Categories
आज का चिंतन

ईश्वर के अस्तित्व का खंडन करने से पहले हमें अपना निरीक्षण करना चाहिए कि हम स्वयं भी मनुष्य हैं या नहीं?

ईश्वर के अस्तित्व का खण्डन करने से पहले, हमें अपना निरीक्षण करना चाहिए, कि हम स्वयं भी मनुष्य हैं या नहीं?
संसार में चार प्रकार के लोग होते हैं। एक – नास्तिक। दूसरे – भ्रांति में पड़े हुए आस्तिक। तीसरे – शाब्दिक रूप से ईश्वर को ठीक ठीक मानने वाले आस्तिक। चौथे – ठीक ठीक आचरण भी करने वाले पूरे आस्तिक।


1- पहले – नास्तिक। काफी बड़ी संख्या में संसार में ऐसे लोग हैं, जो नास्तिक हैं, और नास्तिकता का प्रचार करते हैं। सब जगह ईश्वर का खंडन करते हैं, और ऐसा कहते हैं कि जो सूर्य पृथ्वी आदि पदार्थ अपना अपना काम कर रहे हैं, यह सब स्वाभाविक है। यह सब सृष्टि स्वयं संचालित है। ऑटोमेटिक है। नेचुरल है। इस सारी व्यवस्था का कोई संचालक नियंत्रक बुद्धिमान चेतन तत्त्व ईश्वर या परमात्मा नाम से कुछ नहीं है। नास्तिक लोग इस प्रकार की बुद्धिहीनता की बातें करते हैं।
2- दूसरे – भ्रांति में पड़े हुए आस्तिक। उनमें श्रद्धा तो है, वे ईश्वर का अस्तित्व मानते तो हैं, परन्तु ठीक प्रकार से ईश्वर को जानते नहीं हैं। ईश्वर की सृष्टि संचालन व्यवस्था को, नियमों को ठीक से समझते नहीं हैं। सृष्टि नियमों के विरुद्ध बातें अर्थात चमत्कार आदि को मानते हैं। चमत्कार का अर्थ है, सृष्टि नियमों के विरुद्ध कार्य होना। जैसे कि बिना ही सोने चांदी के, आभूषण बना देना। दूध घी चीनी आदि सामान के बिना ही मिठाई बना देना आदि। और वे लोग उन कार्यों को ईश्वर द्वारा किया गया मानते हैं, जिनको ईश्वर कभी नहीं करता। जैसे कि अवतार लेना, किसी को मुकदमा हरवा देना, रेल बस दुर्घटना आदि करवा देना। किसी के बेटे को परीक्षा में फेल या पास करवा देना, किसी की दुकान फेल करवा देना इत्यादि।
3- तीसरे – शाब्दिक रूप से ईश्वर को ठीक ठीक मानने वाले आस्तिक। ये लोग ईश्वर को शब्दों से तो ठीक प्रकार से समझते हैं, मानते हैं, और ऐसा कहते भी हैं, कि “इस सारी सृष्टि की व्यवस्था का कोई संचालक नियंत्रक बुद्धिमान ईश्वर है। जब एक छोटी सी लोहे की सुई अपने आप नहीं बनती, एक छोटी सी रोटी भी अपने आप नहीं बनती, तो इतनी बड़ी सृष्टि अपने आप कैसे बन सकती है? इसलिए निश्चित रूप से एक ऐसा सर्वशक्तिमान न्यायकारी आनन्दस्वरूप पदार्थ ईश्वर है, जो नियमपूर्वक सृष्टि का संचालन करता है।”
4- चौथे – ठीक ठीक आचरण भी करने वाले पूरे आस्तिक। नास्तिक, भ्रांति वाले, और जो शाब्दिक रूप से ईश्वर को ठीक मानने वाले लोग हैं, इन सब तीनों प्रकार के लोगों का जीवन आचरण 25 / 30 प्रतिशत ही ठीक होता है। किसी किसी का 40 /50 /60 प्रतिशत भी ठीक होता होगा। इनका आचरण 100 प्रतिशत ठीक अर्थात ईश्वर की आज्ञा के अनुसार नहीं होता। परन्तु ये जो चौथे प्रकार के लोग हैं, ये पूरा 100 प्रतिशत ईश्वर की आज्ञा के अनुसार आचरण करते हैं। जैसा वेदो में ईश्वर ने अच्छे कर्म करने का विधान किया है, उसी के अनुकूल सदा अच्छे कर्म ही करते हैं, बुरे कर्म कभी नहीं करते।
तो अब पूर्वोक्त तीनों प्रकार के लोगों से हमारा निवेदन है, कि वे ईश्वर के बारे में कुछ भी टिप्पणी करें, कि भगवान है या नहीं? परंतु टिप्पणी करने से पहले प्रमाण और तर्क से इस बात की परीक्षा अवश्य कर लें कि, वास्तव में भगवान है या नहीं है। कहीं ऐसा तो नहीं, कि वे भ्रांति में हों, और ईश्वर के अस्तित्व का अनजाने में खंडन किए जा रहे हों।
और दूसरी बात, जो इससे भी अधिक महत्वपूर्ण है, वह यह है कि, ईश्वर का खंडन करने से पहले अपने बारे में विचार करें, कि वे अपने आप को मनुष्य कहते हैं। परंतु यह भी तो सोचें, क्या वे स्वयं वास्तव में सच्चे मनुष्य हैं भी, या नहीं? *सच्चे मनुष्य की पहचान वही है, जो ऊपर चौथे प्रकार के मनुष्य लिखे हैं। जो पूरा 100 प्रतिशत ईश्वर की आज्ञा के अनुसार आचरण करते हैं। जैसा वेदो में ईश्वर ने अच्छे कर्म करने का विधान किया है, उसी के अनुकूल सदा अच्छे कर्म ही करते हैं, बुरे कर्म कभी नहीं करते।
जो व्यक्ति सच्चा मनुष्य होगा, वह ईश्वर का खंडन कभी नहीं करेगा, बल्कि उसका मंडन ही करेगा। वह 100 प्रतिशत ईश्वर की आज्ञा के अनुसार उत्तम आचरण करेगा, और दूसरे लोगों को भी समझाएगा कि वास्तव में सृष्टि का संचालक एक न्यायकारी सर्वशक्तिमान ईश्वर है। उसकी न्याय व्यवस्था को समझो, ईश्वर से डरो, और झूठ छल कपट अन्याय शोषण चोरी रिश्वतखोरी आदि अपराध मत करो। अन्यथा ईश्वर आपको अगले जन्मों में समुद्री जीव जंतु पशु पक्षी वृक्ष वनस्पति आदि योनियों में खतरनाक दंड देगा।
— स्वामी विवेकानंद परिव्राजक, रोजड़, गुजरात।

