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डॉ राकेश कुमार आर्य की लेखनी से

हरियाणा की जनता ने बचाया देश का सम्मान

  मैंने अभी कुछ समय पूर्व अपने एक लेख में लिखा था कि हरियाणा के लोगों ने लोकसभा चुनाव के समय भाजपा को 46 सीटों पर बढ़त दी थी। जिससे भाजपा को कम करके आंकने की आवश्यकता नहीं है। मेरा अनुमान था कि भाजपा विधानसभा चुनाव में तीसरी   बार भी सत्ता में आ सकती है। अब यही हुआ है। परंतु फिर भी हमारा मानना है कि विधानसभा चुनाव में हरियाणा की जनता ने स्पष्ट जनादेश देकर और भाजपा को लगातार तीसरी बार सत्ता की चाबी सौंप कर किसी पार्टी विशेष का या प्रधानमंत्री श्री मोदी का नहीं बल्कि देश का सम्मान बचाया है। यह बहुत साफ समझ लेने की आवश्यकता है कि हरियाणा की जनता ने जिस गंभीरता और दूरदर्शिता का परिचय देते हुए अपना निर्णय दिया है, इससे भारत का लोकतंत्र मजबूत हुआ है। देश के विपक्ष ने राहुल गांधी के नेतृत्व में जिस प्रकार की घटिया राजनीति और घटिया सोच का प्रदर्शन करना आरंभ किया है उससे राष्ट्र विरोधी शक्तियां मजबूत होती जा रही थीं।  लग रहा था कि देश में हिंदुत्व को घेरने के लिए सारी चांडाल चौकड़ी एक हो चुकी है। अपने ही लोग चांडाल चौकड़ी का खेल नहीं समझ पा रहे थे। भोली जनता जितना ही इस चांडाल चौकड़ी का शिकार बनती जा रही थी, उतनी ही राष्ट्रवादी संजीदा लोगों की पीड़ा बढती जा रही थी। पीड़ा बढ़ने का केवल एक ही कारण था कि आज चांडाल चौकड़ी जिस प्रकार का खेल खेल रही है अंततः उसका परिणाम इस भोली जनता को ही भुगतना पड़ेगा।
  इस चांडाल चौकड़ी में वे लोग भी सम्मिलित थे जो ” भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशा अल्लाह इंशा अल्लाह “, का राग अलापते थे। वे लोग भी सम्मिलित थे जो किसान आंदोलन के रूप में देश को तोड़ने का आंदोलन चला रहे थे या ऐसे आंदोलन को पीछे से बैठकर अपना समर्थन दे रहे थे। वे लोग भी सम्मिलित थे जो कभी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को ‘ तोजो का कुत्ता ‘ कहा करते थे और जिन्होंने 1962 में चीन के आक्रमण के समय चीन की लाल सेनाओं का स्वागत करते हुए उसे रास्ता दिखाने के लिए हाथ में लाल झंडा उठा लिए थे।
इस चौकड़ी में वे लोग भी सम्मिलित रहे जिन्होंने विदेश की भूमि पर जाकर खालिस्तान को अभी हाल ही में अपना कसैला ‘ समर्थन’ दिया। हालात इस प्रकार के बनाए जा रहे थे कि जैसे ये लोग पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान सहित चीन की सेनाओं की प्रतीक्षा कर रहे थे कि इनकी सेनाएं आएंगी और मोदी को सत्ता से खींच कर बाहर फेंक देंगी।माना कि इस प्रकार की कोई स्पष्ट घोषणा कहीं नहीं की गई थी परंतु हरियाणा की जनता ने गंभीरता से नेताओं के बयानों को पढ़ा समझा और उनके गहरे अर्थ निकालकर लोकतंत्र का सही-सही चित्रण कर विपक्ष के साथ-साथ उन विदेशी शक्तियों की भी आंखें खोल दीं जो कहीं दूर बैठकर देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रही थीं। मोदी को कमजोर करने का अभिप्राय है – हिंदुत्व को कमजोर करना। देश के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को बाधित करना, देश में तेजी से बनते जा रहे हिंदुत्व के विमर्श को छिन्न-भिन्न कर देना, देश के भीतर जाति, संप्रदाय के आधार पर अनेक राष्ट्रों की मांगों के पिटारे को खोल देना। जो लोग भारत को विभिन्न राज्य समूहों का संघ मानते हैं, वे राज्यों को स्वाभाविक रूप से भारत का एक अंग स्वीकार नहीं करते बल्कि उनकी मान्यता है कि भारत अनेक सहमतियों से बना एक देश है। ये सहमतियां जब अपना समर्थन वापस लेना चाहें, भारत तभी टूट सकता है। चांडाल चौकड़ी के इतिहास लेखकों ने भारत को इसी रूप में परिभाषित करने का प्रयास किया है। आज हरियाणा की जनता ने चांडाल चौकड़ी के इस इतिहास लेखन के साथ-साथ उसके चिंतन पर भी जोरदार तमाचा मारा है और उन्हें बताया है कि भारत प्राचीन काल से एक राष्ट्र था, राष्ट्र है और राष्ट्र रहेगा। यहां की जनता जागरुक है। यदि हरियाणा की जनता कभी दुर्योधन और उसकी चांडाल चौकड़ी को पराजित करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती थी तो उसने एक बार फिर से यह स्पष्ट कर दिया है कि वह आज भी दुर्योधन और पांडवों को पहचानने की क्षमता रखती है।
कांग्रेस ने पहलवानों की राजनीति, किसानों के साथ हो रहे कथित अत्याचार, अग्नि वीर को देश के लिए अनुपयोगी बताने जैसे मुद्दों को लेकर चुनाव का पासा पलटने का प्रयास किया। उसने सत्ता विरोधी लहर को हथियार बनाकर सत्ता में पहुंचने की हर संभव कोशिश की परंतु जनता ने भाजपा को पिछले चुनावों से भी अधिक सीट देकर यह स्पष्ट कर दिया कि राहुल गांधी का  चरित्र और चेहरा हरियाणा की जनता भली प्रकार जानती है।
   हम इस जीत को केवल भाजपा की जीत भी नहीं कह सकते।  यह सीधे-सीधे जनता की जीत है। जिसने देश की विषम परिस्थितियों का गहन अध्ययन, मंथन, चिंतन करने के पश्चात यह निर्णय लिया कि वर्तमान परिस्थितियों में चांडाल चौकड़ी की अपेक्षा भाजपा फिर भी ठीक है। इसलिए भाजपा को किसी भी प्रकार की फील गुड की बीमारी को पालने की आवश्यकता नहीं है। हमें पता है कि अब भाजपा जितनी भी चिंतन बैठकें होंगी, उन सब में अपनी पीठ थपथपाने का काम किया जाएगा, परंतु पार्टी समझ लेना चाहिए कि कोई कोई मजबूत और राष्ट्रवादी विकल्प न होने के कारण लोगों ने उसे पसंद किया है।  इसमें दो राय नहीं हैं कि भाजपा के नेताओं को अहंकार बहुत जल्दी होता है। सोशल मीडिया पर ऐसी कई फोटो वायरल हुई हैं जिनमें खट्टर महोदय अपने दरबार में उपस्थित जनता के लोगों को धमकाते हुए वहां से निकाल रहे थे। और भी बहुत सी बातें हैं जिन पर भाजपा को चिंतन करना चाहिए और उसे भगवान के साथ-साथ हरियाणा के मतदाताओं का भी धन्यवाद ज्ञापित करना चाहिए। जिसके चलते उसे लगातार तीसरी बार प्रदेश का नेतृत्व संभालने का अवसर उपलब्ध हुआ है। निश्चित रूप से हरियाणा के मतदाता बधाई के पात्र हैं जिन्होंने इस समय देश का सम्मान बचाकर अपनी गंभीरता का परिचय दिया है।
निश्चित रूप से मोदी जी एक सक्षम नेता हैं और वे देश के लिए जी रहे हैं परंतु इसका अभिप्राय यह नहीं कि उनके साथ नाव में बैठे सभी यात्री उन्हीं की तरह की सोच लेकर चल रहे होंगे। कभी-कभी नाव में बंदर भी बैठ जाया करते हैं जो नाव को डुबोने का काम किया करते हैं। देश में बहुत लोग हैं जो भाजपा के साथ नहीं होते पर मोदी जी के नाम पर भाजपा को वोट दे जाते हैं।
ऐसा वे लोग केवल इसलिए करते हैं कि भाजपा के साथ तो वे नहीं होते पर राष्ट्र के साथ होते हैं। राष्ट्र के लिए वर्तमान परिस्थितियों में उनकी दृष्टि में भाजपा से उत्तम कोई विकल्प नहीं है। भाजपा को आत्म चिंतन करते समय इन लोगों की भावनाओं का भी सम्मान करना होगा। उसे समझना होगा कि देश का आम मतदाता कितना जागरूक और गंभीर है कि वह राष्ट्र के लिए जीता है और राष्ट्र के लिए ही अपने वोट देकर जाता है। वह समझता है कि इस समय अभिमन्यु को कितने दुष्ट महारथियों ने घेर रखा है ? और यदि इसे सही समय पर नहीं बचाया गया तो देश का इतिहासकार मतदाताओं को भी अपराधिक तटस्थता बरतने का दोषी ठहराएगा।
हरियाणा के मतदाताओं ने बताया है कि वह इतिहास की अदालत में दोषी के रूप में खड़ा होना नहीं चाहता बल्कि वह दोषियों को ही पहचानने की क्षमता रखता है।  इतना ही नहीं उन्हें बाहर का रास्ता दिखाने का हौसला भी रखता है। इसके साथ-साथ वह सुरक्षित हाथों में देश का भविष्य सौंप कर अपने आप को धरतीपुत्र के रूप में ही देखना चाहता है। हरियाणा के ऐसे त्यागी तपस्वी मतदाताओं को हमारा भी हृदय से नमन।

डॉ राकेश कुमार आर्य

(  लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता हैं )

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