अविस्मरणीय अखिल भारतीय कवि सम्मेलन

बुन्देलखण्ड के महोबा जिले के कल्पवृक्ष के पावन गाँव सिचौरा में गत रविवार काव्य की धारा बही | गाँव के वार्षिक मेले के दौरान श्री दक्षिणेश्वर नवयुवक रामलीला कमेटी सिचौरा एवं प्रखर साहित्यकार मंच, दिल्ली के बैनर तले आयोजित इस अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में विभिन्न प्रान्तों से दर्जन भर कवियों ने शानदार काव्यपाठ करके श्रोताओं की वाह वाही लूटी |

कवि सम्मेलन का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलन के उपरान्त झाँसी से पधारे ओज के सुप्रसिद्ध कवि रवीन्द्र शुक्ल ‘रवि’ जी की अध्यक्षता एवं परम गौभक्त जयपाल नयाल सनातनी व कबीर विज्ञान आश्रम (बड़इया. उ.प्र.) के संत सज्जनदास जी के सानिध्य में युवा कवि ‘चेतन’ नितिन खरे के द्वारा गौ वन्दना से हुआ | नोएडा के युवा कवि अमित शर्मा के संचालन में दिल्ली से पधारे कवि बी.एस.भारद्वाज ने पहले कवि के रूप में जब अपना गीत ‘मैं भी सुनता हूँ कभी कभी’ सुनाया तो सभी श्रोता प्रारम्भ से ही झूमकर तालियाँ बजाने को मजबूर हो गये | उन्नाव के कवि सुरेश फक्कड़ ने शहीदों पर जो काव्य पाठ किया- “लन्दन की छाती पर तिरंगा फहरा गया” इसे सुनकर कहीं श्रोताओं में गजब का जोश भर गया तो कई श्रोता शहीदों को याद करके रोने को मजबूर हो गये | कवि फक्कड़ जी ने आगे कहा- “पूजा पाठ भाषा धर्म जाप का नहीं, वो शख्श हो सकता है कभी आपका नहीं- ये बात कह रहा हूँ मैं होशोहवाश में, जो गाय का नहीं वो अपने बाप का नहीं” | फरीदाबाद के युवा कवि प्रभात परवाना ने कहा- ‘यदि देश बचाना है हमको,तो भगत सिंह बनना होगा’ |

युवा कवि परवाना की यह ओजस्वी तेवर देखकर श्रोता लगातार उत्साह के साथ तालियाँ बजाते रहने को मजबूर रही | गुरदासपुर पंजाब से पधारे मशहूर शायर विजय गुरदासपुरी की गजल ‘वो सितम पर सितम किये जा रहे हैं, एक हम ही हैं जो जिए जा रहे हैं’ पर सभी श्रोताओं ने दिल खोलकर तालियाँ बजायीं | युवा कवि  ‘चेतन’ नितिन खरे का ओजपूर्ण राष्ट्रवादी काव्य पाठ सुनकर हजारों की संख्या में उपस्थित श्रोताओं ने भरपूर समर्थन दिया | ‘चेतन’ खरे ने कहा- ‘राग द्वेष फैलाने वाली रीत नहीं लिखता हूँ मैं, माहिल जयचंदों के संग प्रीत नहीं लिखता हूँ मैं | सुविधाओं का गायन वंदन मेरे वश की बात नहीं, दरबारों में बिकने वाले गीत नहीं लिखता हूँ मैं || लाफ्टर चैम्पियन सबरस मुरसानी ने घंटे भर तक उपस्थित जन-समुदाय को अपने रोचक और चुटीले अंदाज में खूब हँसाया गुदगुदाया | अमित शर्मा के काव्य पाठ से एक अद्भुत राष्ट्रवादी और संस्कृति से परिपूर्ण लहर का संचार हुआ | उनकी पंक्तियाँ – ‘धरा ये जिस पर दोल रही है, हम उसी केंद्र के बिन्दू हैं, गर्व से कहो हम हिन्दू हैं, हम हिन्दू हैं हम हिन्दू हैं” को गजब का समर्थन मिला | शायरी के सुप्रसिद्ध हस्ताक्षर मासूम गाजियाबादी ने कहा-‘ हमेशा तंग दिल दानी स्वरों से फासला रखना, मणी मिल जाए तो क्या साँप डसना छोड़ देता है” और उन्होंने कहा- ख़ुशी से झूमती बरात को छोड़ो उन्हें देखो, जिन्हें नाच गाने क बहाना तक नहीं मिलता- जो बच्चे बारातों में रौशनी का बोझ ढोते हैं, उन्हीं बच्चों को बारातों में खाना तक नहीं मिलता”

गौभक्त प्रमोद शर्मा ने कहा- ‘गौ को आज सताने वालो, गौ पशु नहीं है माता है- माँ को पीड़ा देने वाला, कभी सुखी नहीं रह पाता है”

हरपालपुल मध्यप्रदेश से पधारी कवियत्री डा. मनीषा त्रिपाठी जी ने नारी जागरण पर एवं सिचौरा,कबरई के कवि जगभान सिंह ने देशभक्ति से परिपूर्ण सुन्दर काव्यपाठ किया | अंत में अध्यक्षीय उद्बोधन के साथ रवीन्द्र शुक्ल ‘रवि’ जी का ओजपूर्ण काव्य पाठ सुनकर सभी श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए | कवि रवीन्द्र जी ने कहा- ‘हँसों का निर्वासन घोषित, बगुलों का कुल हर्षाया है-मानसरोवर को भी तो अब, हँस हीन रहना भाया है|

कार्यक्रम के दौरान ‘चेतन’ नितिन खरे द्वारा रचित ‘गौ-चालीसा’ का  वरिष्ठ साहित्यकारों के कर कमलों से विमोचन हुआ | तत्पश्चात श्री दक्षिणेश्वर नवयुवक रामलीला कमेटी सिचौरा, महोबा, सर्वदलीय गौ रक्षा मंच(हैदराबाद) के अध्यक्ष श्री जयपाल नयाल सनातनी एवं श्री सज्जनदास जी के कर कमलों से श्री रवीन्द्र शुक्ल ‘रवि’  (झाँसी) एवं श्री सुरेश फक्कड़  (उन्नाव) को ‘श्री कल्पतरु साहित्य सेवा सम्मान”, श्री अरविन्द्र सिंह कछवाह को ‘श्री कल्पतरु समाज सेवा सम्मान”, श्री कल्याण सिंह (कबरई) को ‘श्री कल्पतरु सेवा सम्मान” , वरिष्ठ पत्रकार श्री देवीप्रसाद गुप्ता (मौदहा) को ‘श्री कल्पतरु मीडिया शक्ति सम्मान, प्राथमिक और जूनियर विद्यालय सिचौरा के दोनों प्रधानाध्यापकों को ‘श्री कल्पतरु शिक्षक सम्मान”, कवि राजनारायण खरे (सिचौरा कबरई),श्री शिवपाल तिवारी  (न.पं. अ.कबरई), श्री चक्रपाणी जी (भा.ज.पा. जिलाध्यक्ष), श्री नरेन्द्र मिश्रा (जिला महामंत्री भा.ज.यु.मो.) श्री जगभान सिंह को गौ-सेवा सम्मान से अलंकृत किया गया | अन्य भक्तों को गौ-भक्ति पुरुष्कार के साथ साथ ‘चेतन’ नितिन खरे द्वारा रचित ‘गौ-चालीसा’ भेंट की गयी |

Comment:

betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
casinolevant giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti mobil giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti mobil giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
jojobet giriş
milanobet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
bettilt giriş
betgaranti giriş
betgaranti mobil giriş
betgaranti güncel giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
grandpashabet giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
onwin giriş
onwin giriş
onwin giriş
onwin giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
superbetin giriş
superbetin giriş
superbetin giriş
superbetin giriş
betsat giriş
betsat giriş
betsat giriş
betsat giriş
Kolaybet Giriş
holiganbet giriş
onwin
onwin
sahabet
sahabet
sahabet