मरणोपरांत मूसेवाला पानी से आग लगा गया*

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दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसे वाला का विगत 23 जून 2022 शाम 6:00 बजे ‘एसवाईएल’ शीर्षक से उसका सॉन्ग रिलीज हुआ। एल्बम को शुरुआती 1 घंटे में ही 1 मिलीयन व्यूज मिले यूट्यूब पर…. अभी भी तेजी से वायरल हो रहा है….। SYL एल्बम सिद्धू की जहरीली खालिस्तानी मानसिकता का परिचायक है जो कभी भी राष्ट्रीय संप्रभुता सुरक्षा के लिए मुफीद नहीं रही।

सिद्धू मूसे वाला का यह SYL सॉन्ग हरियाणा पंजाब के सतलुज रिवर लिंक( जल विवाद) को आग दे रहा है। यह सॉन्ग कितना आपत्तिजनक, हिंसा को बढ़ावा देने वाला है उससे पहले हमें सतलुज यमुना लिंक परियोजना को समझना होगा। 1955 में राजस्थान, पंजाब ,जम्मू कश्मीर के बीच रावी व्यास नदी के जल बंटवारे को लेकर समझौता हुआ। उस समय तीनों ही राज्यों व केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। रावी व्यास के पानी का आकलन किया गया पानी की मात्रा 15.85 मिलियन एकड़ फिट पाई गई लगभग 8 MAF पानी राजस्थान को मिला 7 MAF पंजाब को मिला 1 MAF पानी जम्मू कश्मीर के हिस्से में आया। वर्ष 1966 में पंजाब का विभाजन होता है पृथक नया राज्य भाषा अलग संस्कृति के आधार पर हरियाणा अस्तित्व में आता है। हरियाणा, पंजाब को मिलने वाले 7 MAF पानी में से अपने हिस्से का 3.5 MAF पानी की मांग करता है…. यह मांग पूरी तरह संवैधानिक ,जलीय संसाधनों के कानूनी बंटवारे पर आधारित थी…. मांग वाजिब होने के पश्चात भी पृथक हरियाणा राज्य, करोड़ों हरियाणा के किसानों को उसके हिस्से का पानी नहीं मिलता… केंद्र, हरियाणा, पंजाब में कांग्रेस की सरकार रही लेकिन पंजाब में अकाली दल मजबूत स्थिति में था…. पंजाब के तमाम हिंसक अतिवादी संगठनों के विरोध को दरकिनार करते हुए इंदिरा गांधी वर्ष 1982 में पटियाला के कपूरी गांव में सतलुज नदी के पानी को यमुना नदी में डालकर हरियाणा की सिंचाई के लिए एसवाईएल परियोजना का लोकार्पण करती है…. पंजाब के खालिस्तानी सिख संगठन परियोजना में आए दिन रोड़ा अटकाते गये इंदिरा गांधी की हत्या तक हो जाती है इतना ही नहीं 1990 में इस परियोजना के दो चीफ इंजीनियर एमएल सीकरी अवतार सिंह औलख को गोली से 23 जुलाई वर्ष 1990 में उड़ा दिया जाता है।
1966 से लेकर आज तक हरियाणा अपने हिस्से के पानी की मांग कर रहा है लेकिन उसे अपने हिस्से का पानी नहीं मिल पाया है ।सुप्रीम कोर्ट में भी मामला चल रहा है लेकिन समस्या का समाधान होता दिखाई नहीं दे रहा सुप्रीम कोर्ट ने 1996 से आज पर्यंत चल रही सुनवाई में अनेक बार हरियाणा की मांग को वाजिब माना है ।

अब सिद्धू मुसेवाला के SYL सॉन्ग पर लौट कर आते हैं song के बोल बड़े ही आपत्तिजनक है…. इसने हरियाणा पंजाब के कथित भाईचारे छोटे भाई बड़े भाई के भरत मिलाप को आईना दिखाया है…. खालिस्तानीयो को कथित किसान आंदोलन में लस्सी दूध पिलाने का उचित प्रतिफल दिवंगत सिद्दू मूसेवाला ने दिया है…।

सॉन्ग का एक अन्तरा इस प्रकार है।

जिना चिर सानू सोवरजिनिटी नही दिदे।
पानी तो छोडो इक तुपका नही देदे।
साडा असी हरियाणा हिमाचल चण्डीगढ दे दो।

सिद्दू मूसेवाला ने हमेशा अपने गीतों को अपने जहरीले एजेंडे के लिए हथियार की इस्तेमाल किया । अपने इस लास्ट वीडियो SYL मे हालाकि उसके कुछ वीडियो जो अनरिलीज्ड है आने बाकी है वह सारी मर्यादाओं को पार कर गया।

सिद्दू मूसे वाला धमकी दे रहा है जब तक भारत, पंजाब को उसकी संप्रभुता नहीं देगा वह एक बूंद पानी की भी हरियाणा को नहीं देंगे और जब तक हिमाचल हरियाणा चंडीगढ़ पंजाब को नहीं मिल जाता तब तक हरियाणा को ऐसे ही हम प्यासा मारेंगे।

इतना ही नहीं इस सॉन्ग में जनवरी 2021 किसान आंदोलन की लाल किले की हिंसा को भी महिमामंडित जायज ठहराया गया है तिरंगे के स्थान पर निशान सहायब को फहराना सिख्खो की बहादुरी बताई गई है। उस घटना की आलोचना करने के लिए एक अन्य पंजाबी गायक बब्बू मान जिन्होंने लाल किला हिंसा को लेकर कहा था कि उन्हें अपने मां बाप के मरने का भी इतना दुख नहीं होता जितना आज सिखों के द्वारा लाल किले पर की गई आपत्तिजनक शर्मनाक घटना से हुआ है उसको भी सिद्दू मूसे ने निशाना बनाया है।

शातिर मुसेवाला ने किसान आंदोलन के समय कश्मीर के गवर्नर सतपाल मलिक के उस घटिया टिप्पणी बाइट बयान को ज्यों का त्यों तो अपने इस सॉन्ग में यूज किया है। जिसमें सत्यपाल मलिक कह रहे हैं कि सिक्ख कौम अपने दुश्मन से बदला जरूर लेती है चाहे 600 साल लग जाए उन्होंने इंदिरा गांधी को ठोका ,लंदन में जाकर डायर को मारा ऑपरेशन ब्लू स्टार के नायक आर्मी के जनरल वैद्य को पुणे में जाकर गोली से उड़ाया ऐसे में वह मोदी को भी छोड़ने वाले नहीं है…. सतपाल मलिक की गैर जिम्मेदाराना टिप्पणी को इस सॉन्ग में सिक्ख शौर्य के तौर पर स्थापित कर सिद्दू मूसे वाला ने इसे भूनाया है। एसवाईएल सॉन्ग में सिद्दू मूसे वाला ने 90 के दशक में पंजाब में हजारों निर्दोषों का खून बहाने वाले खालिस्तानी आतंकी जो जेलों में बंद है तथा सतलुज यमुना लिंक रिवर परियोजना के इंजीनियरों के हत्यारों की रिहाई की भी मांग की है।

दिवंगत सिद्धूमूसेवाला ने जान बुझते हुये संविधानिक मूल्यों, संवैधानिक संस्थाओं सुप्रीम कोर्ट को आईना दिखाया है….. हरियाणा के करोड़ों हरियाणा वासी जो हरियाणावासी बाद में पहले भारतीय हैं उनके पानी के अधिकार को गायकी कला की आड़ में पैरों तले रौंदा है।

कथित किसान आंदोलन में हरियाणा वासियों ने कौमी एकता बड़े भाई छोटे भाई के पागलपन के फितूर में सांपों को दूध पिलाया था इसका नतीजा यह एसवाईएल सॉन्ग है। जो पंजाब में खासा लोकप्रिय हो रहा है इसलिए नहीं कि इसको गाने वाला रचने वाला दिवंगत हो चुका है बल्कि इसलिए यह जहरीले खालिस्तानी सिख संगठनों की देश विरोधी विचारधारा को पुष्ट कर रहा है बल दे रहा सिख युवकों को रेडिकलाइज कर। अब खालिस्तानी इस सॉन्ग को ढाल बनाएंगे… सिद्धू मूसा वाला जानबूझकर ऐसे एल्बम सॉन्ग बनाता था यह सॉन्ग पहले भिंडरावाला के निधन की तिथि अर्थात ऑपरेशन ब्लू स्टार की बर्सी 6 जून 2022 को रिलीज होना था।।। लेकिन जो दूसरों के लिए गढ्ढे खोदते हैं एक दिन वह उसी में गिरते हैं सिद्दू मूसे वाला 28 मई को मारा गया इतना ही नहीं उसके एक मित्र ने खुलासा किया है कि उसने सिद्धूमूसेवाला को समझाया था वह हरियाणा पंजाब जल बंटवारे के विवाद पर सॉन्ग ना बनाएं इस विवाद को चिर लंबित आधी सदी पुरानी समस्या को तूल ना दे इससे उसकी पार्टी खुद कांग्रेस को भी परेशानी हो सकती है लेकिन सिद्धू मुसेवाला वाले ने किसी की एक नहीं सुनी। धार्मिक क्षेत्र में भिंडरावाले की मृत्यु के पश्चात उसकी जो स्वीकारिता लोकप्रियता पंजाब में बढी सिद्दू मूसे वाला भी मरणोपरांत उसी मार्ग की ओर प्रशस्त है उसकी बानगी है SYLसॉन्ग है इसका तेजी से वायरल होना।

2014 किलोमीटर लंबी इस सतलुज यमुना लिंक नहर का 122 किलोमीटर हिस्सा पंजाब में 92 किलोमीटर हरियाणा से होकर गुजरता इससे हरियाणा के साथ-साथ पंजाब को भी फायदा मिलता। 50 किलोमीटर यह नहर खुद भी गई थी आज उसमें घास फूस पेड़ पौधे उगाए हैं।

हरियाणा के हक का पानी उसे नहीं मिलने से आज भी हरियाणा को मासिक 2000 करोड का नुकसान होता है कृषि क्षेत्र में हरियाणा की असल समस्या कृषि कानून नहीं उसके हिस्से का पानी उसे ना मिलना था, है। हैरत तो देखिए हरियाणा के किसी भी किसान संगठन जातीय संगठन ने इस मांग पर कभी भी आंदोलन नहीं किया खालिस्तानीयों के हाथ की कठपुतली बन गए। सचमुच हरियाणा का इंसान बहुत भोला होता है। सिद्दू मूसे वाला मर कर भी रक्तबीज बो गया विष वमन कर गया गायकी कलाकारी की आड़ में।

हैरत तो यह है हरियाणा के घर-घर में उछल कूद मचाने वाले हरियाणा के रॉकस्टार हरियाणा हरियाणा करने वाले लोक गायक क्या कर रहे हैं?

आधुनिक हरियाणा का निर्माण करने वाली आर्य समाज ही संकटमोचक की भूमिका निभा सकती है जैसी भूमिका उसने हिंदी आंदोलन, हरियाणा के विभाजन में निभाई थी पंजाब के भाषायी शोषण, भेदभाव के विरुद्ध। एक आम हरियाणवी को आर्य समाज का सहयोग करना होगा वह दिन दूर नहीं जब सतलुज का पानी हरियाणा के शस्य श्यामला भूमि को सीचेगा। खालिस्तानी चिखते चिल्लाते रह जाएंगे।

आर्य सागर खारी✍✍✍

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