Categories
महत्वपूर्ण लेख

सभी जगह नहीं मिलती पूर्ण अनुकूलताएं

aaj ka chintan 1संसार में सभी स्थानों पर हर समय न तो पूर्ण अनुकूलताएं होती हैं न प्रतिकूलताएं। इनका न्यूनाधिक प्रवाह हमेशा बना रहता है। कभी किसी जगह एक प्रकार की अनुकूलताएं होती हैं तो वहाँ दूसरे प्रकार की प्रतिकूलताएं बनी रहती हैं।

इसी प्रकार कहीं प्रतिकूलताएं होंगी, तो वहाँ किसी न किसी प्रकार की अनुकूलताओं का अस्तित्व भी बना रहेगा।  कोई स्थान या समय ऎसा कभी नहीं आता जब सौ फीसदी प्रतिकूलताएं हों अथवा सौ फीसदी अनुकूलताएं।

कोई सा व्यक्ति हो अथवा कोई सा स्थान, सभी मामलों में यह अनुपात न्यूनाधिक रूप से ऎसा ही चलता रहता है। इस मामले में किसी भी इंसान को यह भ्रम नहीं रखना चाहिए कि कोई समय ऎसा आता है जब या तो पूर्ण प्रतिकूलताएं हों अथवा पूर्ण अनुकूलताएं।

ईश्वर हर अवस्था में मनुष्य को इतना संबल जरूर प्रदान करता है ताकि इंसान आसन्न चुनौतियों और अभावों में भी अच्छी तरह समय गुजार सके, बशर्ते की विवेक और ज्ञान हो।

हर प्रकार की परिस्थितियों में संतुलन बनाए रखने का काम इंसान का ही होता है। जहाँ कहीं प्रतिकूल हालात हों वहाँ धीर-गंभीर और शांत चित्त भाव से चुपचाप कत्र्तव्य निर्वहन करते हुए समय गुजार देना ही बुद्धिमानी है।

जबकि दूसरी स्थिति में जहाँ अपने हक में अधिक अनुकूलताएं दिखें, उस समय भी समत्व भाव से बिना किसी अतिरेक प्रदर्शन के अपने कर्मयोग को पूर्ण करने के लिए उद्यत रहना चाहिए।

परिस्थितियों के मध्य अच्छी तरह सामंजस्य बिठाने की कला के आ जाने पर जीवन निर्वाह और कर्मयोग की धाराओं को सहज एवं आसान बनाया जा सकता है।

जीवन और कर्मयोग का बहुत कुछ हिस्सा अपने आत्मविश्वास और जीवन जीने की कला को समझ पाने पर निर्भर करता है।  बहुत सारे लोग छोटी-मोटी समस्या के सामने आ जाने पर इस प्रकार का व्यवहार करते हैं जैसे कि कोई पहाड़ ही टूट पड़ा हो।

यह वह स्थिति होती है जिसमें हम हर पल सुख ही सुख भोगने के इतने आदी हो चुके होते हैं कि जरा सी विषम परिस्थिति सामने आ जाने पर घबरा जाते हैं और कभी भगवान को, कभी भाग्य को तथा कभी अपने आस-पास या ऊपर-नीचे वाले लोगों को दोष देने लग जाते हैं।

जबकि बहुधा असामान्य विषय हमारे भीतर सुधार के लिए भी आते हैं और कई बार हमें सचेत करने के लिए आते हैं कि हम जो कुछ कर रहे हैं उसमें कुछ न कुछ खामी है और इस कारण कोई न कोई बाधा आ सकती है।

इस स्थिति को हम समझ पाने की कोशिश करें तो इसका सीधा सा फायदा हमें यह होता है कि भावी विपत्तियों से समय रहते निपटने का सामथ्र्य पा जाते हैं और वो सभी ऎहतियाती उपाय सुनिश्चित करने की स्थिति में आ जाते हैं जो हमारे लिए जरूरी होते हैं।

इसलिए जीवन में हमेशा यह तय मान कर चलें कि जहां हैं, जैसी परिस्थितियां हैं उन्हें अपने हिसाब से ढालें और उन्हीं मेंं आनंद प्राप्त करें।

यह निश्चित समझें कि सारे दिन एक समान नहीं रहने वाले। सुख और समृद्धि के दिनों में इतराएं नहीं, बौराएं नहीं, अहंकार के घोड़ों पर सवारी करते हुए इठलाएं नहीं, और दुःख तथा विपदा की स्थितियों में किसी भी प्रकार से खिन्न न हों क्योंकि हर स्थितियां अपने आप बदलती हैं।

Comment:Cancel reply

Exit mobile version
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
vaycasino
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark
kolaybet
betgaranti
betpark
kolaybet
betpark
betpark
casibom giriş
casibom giriş
casibom
betnano giriş
betnano giriş
holiganbet giriş
holiganbet giriş
betnano giriş
betpark
betpark
kolaybet giriş
betpark
betpark
betgaranti
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betpark
betpark
kolaybet
kolaybet
vaycasino
vaycasino
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
holiganbet giriş
holiganbet
bettilt giriş
bettilt giriş
harbiwin giriş
harbiwin giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betbox giriş
betbox giriş
vaycasino
vaycasino
vaycasino
vaycasino
Hitbet giriş
xbahis
xbahis