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उगता भारत न्यूज़

बार और बेंच दोनों मिलकर ही लेते हैं न्यायालय का स्वरूप: हरिशंकर सिंह

नोएडा ( विशेष संवाददाता ) विगत 4 जुलाई को बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष /चेयरमैन श्री हरिशंकर सिंह जनपद दीवानी न्यायालय परिसर ग्रेटर नोएडा गौतम बुध नगर में एक व्यक्तिगत समारोह में शिरकत करने के बाद पधारे।
अपने जोशीले व्यक्तित्व और स्पष्टवादिता के लिए जाने जाने वाले श्री सिंह का जनपद दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन गौतम बुद्ध नगर के पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने बहुत ही गर्मजोशी के साथ हार्दिक अभिनंदन किया।
श्री सिंह एक ऐसे व्यक्तित्व के स्वामी हैं जो अधिवक्ताओं के लिए संघर्षरत रहा है। उनके लिए क्षेत्र, क्षेत्रवाद या जातिवाद कोई मायने नहीं रखता है। वह केवल अधिवक्ताओं के हितों के लिए संघर्ष करने के लिए अपना काम करते हैं और इसी के लिए समर्पित होकर आगे बढ़ रहे हैं।अधिवक्ताओं के हित की लड़ाई लड़ने के लिए श्री सिंह का नाम अग्रगण्य है। पूरे प्रदेश में श्री सिंह अधिवक्ताओं के एकमात्र ऐसे नेता हैं जिनका नाम हर संघर्ष में प्रथम स्थान पर होता है । पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं ने जब कभी हाई कोर्ट बेंच की मांग को लेकर संघर्ष किया है तब वह बिना किसी क्षेत्रवाद की संकीर्णता में घिरे हुए पश्चिम उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं के साथ मैदान में आकर खड़े हुए हैं।
अधिवक्ता हित के लिए कदम से कदम मिलाकर वह हमेशा से साथ चलते रहते हैं। चाहे पूर्वांचल के अधिवक्ताओं के हित की बात हो अथवा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं के हित की बात हो श्री सिंह बिना किसी भेदभाव के अपने व्यक्तिगत खर्चे पर अधिवक्ताओं की लड़ाई में शामिल होने में अपना सौभाग्य समझते हैं। इसीलिए बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के चुनाव में पूरे प्रदेश के अधिवक्ताओं ने श्री सिंह को भारी बहुमत से विजयी बनाया था, उनको कोटा प्राप्त हुआ था। यह उनकी लोकप्रियता का एक उदाहरण है।
अपने उपरोक्त कार्यक्रम में भी श्री सिंह ने उपस्थित अधिवक्ताओं को यह विश्वास दिलाया कि वह उनके हितों की लड़ाई आगे भी जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता एक पीड़ित व्यक्ति को भी न्याय दिलाने का कार्य करता है । इसलिए अधिवक्ता वकालत के माध्यम से न केवल अपनी जीविकोपार्जन करता है बल्कि वह समाज सेवा का पवित्र कार्य भी करता है। कोई भी पीड़ित व्यक्ति न्यायालय के दरवाजे पर जाने से पहले अधिवक्ता के दरवाजे पर आता है। इसलिए एक गंभीर अधिवक्ता पीड़ित की सहायता के लिए उठ खड़ा होता है। अधिवक्ता और न्यायालय दोनों का काम न्याय दिलाना होता है इसीलिए बार और बेंच दोनों मिलकर न्यायालय का स्वरूप लेते हैं । उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत अधिवक्ता की बहुत ही गंभीर और बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।
बार एसोसिएशन गौतम बुध नगर के प्रेसिडेंट कालूराम चौधरी, महासचिव नीरज तंवर, वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र सिंह आर्य, श्रीचंद्र छाबड़ी, जितेंद्र कसाना, महेश गुर्जर पूर्व महासचिव,मनोज नागर, अमृत सिंह आर्य, प्रमेंद्र भाटी, राजकुमार नागर, निर्देश भाटी, व अन्य अधिवक्ताओं ने श्री सिंह की सिंह गर्जना का उल्लेख करते हुए बताया कि श्री सिंह ने सदैव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ की स्थापना को लेकर समर्थन प्रदान किया है । उन्होंने बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अन्य सदस्य अथवा इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं के विरोध की परवाह न करते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं को उनके संघर्ष में समर्थन दिया है, जिसकी मुक्त कंठ से प्रशंसा की गई।
अधिवक्ता प्रमेंद्र भाटी द्वारा श्री सिंह को अधिवक्ताओं के हित के लिए तथा सि,ओ,पी ,जारी किए जाने के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए जिन को क्रियान्वित करने के लिए श्री सिंह ने बार काउंसिल उत्तर प्रदेश के पटल पर रखकर शामिल कराने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर उगता भारत समाचार पत्र के चेयरमैन देवेंद्र सिंह आर्य एडवोकेट द्वारा सभी अधिवक्ताओं का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया गया।
उन्होंने अपने धन्यवाद ज्ञापन में कहा कि अधिवक्ता का सम्मान एक न्याय प्रिय व्यक्ति का सम्मान करना होता है। अधिवक्ता अपने व्यवहारी की ओर से एक अधिकृत वक्ता तो है ही एक अधिकारी वक्ता भी है जो न्याय पाने के लिए पूरे अधिकार के साथ लड़ाई लड़ता है।

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