बाइबिल में हिन्दुओं का उल्लेख

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बाइबिल में हिन्दुओं का उल्लेख

जिहादियों का मुकाबला इस्राएल से सीखो !

हमें यह लेख तब लिखना पड़ा जब 12 अगस्त 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख के लेह में लोगों के सामने यह बात कहीं कि ” पाकिस्तान में सीधी लड़ाई लड़ने की हिम्मत नहीं है ,इसलिये वह आतंकवादियों के सहारे परोक्ष युद्ध छेड़े हुए है ” मोदी के भक्त उनके इस बयान से भले खुद को निडर और पाकिस्तान को डरपोक समझने का सपना देखने लगें ,लेकिन वास्तव में वह सभी लोग डरपोक हैं . जो भारत की सीमा में घुस कर आतंक फ़ैलाने वालों को मुस्लिम आतकवादी या मुस्लिम जिहादी न कह कर सिर्फ आतंकवादी कहते हैं . इसी तरह वह सभी लोग डरपोक हैं जो इस सत्य को नहीं कहते कि पाकिस्तानी द्वारा चलाया जा रहा क्षद्म युद्ध आतंकवाद नहीं मुसलमानों द्वारा हिन्दुओं के विरुद्ध जिहाद है , जिसका कारण सीमा विवाद नहीं काफिरों ( हिन्दू ) का नाश और और पूरे भारत खंड पर इस्लामी झंडा फहराना है .
और जब तक भारत के हिन्दू ऐसे आतंकवादियों को मुस्लिम जिहादी नहीं मानते और उनके साथ वैसा ही व्यवहार नहीं करते जैसा इजराइल करता है , तब तक देश की सीमा पर और अंदर आतंकवाद बंद नहीं हो सकता , यह हमारा दावा है ,
इस बात को ठीक से हमें इजराइल फिलस्तीन क्षद्म युद्ध का कारण और भारत इजराइल सम्बन्ध के बारे में जानना जरुरी है , क्योंकि दोनो ही इस्लामी आतंक से त्रस्त हैं ,

1-बाइबिल में भारत का विवरण
भारत और इजराइल का सम्बन्ध हजारों साल पुराना है . भारत की तरह इस्राएल का इतिहास भी गौरवशाली है ज़िस समय अरब के लोग काफिले लूटा करते थे , इजराइल में सोलोमन(solomon) जैसा प्रतापी राजा राज करता था , उसके समय (970-931BC ) में भारतीय सामान समुद्री मार्ग इस्राएल भेजा जाता था . भारत का उल्लेख बाइबिल में अनेकों जगह मिलता है , कुछ उदाहरण देखिये ,”फिर हाराम के जहाज जो “ओफीर Ophir ” ( भारत का एक बंदरगाह सोपारा जो मुंबई के पास है ) से सोना लाते थे वह राजा के लिए चन्दन की लकड़ी और रत्न ले आये . राजा ने सोना यहोवा ( ईश्वर ) के मंदिर में लगवाया और चन्दन की लकड़ी से भजन गाने वालों के लिए वीणा और सारंगियां बनवा दी ”
1 – राजा 10 :11 -12

“समुद्री मार्ग से तर्शीश के लोग जहाज भर कर सोना ,चांदी , हाथीदांत , बन्दर , और मोर ले आते थे , इस से राजा सोलोमन सभी राजाओं में बड़ा राजा बन गया ”
1 राजा 10 :22 -24
नोट – इस आयत में हिब्रू में बन्दर के लिए ” कॉप ” शब्द आया है ,जो संस्कृत शब्द “कपि ” से लिया गया है . उल्लेखनीय बात यह है कि उस समय इस आयत में वर्णित सभी चीजें सिर्फ भारत में ही मिलती थी .

इसके अतिरिक्त बाइबिल में दो बार स्पष्ट रूप से भारत का नाम दिया गया है , हिब्रू भाषा में भारत को “होदुव -הֹדּוּ “कहा गया है , जो सिंधव( होंदुव ) शब्द का अपभृंश है , और इसी से हिन्दू शब्द बना है बाइबिल के अंगरेजी अनुवाद में इसे “india” कहा गया है , जो सिंधव शब्द का अपभृंश है , और इसी से हिन्दू शब्द बना है बाइबिल के अंगरेजी अनुवाद में इसे “हिंदुस्तान “लिखा गया है . यह दो आयतें इस प्रकार हैं ,

“दादानी लोग व्यापारी थे वे कई द्वीपों हाट लगाते थे , और इस्राएल के लिए हाथी दांत और आबनूस की लकड़ी लाते थे ” यहेजकेल 27:15 -17

यह क्षयर्ष नामके राजा के समय की बात है ,जो 127 प्रांतों और हिंदुस्तान से कूश देश तक राज करत था ” एस्तेर 1:1

फिर राजा ने लेखक बुलवाये और उनसे यहूदी और हिंदुस्तान से कुश देश तक सभी राजाओं को पत्र लिख कर भेजने को कहा ” एस्तेर 8:9 -10

2-अरब जंगली गधे की तरह हैं
इस्लाम से पहले अरब में धार्मिक ग्रन्थ के नाम पर तौरेत ( Bible ) पढ़ी जाती थी , उसने अरबों को इस्माइल का वंशज माना गया है , मुहम्मद के पूर्वज भी उसी के वंशज थे , लेकिन तौरेत में इस्माइल के बारे में जो लिखा है उसे जानकर मुहम्मद साहब यहूदियिं से जलते थे ,तौरेत में लिखा है ,
ईश्वर ने इब्राहिम की रखैल सारा से कहा , तू एक पुत्र जनेगी उसका नाम इस्माइल रखना , उसका स्वभाव एक जंगली गधे की तरह होगा और उसका हाथ सभी निर्दोष लोगों पर उठेगा , वह अपने ही लोगों से लड़ता रहेगा ”
बाइबिल उत्पत्ति-अध्याय 16 आयत 11 -12

चूँकि अरब के लोग हमेशा लड़ते रहते थे , इसलिए यहूदी उनको इब्राहिम के नाजायज बेटे की संताने कहते थे .
और इसीलिए मुहम्मद साहब और उनके साथी यहूदियों से जलते थे और नफ़रत करते थे .
( नोट- हराम की औलादों के बारे में गीता में यही लिखा है ” गीता 1 :40 -41 )

3-अरब इजराइल युद्ध का कारण

मुसलमान यहूदियों को क्यों मारते रहते हैं , इसका कारण कोई राजनीतिक या किसी प्रकार का सीमा विवाद नहीं है ,बल्कि असली कारण यहूदी विरोधी हदीसें हैं , उदहारण के लिए यह हदीसें देखिये ,

1.”अबू हुरैरा ने कहा कि रसूल ने बताया है कि अंतिम न्याय का दिन तब तक नहीं आएगा जब तक मुसलमान युद्ध में सभी यहूदियों को क़त्ल नहीं देते . और यदि कोई यहूदी किसी चट्टान या पेड़ के पीछे भी छुप जाएगा , तो वह चट्टान और पेड़ यहूदी का पता बता देंगे . लेकिन ग़रक़द का पेड़ चुप रहेगा ,क्योंकि वह एक यहूदी पेड़ है .
.
सही मुस्लिम -किताब 41 हदीस 6985

2 .रसूल ने कहा कि अन्तिंम दिन अल्लाह का न्याय तब तक पूरा नहीं होगा , जब तक मुसलमान यहूदियों से युद्ध करके उनको कत्ल नहीं कर देते . और यदि कोई यहूदी जान बचने के लिए किसी चट्टान के पीछे भी छुप जायेगा ,तो वह चट्टान बोलेगी मुसलमानों देखो मेरे पीछे एक यहूदी छुपा है , उसे मार डालो ”
सही बुखारी – जिल्द 4 किताब 52 हदीस 177

4-अरब में यहूदी विरोधी शिक्षा

वैसे तो सभी मुस्लिम माता पिता बचपन से ही अपने बच्चों को गैर मुस्लिमों के प्रति नफरॅत की घुट्टी पिला देते हैं ,लेकिन सऊदी अरब की सरकार ने तो बारहवीं क्लास के विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम बाकायदा यहूदियों से नफ़रत की तालीम शामिल कर रखी है “जिसके एक अध्याय का नाम है “दरसाते मिनल आलम अल इस्लामी – دراسات من العالم الاسلامي “इसका अर्थ है “इस्लामी दुनिया का अध्ययन”(studies from muslim world ).इसके एक अध्याय में इजराइल , फिलस्तीन युद्ध के एक जिहाद बता कर कहा गया है कियह युद्ध मुहम्मद साहब के समय से ही चल रहा है .इस किताब के तीसरे पाठ में लिखा है कि इजराइल और फिलस्तीन के बीच जो जिहाद है ,उसका उद्देश्य इस पूरे भूभाग में फिर से वैसी ही व्यवस्था लागु करना है ,जो रसूल के समय में थी , इसलिए यहूदियों और मुसलमानों के बीच कभी शांति नहीं हो सकती। क्योंकि यहूदी झूठे , धोखेबाज और अल्लाह का हुक्म तोड़ने वाले हैं , उनके इन्हीं दुर्गुणों के बारे में कुरान में लिखा है . इसके बाद किताब में कुरान की कुछ आयतें भी दी गयी हैं .

https://www.memri.org/image/9455.jpg

5-इस्राएल और उसके शत्रुओं की तुलना

विश्व में इजराइल एक ऐसा देश है जो कई तरफ से मुस्लिम देशों से घिरा हुआ है , जो सभी इजराइल को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं
इस्राएल की राष्ट्रभाषा और धर्मभाषा में इजराइल का हिब्रू में नाम ” मदीनथ इस्रायेल – מְדִינַת יִשְׂרָאֵל ” है . इस्राएल के अधिकांश लोग यहूदी है , आकर और जनसंख्या के अनुसार इजराइल काफी छोटा देश है , इसकी लम्बाई 470 कि मी (290 मील ) और चौड़ाई 135कि मी (85 मील है , और कुल क्षेत्रफल 10840 वर्ग कि मी है . और जनसँख्या सिर्फ 81 लाख (8,134,10 ) है , जनसंख्या के हिसाब से विश्व में इजराइल का नंबर 97 वां है .दूसरी तरफ पांच बड़े मुस्लिम देश हैं जिनकी आबादी इस प्रकार है ,
1.मिस्र (Egypt)-82,196,587
2.सीरिया -21,960,358
3.जॉर्डन -7,329,643
4.ईरान -77352373
5.तुर्की -75,087,121

यदि इजराइल के इन सभी मुस्लिम शत्रु देशों की कुल जनसंख्या जोड़ ली जाये तो 263926082 (छब्बीस करोड़ ,उनचालीस लाख ,छब्बीस हजार और ब्यासी ) है . इनके सामने इजराइल की जनसंख्या केवल 2. 4 प्रतिशत है .

6-जिहाद पर इस्राएल की नीति

यदि हम इजराइल का नक्शा देखें तो पता चललता है कि यह छोटा सा देश चारों तरफ से शत्रु मुस्लिम देशों से घिरा हुआ है ,और यदि मुसलिम देशों का बस चलता तो वे इजराइल को कच्चा चबा जाते , लेकिन यदि आज इजराइल इन मुस्लिम देशों से टक्कर ले रहा है तो उसके पीछे दो कारण हैं , एक तो इजराइल में सेकुलर जैसे गद्दार नहीं हैं जो जिहादियों की मदद करते , दूसरा कारण यह है कि इजराइल की नीति हरेक आतंकी घटना के बदले वैसी ही और उसी अनुपात में कार्यवाही करने की है , इस नीति के बारे में दिनांक 7 अगस्त 2014 को इस्राएल के रक्षा मंत्रालय ( Israel Ministry of Foreign Affairs ) द्वारा जो अधिसूचना जारी की है , उसका शीर्षक ” Fighting Hamas terrorism within the law ” है .” सभी रक्षात्मक उपाय करने के बाद इस्राएल ने स्वीकार कर लिया है कि अब सैनिक कार्यवाही करना अनिवार्य हो गया है ,क्योंकि पिछले महीने हमास और जिहादियों द्वारा छोड़े गए रॉकेटों की जद में इजराइल के बड़ेशहर जैसे तेलअबीब ,हैफा और राजधानी यरूशलेम भी आ गए हैं . इसलिए हम कानूनी तौर पर लोगों जान माल की रक्षा के लिए सैन्य अभियान चलने पर बाध्य है . हमारा उदेश्य हमास के जिहादियों को समाप्त करना है , जिसके लिए हमरी नीति हमास और जिहादियों के साथ वैसा और उसी अनुपात में जवाब देने की है , जैसा वह करते हैं “जिहादियों के प्रति इजराइल की इस नीति का नाम
“Operation Protective Edge ” है .

“Israel acknowledges that despite the precautions taken, military operations inevitably lead to a loss of civilian life and property.
During the past month, Hamas’ and other Jihadi groups’ rockets have reached Israel’s largest cities including Tel-Aviv, Haifa and Israel’s capital, Jerusalem,Israel is bound by these laws and, thus, committed to limiting itself to a lawful response. This means that, while Hamas uses .International humanitarian law also requires that any military attack be “proportionate” ,
its military attacks against Hamas and other Jihadi groups, Israel is doing everything in its power to adhere to these principles and thus minimize harm to the civilian population: Israeli troop”

8-इस्राएल अरब पर भारी क्यों

यदि ईश्वर की कृपा हो , धर्म पर निष्ठां हो और देश पर अटूट प्रेम हो तो थोड़े से लॉग भी बहुत से लोगों का मुकाबला करने में सक्षम हो सकते हैं , इजराइल के बारे में बाइबिल में लिखा है

“यहोवा ने पृथ्वी के सभी देशों के लोगों में से तुझे चुन लिया ,कि तू उसकी प्रिय और निज प्रजा ठहरे , यहोवा ने तुझे स्नेह कर के चुन लिया इसका कारन यह नही कि तुम गिनती में अधिक हो , परन्तु तुम तो सभी देशों के लोगों से गिनती में कम हो ”
व्यवस्था विवरण 7 :7 -8

इन्हीं विशेष गुणों के कारण छोटा होने पर भी इजराइल बड़े मुस्लिम देशों का निडर होकर मुकाबला करता रहता है , सबसे बडी बात यह है कि इजराइल में सेकुल्लर नामके गद्दार नहीं हैं जो जिहादियों का सफाया करने में रूकावट पैदा कर सकें और कहें की मुसलमान आतंकी नहीं होते। चूँकि मुसलिम जिहादी आतंकवादी इजराइल की तरह भारत को भी अपना शत्रु मानते हैं , और भारत के अंदर और बाहर आतंकी वारदातें करके भारत को बर्बाद करने का मंसूबा रखते हैं ,इसलिए आज हमें इस्लामी आतंक को निर्मूल करने के लिए इजराइल की नीति अपनाने की जरुरत है . केवल बड़ी जनसंख्या होने से कुछ नहीं होगा , जब तक देश में मौजूद सेकुल्लर गद्दारों का सफाया नहीं होगा भारत सुरक्षित नहीं रहेगा .
पाठकों से अनुरोध है कि फेसबुक के माध्यम से इजराइल के युवा लोगों से मित्रता स्थापित करें ,और एक ग्रुप बनायें

(201)
ब्रजनंदन शर्मा

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