे थे। इसी प्रकार वर्ष 2022-23 में निर्माण, व्यापार, यातायात एवं भंडारण के क्षेत्र मुख्य रोजगार प्रदाता क्षेत्रों में गिने जा रहे थे।

ASUSE के सर्वे में भी भारत में 56.8 करोड़ नागरिकों को रोजगार प्राप्तकर्ता बताया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार वर्ष 2004 से वर्ष 2014 के दशक के बीच में केवल 2.9 करोड़ रोजगार उपलब्ध कराए जा सके थे जबकि वर्ष 2014 से वर्ष 2023 के दशक के बीच 12.5 करोड़ रोजगार उपलब्ध कराए गए हैं। विनिर्माण एवं सेवा के क्षेत्रों में वर्ष 2004-2014 के दशक में 6.6 करोड़ रोजगार उपलब्ध कराए गए थे जो वर्ष 2014 से 2023 के दशक में बढ़कर 8.9 करोड़ हो गए हैं। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग के क्षेत्र में भी कुल 20 करोड़ रोजगार उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में कृषि के क्षेत्र में महिलाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर सृजित हो रहे हैं और यह संख्या 60 से 70 प्रतिशत प्रतिवर्ष तक पहुंच रही है, क्योंकि पुरुष वर्ग अब रोजगार के लिए शहरी क्षेत्रों की ओर आकर्षित हो रहा है जहां उन्हें विनिर्माण एवं सेवा जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। दूसरे, कृषि के क्षेत्र में हो रही लगभग 4 प्रतिशत प्रतिवर्ष की औसत विकास दर के कारण भी कृषि के क्षेत्र में रोजगार के अधिक अवसर सृजित हो रहे हैं।

भारत के लिए एक अच्छी खबर यह भी है कि केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय एवं आर्थिक क्षेत्रों में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णयों के चलते अब देश में धीरे धीरे अनऔपचारिक अर्थव्यवस्था का आकार कम होकर, औपचारिक अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ रहा है जिसके चलते अब भारत में औपचारिक क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर अधिक मात्रा में निर्मित हो रहे हैं। EPFO द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 में 1.3 करोड़ कामगारों ने EPFO की सदस्यता ग्रहण की है जबकि वित्तीय वर्ष 2018-19 में केवल 61.12 लाख कामगारों ने ही EPFO की सदस्यता ग्रहण की थी। पिछले लगभग साढ़े छह वर्षों में, सितंबर 2017 से मार्च 2024 के बीच, 6.2 करोड़ कामगारों ने EPFO की सदस्यता ग्रहण की है। EPFO के आंकड़ों में लगातार होने वाली वृद्धि से आश्य यह है कि देश में कम आय वाले रोजगार की तुलना में अधिक आय वाले रोजगार अब तेजी से बढ़ रहे हैं और यह अब अधिकतम औपचारिक क्षेत्र में ही सृजित हो रहे हैं। अनऔपचारिक क्षेत्र के कम आय के रोजगार ही अधिक संख्या में सृजित होते हैं। ASUSE सर्वे के अनुसार अब देश की अर्थव्यवस्था में औपचारिक श्रमिकों की संख्या 55 प्रतिशत तक पहुंच गई है जबकि PLFS सर्वे के अनुसार यह 61 प्रतिशत पर पहुंच गई है।

केंद्र सरकार द्वारा कौशल विकास के क्षेत्र में लगातार किए जा रहे प्रयासों एवं निजी एवं सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित करने के लिए दिए जाने वाले विभिन्न प्रोत्साहनों का असर भी अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। अब तो कई अन्य देश भी भारत से डाक्टरों, इंजीनियरों, आदि की मांग करने लगे हैं। जापान ने 2 लाख भारतीय इंजीनियरों की मांग की है तो इजराईल एवं ताईवान ने भी एक-एक लाख भारतीय इंजीनियरों की मांग की हैं। आस्ट्रेलिया, अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी आदि विकसित देशों में तो पहिले से ही भारतीय डॉक्टर, इंजीनियर एवं एमबीए के क्षेत्र में कौशल हासिल भारतीयों की भारी मांग है। अब तो अरब देश भी भारतीय डॉक्टर, इंजीनियर एवं एमबीए के क्षेत्र में पारंगत भारतीयों पर अपनी नजर गढ़ाए हुए हैं।

कई निजी संस्थान दरअसल भारत में रोजगार से सम्बंधित आकड़ें प्रस्तुत करने में प्रामाणिक एवं विश्वसनीय सूत्रों का उपयोग नहीं करते हैं एवं अपने निजी हित साधने के उद्देश्य से उपलब्ध आंकड़ों से अपना निजी निष्कर्ष निकालकर जनता के सामने प्रस्तुत करते हैं, जो कई बार वस्तुस्थिति से भिन्न निष्कर्ष देते हुए दिखाई देता हैं। जबकि कुछ विश्वसनीय सूत्र जहां प्रामाणिक आंकड़े उपलब्ध हैं, में शामिल हैं, भारतीय रिजर्व बैंक, EPFO एवं PLFS आदि, इन संस्थानों द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार भारत में पिछले पांच वर्षों से बेरोजगारी की दर लगातार कम हो रही है। इसका आश्य यह भी है कि देश में प्रतिवर्ष रोजगार की मांग से रोजगार के अधिक अवसर सृजित हो रहे हैं, इसी के चलते ही तो बेरोजगारी की दर में कमी आ रही है।

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा भारत में ही उपलब्ध डाटा/जानकारी का उपयोग करके वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए देश में उत्पादकता का एक अनुमान लगाने का प्रयास किया गया है और जो 27 उद्योगों में उत्पादकता एवं रोजगार के आकलन पर आधारित है। इन उद्योगों को छह व्यापक क्षेत्रों में बांटा गया है, कृषि, माइनिंग और मछली पकड़ना, खनन और उत्खनन, विनिर्माण, बिजली, गैस और जल आपूर्ति, निर्माण और सेवाएं। इस विश्लेषण के लिए नैशनल स्टेटिस्टिकल ऑफिस (NSO), नैशनल सैम्पल सर्वे ऑफिस (NSSO) एवं ऐन्यूअल सर्वे ओफ इंडुस्ट्रीज (ASI) सहित विभिन्न स्त्रोतों से आकड़ों को संकलित किया गया है, जो पूंजी (Capital-K), श्रम (Labour-L), ऊर्जा (Energy-E), सामग्री (Material-M) एवं सेवा (Services-S) KLEMS डाटाबेस का निर्माण करता है।

प्रहलाद सबनानी

सेवा निवृत्त उप महाप्रबंधक,

Comment:

Latest Posts

kolaybet giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark güncel giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark güncel giriş
jojobet güncel
betgaranti giriş
betgaranti güncel giriş
meritbet giriş
meritbet giriş
jojobet
jojobet
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
hititbet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betpas giriş
bettilt giriş
hitbet giriş
hitbet
interbahis giriş
hitbet giriş
betgaranti giriş
grandpashabet
jojobet
betgaranti giriş
jojobet
kolaybet giriş
kolaybet giriş
hititbet
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
hititbet giriş
kolaybet
betpark giriş
betpark giriş
xslot giriş
xslot giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
xslot giriş
xslot giriş
betgaranti
imajbet giriş
imajbet giriş