हल्दी घाटी युद्ध में हर मोर्चे पर भारी पडा था मेवाड़ी रण कौशल*

images - 2024-06-18T081116.420

*
समुत्कर्ष समिति द्वारा हल्दी घाटी युद्ध दिवस की पूर्व संध्या पर हल्दीघाटी युद्ध विजय विषयक 123 वीं समुत्कर्ष विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया l वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के सन्दर्भ में गौरव पुनर्स्थापना के प्रयास में समुत्कर्ष समिति के समाज जागरण के ऑनलाइन प्रकल्प समुत्कर्ष विचार गोष्ठी में अपने विचार रखते हुए वक्ताओं कहना था कि हल्दीघाटी युद्ध एक ऐतिहासिक घटना है जो निष्पक्ष दृष्टिकोण से वीरता, प्रतिरोध और भारत की समृद्ध विरासत को दर्शाती है। मेवाड़ के महाराणा प्रताप सिंह मुगलों के खिलाफ प्रबल प्रतिरोध के प्रतीक के रूप में उभरे। उन्होंने प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद मुगल सत्ता को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इस अडिग संकल्प ने आतताई मुगलों से ऐतिहासिक संघर्ष के लिए भूमिका तैयार की l हल्दीघाटी में मुगल साम्राज्य की केंद्रीकरण की महत्वाकांक्षा प्रताप की अपनी विरासत और स्वायत्तता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता से टकराई थी।

विचारगोष्ठी में सर्वप्रथम मंगलाचरण एवं विषय का प्रवर्तन करते हुए शिक्षाविद पीयूष दशोरा ने कहा कि हल्दीघाटी में दोनों सेनाएं सामने हो गईं। घबराए मुगल सैनिक भागने लगे। मेवाड़ी सेना ने पीछा किया। खमनोर में दोनों फौजों की सभी टुकड़ियां आमने-सामने हो गईं। इतना खून बहा कि जंग के मैदान को रक्त तलाई कहा गया। प्रताप के भाले के करारे वार से आहत मुग़ल सेनापति मानसिंह को मैदान छोड़ना पड़ा l इस युद्ध में मुग़ल सेना ने न तो मेवाड़ी सेना का पीछा कर पाई, न प्रताप को जिन्दा या मुर्दा पकड़ पाई l उल्टा गोगुन्दे में चारो ओर खाइयों के बीच भी अपने को असुरक्षित पाकर प्रताप के गुरिल्ला आक्रमणों से भयभीत होकर अंततः मेवाड़ से भाग खड़ी हुई l

विषय मर्मज्ञ सत्यप्रिय आर्य ने इस अवसर पर कहा कि हल्दी घाटी सिर्फ़ एक लड़ाई के बारे में नहीं है; यह उन संघर्षों और बलिदानों का प्रतीक है जिन्होंने भारत के गौरवशाली अतीत को आकार दिया है। यह लड़ाई 18 जून 1576 को मेवाड़ के राणा महाराणा प्रताप की सेना और आमेर के महाराजा मानसिंह प्रथम के नेतृत्व में मुगल सम्राट अकबर की सेनाओं के बीच लड़ी गई थी। महाराणा प्रताप ने हल्दीघाटी युद्ध के लिए एक विशिष्ट गठबंधन बनाया, जिसमें भील आदिवासी और झाला मन्ना, राम शाह तंवर और कल्ला ढूंढाड़ा जैसे सरदार शामिल थे। इस युद्ध में अकबर का एक भी लक्ष्य पूरा नहीं हुआ था, वह मेवाड़ से खाली हाथ ही रहा l भारत में अपराजेय का दम्भी मेवाड़ में आकर हर मोर्चे पर मुंह की खा बैठा था l जरा गौर कीजिए कैसे और किस मोर्चे पर उसकी जीत हुई l

इतिहास विवेचनाकार विद्यासागर ने अल बदायूनी की बात स्मरण करते हुए कहा कि मुगल सेना हार चुकी थी। गांजी खां की सेना पर हमले के दौरान सीकरी के शहजादे, गांजी खां और शेख मंसूर वहां से भाग छूटे। जब वह मुगल सेना के विजयी की बात करता तो उस पर कोई विश्वास भी नहीं करता। हल्दीघाटी से प्रारंभ हुए युद्ध में मार खाई हतबल मुग़ल सेना अजमेर लौट आई। अकबर ने दोनों सेना नायकों को दण्डित करते हुए उनकी ड्योढ़ी बंद कर दी थी। सिद्ध होता है कि युद्ध में मुगल सेना की विजय होती तो अकबर उन्हें पुरस्कृत करता, न कि सजा देता।

यूथ वोइस चिराग सैनानी ने कहा कि महाराणा प्रताप के हल्दी घाटी युद्ध को लेकर शिक्षा जगत में जो पढाया जाता रहा है वह इस महान विभूति के अप्रतिम शोर्य के साथ अन्याय है l महाराणा ने अपनी तलवार से एक ही वार में हाथी सरीखे उस बहलोल खान को घोड़े, शिरस्त्राण, बख्तरबंद सहित सहित दो फाड़ में चीर दिया। इस घटना ने मुगलों पर प्रभाव डाला, इतना भय व्याप्त हो गया कि अकबर की सेना दुबारा युद्ध के लिए वापसी नहीं कर सकी l

दर्शना व्यास ने चेतक की वीरता पर काव्य प्रस्तुत किया l विचार गोष्ठी में डॉ. अनिल कुमार दशोरा ने भी अपने विचार व्यक्त किए l आभार प्रकटीकरण समुत्कर्ष पत्रिका के उप संपादक गोविन्द शर्मा द्वारा किया गया l समुत्कर्ष विचार गोष्ठी का संचालन शिवशंकर खण्डेलवाल ने किया ।

इस ऑनलाइन विचार गोष्ठी में संदीप आमेटा, वीणा जोशी, मुकेश जैन, गोपाल लाल माली, निर्मला मेनारिया, नरेश तेली, सुन्दर लोलावत, दिनेश शर्मा, गरिमा खण्डेलवाल, अशोक सिमलिया, भंवर लाल शर्मा, राजेश अग्रवाल, गिरीश चौबीसा, सीमा गुप्ता, तरुण शर्मा, अशोक पाटीदार, लोकेश जोशी तथा एच. पी. जिंदल भी सम्मिलित हुए।
🌹🌻🪷🕉️🚩🕉️🪷🌻🌹
समुत्कर्ष समिति
🌹🌻🪷🕉️🚩🕉️🪷🌻🌹

Comment:

vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betpuan giriş
betpark giriş
betpuan giriş
betpark giriş
betpipo giriş
betpipo giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
milanobet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
safirbet giriş
vaycasino giriş
madridbet giriş
madridbet giriş
vaycasino giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
madridbet giriş
myhitbet giriş
myhitbet giriş
meritking giriş
betpark giriş
betpark giriş
meritking giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
madridbet giriş
madridbet giriş
milanobet giriş
milanobet giriş
madridbet giriş
betvole giriş
betvole giriş
norabahis giriş
betpipo giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
milanobet giriş
grandpashabet giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
noktabet giriş
noktabet giriş
casinofast
safirbet giriş
safirbet giriş
betebet giriş
betebet giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
imajbet giriş
imajbet giriş