Comment:Cancel reply

Exit mobile version
hititbet giriş
betgaranti giriş
hititbet giriş
hititbet güncel giriş
hititbet giriş
Hititbet Giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
tuzla cilt bakım merkezi
Tuzla İpek Kirpik
Hititbet
hititbet giriş
Tuzla Cilt Bakım
Tuzla Cilt Bakım Merkezi
Tuzla İpek Kirpik
Tuzla İpek Kirpik
hititbet giriş
hititbet
betgaranti giriş
Hititbet Giriş
Hititbet
Hititbet Güncel Giriş
Hititbet Yeni Giriş
Hititbet Resmi Gİriş
betyap giriş
hititbet giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
betgaranti giriş
hititbet
hititbet giriş
hititbet giriş
betgaranti giriş
betgaranti
betgaranti güncel giriş
xslot giriş
xslot giriş
xslot giriş
xslot giriş
betkom giriş
hitbet giriş
hitbet giriş
betbox giriş
betbox giriş
betpas giriş
betpas giriş
betkom giriş
betpas giriş
betpark giriş
betpark giriş
hititbet
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
hititbet
betgaranti giriş
betgaranti güncel giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betgaranti güncel giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
xslot giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
hititbet giriş
kolaybet giriş
betkom giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betnano
betnano
betnano
holiganbet giriş
betpark giriş
grandpashabet
betpark giriş
betpark giriş
betpas giriş
hitbet giriş
betbox giriş
betbox giriş
hitbet giriş
casibom giriş
casibom giriş
casibom giriş
casibom giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
casibom giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş