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आज का चिंतन कविता

बढ़ता जा जलवा यू पी में

आचार्य डॉ. राधे श्याम द्विवेदी

हैं राम हमारे यू पी में
हैं श्याम हमारे यू पी मे

दशरथ मख भूमि है यू पी में
शांता सृंगीनारी यू पी में।

सृंगी ऋषि आश्रम यू पी में
भरत नंदी ग्राम है यू पी में।

विंध्याचल देवी यू पी में
पाटन देवी भी यू पी में।

शिव की काशी है यू पी मे
रहते सन्यासी यू पी में।

ब्रज का पनघट है यू पी में
गंगा का तट है यू पी में

यमुना की अठखेली यू पी में
पाप नाशनी गंगा यू पी में।

प्रेमाश्रु सरयू बहे यू पी में
गोमती का क्रंदन यू पी में।

भारद्वाज का आश्रम यू पी में
भृगु का आश्रम हैं यू पी में।

अचिरावती राप्ती यू पी में
गोमती की धारा यू पी में।

व्यास का आश्रम यू पी में
बाल्मीकि बिठूर है यू पी में

सप्तऋषि भृगु आश्रम यू पी में।
नैमिष का तीरथ है यू पी में।

बाबा बटेसर हैं यू पी में
गाज़ी बाबा हैं यू पी में।

मजार कबीर है यू पी में
बुद्ध भगवान है यू पी में।

वशिष्ठ का आश्रम हैं यू पी में
विश्वामित्र भूमि है यू पी में।

मत्स्य अवतार हुआ है यू पी में
परशुराम अवतार भी यू पी में।

रामानन्द संस्थापक यू पी में
रसखान रहीम भी यू पी में।

गौतम बुद्ध की धरती यू पी मे
विरुधक का शासन यू पी में।

प्रसेन जीत राजा था यू पी में
गोरख की वाणी यू पी में।

सन्त रविदास हुए थे यू पी में
राधा स्वामी भी यू पी में।

खुसरो अमीर थे यू पी में
परमहंस योगानंद यू पी में।

कबीर की साखी यू पी में।
आदिनाथ की साधना यू पी में।

स्वामी करपात्री यू पी में
स्वामी नारायण यू पी में ।

केशव का पांडित्य यू पी में
जायसी की सूफी यू पी में ।

सूरदास पद रचे यूपी में
तुलसी रामायण यू पी मे।

देवरहवा बाबा यू पी में
रामभद्राचार्य भी यू पी में।

वेदों की वानी यू पी में
झांसी की रानी यू पी में।

शामे अवध रहा यू पी में
बनारस की सुबहे यू पी में ।

मंगल पाण्डेय थे यू पी में
चंद्रशेखर आजाद भी यू पी में।

आचार्य नरेंद्र देव थे यू पी में
गणेश शंकर विद्यार्थी यू पी में ।

पंत गोविन्द बल्लभ यू पी में
कमला पति त्रिपाठी यू पी में।

हेमवती नन्दन बहुगुणा यू पी में
नारायण दत्त तिवारी यू पी में।

नाना जी देशमुख यू पी में
अटल जन्म भूमि है यू पी में।

कल्याण का जलवा यू पी में
टंडन दास पुरुषोत्तम यू पी में

लोहिया राम मनोहर यू पी में
सहजानंद सरस्वती यू पी में।

लाल जवाहर नेहरू यू पी में
शास्त्री लाल बहादुर यू पी में

मदन मोहन मालवीय यू पी में
इंदिरा गांधी थी यू पी में

अटल बिहारी का घर यू पी में
चंद्र शेखर भी थे यू पी में।

बहन मायावती थी यू पी में
मुलायम अखिलेश हैं यू पी में।

हैं सभी सयानें यू पी में
हैं देश दिवानें यू पी में।

हम हिन्दू जिस दिन ठानेंगे
हम अपनीं करके मानेंगे।

श्री राम नगरिया न्यारी है
मथुरा काशी की बारी है।

मोदी का मेला यू पी में
योगी का खेला यू पी में।

अद्भुत अपनापन यू पी में
अद्भुत अल्हड़पन यू पी में।

दशरथ के नंदन यू पी में
यशोदा के नंदन यू पी में।।

जिनको बस सत्ता प्यारी है
यू पी उन सब पर भारी है।

सम्मान मिलेगा यू पी में
फिर फूल खिलेगा यू पी में।

हम उदासीनता त्यागेंगे
घर छोड़ विभीषण भागेंगे।

यह यू पी है इंसानों का
यह यू पी है भगवानों का।

यह यू पी है विद्वानों का
यह यू पी बीर जवानों का।

बुलडोजर चलता यू पी में।
सब क्राइम भगता यू पी में।

गुंडे प्रदेश को छोड़ रहे
उद्योग प्रदेश में आने लगे।

उत्तर प्रदेश बन रहा है उत्तम
सनातन प्रदेश बन गया यू पी में।

कवि आचार्य डॉ. राधे श्याम द्विवेदी का परिचय:-
(कवि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, आगरा मंडल ,आगरा में सहायक पुस्तकालय एवं सूचनाधिकारी पद से सेवामुक्त हुआ है। वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश के बस्ती नगर में निवास करते हुए समसामयिक विषयों,साहित्य, इतिहास, पुरातत्व, संस्कृति और अध्यात्म पर अपना विचार व्यक्त करता रहता है।)

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