सुषमा: छोटा मोदी, बड़ा मोदी !

sushma swarajविदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यदि इस्तीफे की पेशकश की है और यदि यह सच है तो इस कदम ने उनके राजनीतिक कद को ऊंचा कर दिया है लेकिन यदि उनका इस्तीफा स्वीकार हो जाता है तो इससे भाजपा सरकार ही नहीं, देश का भी बड़ा नुकसान होगा। सुषमा ने इस्तीफे की पेशकश की,इससे ही कुछ बातें स्पष्ट हो जाती हैं। सबसे पहली तो यह कि वे स्वयं एक संवेदनशील महिला हैं। जिस महिला ने जिंदगी भर अपने समर्थकों और विरोधियों की भी प्रशंसा पाई है और जो भी काम उन्हें सौंपा गया, उसे उन्होंने योग्यतापूर्वक निभाया है, वह यह कैसे बर्दाश्त कर सकती है कि सारे टीवी चैनल, सारे अखबार और लगभग सारे विपक्षी नेता पानी पी−पीकर उस महिला को कोसने लगें। जहां तक वर्तमान सरकार का सवाल है, विदेश मंत्री के तौर पर सुषमा स्वराज ने अदभुत कार्य किया है। मैं अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर कह सकता हूं कि पिछले25 साल में सुषमा की टक्कर का शायद ही कोई विदेश मंत्री हुआ है। इस प्रचारशील पद पर रहकर उन्होंने अपने आपको जितना जब्त किया है, वह असाधारण घटना है। इसीलिए उन्हें अब ठेस लगी है।

उन्होंने इस्तीफे की पेशकश की, इससे यह भी जाहिर होता है कि वे मान रही हैं कि उनसे कहीं न कहीं गंभीर चूक हो गई है। यों ललित मोदी चार साल से लंदन में रंगरलियां मना रहा है और वह पुर्तगाल चला जाता तो कोई आसमान नहीं टूट पड़ता। लेकिन असली सवाल यह है कि उसकी पत्नी के ऑपरेशन की बात को सुषमा ने मान कैसे लिया? जो आपरेशन लंदन और बंबई में नहीं हो सकता, वह लिस्बन में कैसे हो सकता है? और पुर्तगाल में ऑपरेशन के लिए मरीज़ के पति की अनुमति भी जरुरी नहीं है। यह आश्चर्यजनक है कि मोदी जैसे संदेहास्पद पात्र के लिए भारत की विदेश मंत्री सीधे ब्रिटेन के एक सांसद और उच्चायुक्त से संपर्क करे। यदि मानवीय दृष्टि से ही उन्हें मदद करनी थी तो वे विदेश मंत्रालय के अफसरों से उचित प्रक्रिया अपनाने के लिए कह सकती थीं लेकिन सुषमा का जैसा स्वभाव है,बर्फ की तरह पिघलने का, उन्होंने खुद ही पहल कर दी। उन्हें क्या पता था कि यह मामला इतना तूल पकड़ जाएगा। एक मोदी को तो वे साल भर से अपने कंधे पर ढो ही रही हैं, अब यह दूसरा मोदी उनके गले का पत्थर बन गया है।

हो सकता है कि वे उनके पति और बेटी के दबाव में आ गई हों, जो कि उस शरारती मोदी के वकील रहे हैं। इस ज़रा−सी ढिलाई ने विरोधियों के हाथ में ‘पहले मोदी’ की नकैल दे दी है। वे ‘दूसरे मोदी’ के हवाले से अब ‘पहले मोदी’ की खाट खड़ी करेंगे। नरेंद्र मोदी और अमित शाह के साथ ही नहीं, अर्धनग्न विदेशी सुंदरियों के साथ भी ललित मोदी के अति ललित चित्र छप रहे हैं। अब इस सरकार की चाल,चरित्र और चेहरे पर भी सवाल कड़केंगे और काले धन का मामला भी उठेगा। अब दोनों मोदियों के बीच सीधा तार जुड़ने में भी कितनी देर लगेगी? ‘छोटे मोदी’ को’बड़े मोदी’ का आशीर्वाद प्राप्त है, यह भी कहा जाएगा। कांग्रेस की तो दीवाली हो गई है। ललित मोदी के साथ अब बड़े-बड़े कांग्रेसियों के एक से एक बड़े विचित्र चित्र भी करोड़ों लोगों को देखने को मिलेंगे। यह सवाल भी उठेगा कि क्या हमारे सारे नेता एक ही थैली के चट्टे−बट्टे हैं?जैसे भी, जो भी, उन्हें नोट और वोट दे, वह उनका खुदा बन जाता है।

Comment:

betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
casinolevant giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti mobil giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti mobil giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
jojobet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betgaranti giriş
betgaranti mobil giriş
betgaranti güncel giriş
onwin giriş
Kolaybet Giriş
casinolevant
ngsbahis giriş
artemisbet güncel
grandpashabet giriş
bettilt giriş
sahabet
sahabet
betgaranti giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
betgaranti giriş
betgaranti
bettilt giriş
betgaranti giriş
betgaranti
betgaranti giriş
betgaranti
kolaybet giriş
casibom giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
betgaranti giriş
betnano güncel giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş