आचार्य  बालकृष्ण

– आज कल सब्जियां उगाने की जगह और तरीका ऐसा होता है की सिर्फ्र उसकी मात्रा पर ध्यान जाता है। फिर वे नाले के पानी से सिंची जाए या उस पर ज़हर छिडका जाए इसकी कोई परवाह नहीं करता। ऑर्गेनिक सब्जियां महँगी होती है की आम आदमी उसे खरीद नहीं सकता।

– देश के कृषि मंत्री ने भी इस बात को माना है कि भारत में 67 ऐसे पेस्टिसाइड्स का इस्तेमाल हो रहा है , जो दूसरे देशों में प्रतिबंधित हैं। लेकिन कई सब्जियां ऐसी हैं जिनमें इस जहर से डरने की जरूरत नहीं। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि घिया , तोरई , सीताफल , गाजर , शलगम जैसी कई सब्जियां ऐसी हैं , जिनमें पेस्टिसाइड्स का इस्तेमाल न के बराबर होता है।

– सब्जी का सिर्फ रूप – रंग ना देखे। जिस सब्जी में अच्छी खुशबु है और स्वाद अच्छा है , वही ख़रीदे।अलग अलग सब्जी वाले से खरीद कर देखे और फिर एक को चुने और उसी से लेते रहे।

– अगर गोभी का फूल एकदम सफेद और चमकदार न होकर थोड़ा पीला है तो उसे ही लें।गोभी के फूल में चमक लाने के लिए उसे मेलोथियन में डुबोया जाता है। इसी तरह भिंडी डार्क हरी नहीं हैं तो उसे खरीदें।

– चमकदार फल और सब्जियों के इस्तेमाल से बचें , जैसे टमाटर , बैंगन , भिंडी , सेब।

– कई बार बेबी कॉर्न या बीट रूट में दवाई की महक आती है , ऐसी सब्जी ना ख़रीदे।

– हरी सब्जी को बिन कर पानी में डुबाकर रखे। थोड़ी देर में उसकी मिटटी नीचे बैठ जायेगी। ऊपर ऊपर से सब्जी निकाल ले। ऐसा 3-4 बार जब तक नीचे मिटटी बैठ तब तक धोये।हरी सब्जी की मिटटी रह जाए तो पेट के कीड़ों को जन्म देती है जो कई बार ब्रेन में जमा हो जाते है और मिर्गी जैसी बिमारी को जन्म देते है।

– गाजर , मूली, आलू आदि को पहले धो कर मिटटी निकाल ले। फिर मोटा छिलका निकाल ले और फिर से पानी से धो ले। अब काटे।

– प्याज , लहसून आदि भी धो कर काटे। इससे उनका छिलका भी आसानी से उतरता है।

– हरी मिर्च को धो कर , डंडी निकाल कर रख ले। कभी भी तुरंत इस्तेमाल कर सकते है।

– हरा धनिया हमेशा देशी ही इस्तेमाल करे। जिस धनिये में दूर से ही खुशबु आ रही है , वही अच्छा है।इसे भी बिन कर कई बार पानी से निकाल ले और एक पेपर पर फैला कर सुखा ले। अब ये कभी इस्तेमाल के लिए तैयार है।

– पुदीना भी इसी तरह तैयार कर ले। ये छाया में सुखाकर रख ले।इसका चुरा बना कर कभी भी भेल पूरी या जलजीरा या पानी पूरी के पानी में डाला जा सकता है।

– इसी तरह कढी पत्ते को भी धो कर सुखा के रख ले।

– हरी सब्जी को धोने के बाद एक बड़े सूती दुपट्टे में रखे। पोटली बना कर गोल घुमाए। सारा पानी निकल जाएगा।अब यह सड़ेगा नहीं।

– बर्तन धोने वाले डिटर्जेंट की कुछ बूंदे एक लीटर पानी में मिलाएं और उसमें फल व सब्जी धोने के बाद उन्हें हल्के गुनगुने पानी में धोएं। इससे उन पर लगा वैक्स और कलर हट जाएगा।

– नमक मिले पानी से भी सब्जियों को धोया जा सकता है और कीटाणु मुक्त बनाया जा सकता है।

– बंदगोभी और ऐसी ही दूसरी पत्तेदार सब्जियों के ऊपरी हिस्से के पत्ते जरूर उतार दें।

– फूल गोभी को काटकर नमक और हल्दी के पानी में धो ले।

– सीजनल चीजें खाने से भी नुकसान कम होता है , क्योंकि उनमें पेस्टिसाइड्स का इस्तेमाल न के बराबर होता है।

– आजकल अधिकतर अधिकतर स्वीट कॉर्न जेनेटिकली मोडिफाईड होता है। यह पोषण ना दे कर खतरनाक बीमारियाँ देता है। इसलिए देशी कॉर्न का ही इस्तेमाल करे।

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