Categories
आओ कुछ जाने

आइए जानें : सिंध का प्राचीन इतिहास

अनिरुद्ध जोशी

हाल ही में पाकिस्तान के सिंध प्रांत में अलग देश की मांग कर रहे लोगों ने एक विशाल रैली का आयोजन करके पाकिस्तान के अत्याचार के खिलाफ नारे लगाए। वहां के राष्ट्रवादियों ने सिंधी राष्ट्रवाद के संस्थापक जीएम सैयद की 117वीं जयंती पर पाकिस्तान से आजादी के समर्थन में रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सिंध राज्य सिंधु घाटी सभ्यता और वैदिक धर्म का घर रहा है, लेकिन अब यहां आतंकादियों का राज है। इसी संदर्भ में जानिए कि सिंध प्रात प्राचीनकाल में कैसा था।
 
तो क्या रामायणकालीन है मोहनजोदेड़ो और हड़प्पा के नगर?

भारतीय धर्म, संस्कृति और इतिहास में सिंधु नदी, सिंधु देश और सिंधि भाषा का बहुत ही महत्व है। भारत का बंटवारा हुआ तो यह सभी पाकिस्तान के हिस्से में चले गए और फिर इस क्षेत्र के प्राचीन इतिहास, भाषा और संस्कृति को मिटाने का कूचक्र चला। परंतु अब पाकिस्तान में भी इस संबंध में सोचा जाने लगा है कि हमें अपने मूल को भूलना नहीं चाहिए और बच्चों को सच्चे इतिहास से अवगत कराना चाहिए।

राजा जयद्रथ का सिंधु देश : महाभारत में राजा जयद्रथ का उल्लेख मिलता है जो धृतराष्ट्र की पुत्री दुःश्शाला का पति था। यह राजा जयद्रथ सिंधु नरेश था। इसका वध अर्जुन ने बहुत ही कठिन परिस्थितियों में किया था। वर्तमान में सिंधु देश पाकिस्तान के सिंध प्रांत को कहते हैं। कराची के आसपास के सभी क्षेत्र सिंधु देश के अंतर्गत आते हैं। सिंधु देश का तात्पर्य प्राचीन सिन्धु सभ्यता से है। यह स्थान न केवल अपनी कला और साहित्य के लिए विख्यात था, बल्कि वाणिज्य और व्यापार में भी यह अग्रणी था। वर्तमान में पाकिस्तान के सिंध प्रांत को प्राचीनकाल में सिंधु देश कहा जाता था। रघुवंश में सिंध नामक देश का रामचंद्रजी द्वारा भरत को दिए जाने का उल्लेख है। युनान के लेखकों ने अलक्षेंद्र के भारत-आक्रमण के संबंध में सिंधु-देश के नगरों का उल्लेख किया है। मोहनजोदाड़ो और हड़प्पा सिंधु देश के दो बड़े नगर थे।

सिंधु घाटी सभ्यता : सिन्धु के तट पर ही भारतीयों (हिन्दू, मुसलमानों आदि) के पूर्वजों ने प्राचीन सभ्यता और धर्म की नींव रखी थी। सिन्धु घाटी में कई प्राचीन नगरों को खोद निकाला गया है। इसमें मोहनजोदड़ो और हड़प्पा प्रमुख हैं। सिन्धु घाटी की सभ्यता 3000 हजार ईसा पूर्व थी। परंतु नए शोधानुसार इस सभ्यता का प्रारंभिक काल 8000 ईसा पूर्व से प्रारंभ होकर 2500 ईसा पूर्व तक रहा था।

क्या सिंधु घाटी के शहर थे महाभारत काल में प्राचीन सिंधु देश के हिस्से?

सिन्धु नदी : सिन्धु और सरस्वती नदी को भारतीय सभ्यता में सबसे प्राचीन नदी माना जाता है। गंगा से पहले भारतीय संस्कृति में सिन्धु की ही महिमा थी। सिन्धु का अर्थ जलराशि होता है। सिंधु के इतिहास के बगैर भारतीय इतिहास की कल्पना नहीं की जा सकती। 3,600 किलोमीटर लंबी और कई किलोमीटर चौड़ी इस नदी का उल्लेख वेदों में अनेक स्थानों पर है। इस नदी के किनारे ही वैदिक धर्म और संस्कृति का उद्गम और विस्तार हुआ है। वाल्मीकि रामायण में सिन्धु को महानदी की संज्ञा दी गई है। जैन ग्रंथ जंबूद्वीपप्रज्ञप्ति में सिन्धु नदी का वर्णन मिलता है। नए शोध परिणामों के मुताबिक सिन्धु नदी का उद्‍गम तिब्बत के गेजी काउंटी में कैलाश के उत्तर-पूर्व से होता है। नए शोध के मुताबिक, सिन्धु नदी 3,600 किलोमीटर लंबी है, जबकि पहले इसकी लंबाई 2,900 से 3,200 किलोमीटर मानी जाती थी। इसका क्षेत्रफल 10 लाख वर्ग किलोमीटर से भी ज्यादा है। सिन्धु नदी भारत से होकर गुजरती है लेकिन इसका मुख्य इस्तेमाल भारत-पाक जल संधि के तहत पाकिस्तान करता है। सिन्धु की पश्चिम की ओर की सहायक नदियों- कुभा सुवास्तु, कुमु और गोमती का उल्लेख भी ऋग्वेद में है। इस नदी की सहायक नदियां- वितस्ता, चन्द्रभागा, ईरावती, विपासा और शुतुद्री है। इसमें शुतुद्री सबसे बड़ी उपनदी है। शुतुद्री नदी पर ही एशिया का सबसे बड़ा भागड़ा-नांगल बांध बना है। झेलम, चिनाब, रावी, व्यास एवं सतलुज सिन्ध नदी की प्रमुख सहायक नदियां हैं। इनके अतिरिक्त गिलगिट, काबुल, स्वात, कुर्रम, टोची, गोमल, संगर आदि अन्य सहायक नदियां हैं।

सिन्धु के तीर्थ : मु्ल्तान में सिन्धु-चिनाब के किनारे पर श्रीकृष्ण के पुत्र साम्ब की याद में एक सूर्य मंदिर बना है। इसका वर्णन महाभारत में भी है। इस मंदिर का स्वरूप कोणार्क के सूर्य मंदिर से मिलता-जुलता है, लेकिन अब सब कुछ नष्ट कर दिया गया है। यही नहीं, सिन्धु किनारे के सारे हिन्दू तीर्थ मुस्लिम उत्थान काल में तोड़ दिए गए। सिन्धु नदी के मुहाने पर (हिंगोल नदी के तट पर) पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के हिंगलाज नामक स्थान पर, कराची से 144 किलोमीटर दूर उत्तर-पश्चिम में स्थित है। माता हिंगलाज (या हिंगलाज) का मंदिर, जो 52 शक्तिपीठों में से एक है।

सिंधी भाषा : भारत में ऐसी कई भाषाएं हैं जो हिन्दी से भी पुरानी है। यदि हम प्राचीन सिंधु देश या सिंधु घाटी की लिपि या भाषा की बात करेंगे तो यह तो आज भी रहस्य बरकरार है। सिंधु घाटी की लिपि आज तक नहीं पढ़ी जा सकी, जो किसी युग में निश्चय ही जीवंत भाषा रही होगी। नए शोधानुसार हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की खुदाई में मिले बर्तन समेत अन्य वस्तुओं पर सिंधु घाटी सभ्यता की अंकित चित्रलिपियों को पढ़ने की कोशिशें लगातार जारी हैं। कुछ विद्वान मानते हैं कि सिन्धु घाटी सभ्यता की भाषा द्रविड़ पूर्व (प्रोटो द्रविड़ीयन) भाषा थी। भाषा को लिपियों में लिखने का प्रचलन भारत में ही शुरू हुआ। प्राचीनकाल में ब्राह्मी और देवनागरी लिपि का प्रचलन था।

सिंधी भाषा भारतीय-आर्य भाषाओं के पश्चिमोत्तर समूह की भाषा है। इसकी उत्पत्ति वेदों के लेखन या सम्भवत: उससे भी पहले सिन्ध क्षेत्र में बोली जाने वाली भारतीय-आर्य बोली या प्राकृत भाषा से हुई है। प्राकृत परिवार की अन्य भाषाओं की तरह सिंधी भी विकास के प्राचीन भारतीय-आर्य (संस्कृत) व मध्य भारतीय-आर्य (पालि, द्वितीयक प्राकृत तथा अपभ्रंश) के दौर से गुजरक एक परिपक्व भाषा बनी। परंतु लगातार ईरान और अरब के आक्रमणों के चलते इस भाषा की लिपि भी बदली और इसमें अरबी एवं फारसी शब्दों की संख्‍या भी बढ़ी जो कि चिंता का विषय है। अब सिंधी भाषा मुख्यत: दो लिपियों में लिखी जाती है, अरबी-सिंधी लिपि तथा देवनागरी-सिंधी लिपि। परंतु इसकी मूली लिपि ‘सिंधी’ ही है, जिसकी उत्पत्ति आद्य-नागरी, ब्राह्मी और सिंधु घाटी लिपियों से हुई है। संस्कृत और प्राकृत सिन्धी ज़बान की बुनियाद रही हैं।

Comment:Cancel reply

Exit mobile version
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
holiganbet giriş
holiganbet giriş
holiganbet giriş
betnano giriş
norabahis giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
Betgaranti Giriş
betgaranti girş
betnano giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
hititbet giriş
imajbet giriş
betasus giriş
betnano giriş
jojobet giriş
betnano giriş
holiganbet giriş
betnano giriş
holiganbet giriş
betasus giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
norabahis giriş
meritking giriş
meritking giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
betpark giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
vdcasino giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
kulisbet giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
hiltonbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
betnano giriş
betnano giriş
betnano giriş
holiganbet giriş
holiganbet giriş
holiganbet giriş
betnano giriş
kulisbet giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
betnano giriş
hiltonbet giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
hiltonbet giriş
norabahis giriş
norabahis giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
betpark giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
betpark giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vaycasino giriş
vdcasino giriş
betpark giriş
bettilt giriş
betgaranti giriş
vaycasino giriş
hiltonbet giriş
hiltonbet giriş
meritking giriş