न भविष्यवाणी करें

न कयास लगाएँ

– डॉ. दीपक आचार्य

9413306077

dr.deepakaacharya@gmail.com

 

बात अपने बारे में हो या फिर औरों के बारे में। जीव से लेकर जगत और जड़-चेतन किसी के भी बारे में कोई सी बात कहने का अर्थ यही नहीं है कि हमारे मुँह से शब्द निकल गए और हम मुक्त हो गए। बल्कि हकीकत यह है कि जब भी हमारे मुँह से कोई सा विचार निकलता है वह हमें बाँधता है।

हर अक्षर, शब्द, वाक्य या विचार होठों से बाहर आता है तब वह दिखता सूक्ष्म है लेकिन अपने पीछे खूब सारी स्थूलताओं के बीज लेकर निकलता है। यह सिर्फ ध्वनि ही नहीं है बल्कि हर शब्द अपने साथ अपनी ऊर्जा लेकर ही बाहर आता  है। इन शब्दों के साथ अपने भीतर की जो भी शक्ति होती है वह लगती है।

शब्द का निकलना मात्र हमारे संकल्प की शुरूआत का दूसरा चरण है। पहला चरण किसी भी व्यक्ति, विषय या वस्तु के बारे में किसी भी प्रकार की सोच आने से ही शुरू हो जाता है। इसके प्रति तनिक से गंभीर हो जाने पर यह बाहर निकलने की कोशिश करता है और उसके लिए उसे अक्षर या शब्दों की जरूरत होती है।

हर अक्षर हमारे चित्त के संकल्प और विचारों के अनुरूप ऊर्जा चाहता है और उसी परिमाण में ऊर्जा पाकर बाहर निकलता है। यही कारण है कि कई लोगों की वाणी का प्रभाव तत्काल दिख जाता है और कुछ का कोई प्रभाव नहीं हो पाता।

पहले आदमी जो कुछ बोलता था वह नपे-तुले शब्दों में हुआ करता था। उसकी वाणी में ओज होता था क्योंकि वह जो कुछ सोचता और बोलता था उसमें किसी प्रकार की मिलावट, दुर्बुद्धि अथवा अधर्म का प्रभाव नहीं होता था। ऎसे में उसका हर अक्षर जीव और जगत के कल्याण के लिए ईश्वरीय व नैसर्गिक प्रवाह की मुख्य धारा में मिल कर इतना वेगवान हो उठता था कि उसकी वाणी कभी व्यर्थ नहीं जाती थी।

आजकल हम लोग बिना सोचे-समझें दुनिया के हर विषय पर बकवास करने के आदी हो गए हैं और यही कारण है कि हमारे अक्षरों, शब्दों,वाक्यों और बातों-विचारों में कोई ताकत नहीं रही है, जो कि अपना प्रभाव दिखा सके।

आम हो या खास, सभी तरह के लोगों को आजकल कयास लगाने और भविष्यवाणियां करने की बुरी आदत पड़ गई है। इनके पीछे तर्क-कुतर्क और बहस करते हुए भी हम अपनी बात को सिद्ध करने, मनवाने और दूसरों पर प्रभाव जमाने के लिए हर क्षण उत्सुक बने रहते हैं। जबकि हम यह हकीकत जानते हैं कि हममें से किसी में वो दम है ही नहीं कि जो कह डालें वह खरा हो ही जाए। कारण यह है कि मन में सोचे हुए कामों के लायक ऊर्जा के अभाव में हम यदि किसी काम के होने या नहीं होने की बात कहते हैं तो काम हो या न हो, लेकिन उस काम को होने में जितनी ऊर्जा खर्च होनी चाहिए, वह अपने भीतर ये निकल जरूर जाती है और वो लौटकर कभी नहीं आती।

इसका नुकसान हमें ही भुगतना पड़ता है। फिर जो लोग तर्क-कुतर्क और बहसों के आदी हैं, भविष्यवाणियों और कयासों में दिन-रात लगे रहते हैं उन लोगों के भीतर से निकलने वाले अक्षर, शब्द, वाक्य और विचार बिना ऊर्जा के होते हैं और उनका कोई प्रभाव नहीं होता।

आजकल भविष्यवक्ताओं की बाढ़ आयी हुई है जो घरों, चौराहों, दफ्तरों से लेकर जनपथों और राजपथों तक पसरे हुए ये सारे के सारे कभी कुछ कयास लगा रहे हैं, कभी कुछ भविष्यवाणियां कर रहे हैं। सबकी अपनी-अपनी सोच और विचारधाराएं हो सकती हैं लेकिन हमेशा ईश्वरीय विधान को सच मानकर चलने की आदत बना डालने पर हमारी किसी भी प्रकार की ऊर्जा खर्च नहीं होती, वह ऊर्जा हमारे जीवन निर्माण के साथ ही जीव और जगत के वास्तविक कल्याण के काम आ सकती है।

यह ध्यान रखना चाहिए कि हर कयास और भविष्यवाणी हमारी भीतरी ऊर्जाओं के भण्डार में से कार्य के अनुपात में ऊर्जा लेकर ही बाहर निकलती है। हाँ, उन लोगों को भविष्यवाणी करने का पूरा अधिकार है जो दैवज्ञ हैं लेकिन यथार्थ यह है कि दैवज्ञ सब कुछ जानते-बूझते हुए भी भविष्यवाणी नहीं करते क्योंकि उन्हें ईश्वरीय विधान को सहज स्वीकार करने की आदत पड ़ जाती है।

भविष्य को लेकर आशंकित और शंकित वे ही लोग रहते हैं जो परायों पर पलते हैं तथा उनका पूरा जीवन दूसरों की जिन्दगी पर किसी न किसी प्रकार निर्भर होता है। विचार मंथन जरूर करें, मगर आने वाले समय या किसी प्रकार की कार्यसिद्धि के बारे में भविष्यवाणी का दुस्साहस तभी करें जब अपने आप दैवीय ऊर्जाओं का अखूट भण्डार हो अन्यथा निरन्तर रिक्त होते-होते कभी वह स्थिति भी आ सकती है जब हम हमारी वाणी का वजूद पूरी तरह खो कर दरिद्रता का अहसास भी कर सकते हैं।

हमारे जीवन की तकरीबन सारी समस्याओं की जड़ में यही बात है। भीतरी सूक्ष्म ऊर्जाओं को बचाये रखें, ये फालतू खर्च करने के लिए नहीं है। जो कुछ बोलें सही-सही, धर्मसंगत और नीतिसंगत बोलें।

—000—city_in_future-wide

Comment:

Latest Posts

hititbet giriş
betgaranti giriş
hititbet giriş
hititbet güncel giriş
hititbet giriş
Hititbet Giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
tuzla cilt bakım merkezi
Tuzla İpek Kirpik
Hititbet
hititbet giriş
Tuzla Cilt Bakım
Tuzla Cilt Bakım Merkezi
Tuzla İpek Kirpik
Tuzla İpek Kirpik
hititbet giriş
hititbet
betgaranti giriş
Hititbet Giriş
Hititbet
Hititbet Güncel Giriş
Hititbet Yeni Giriş
Hititbet Resmi Gİriş
betyap giriş
hititbet giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
betgaranti giriş
hititbet
hititbet giriş
hititbet giriş
betgaranti giriş
betgaranti
betgaranti güncel giriş
xslot giriş
xslot giriş
xslot giriş
xslot giriş
betkom giriş
hitbet giriş
hitbet giriş
betbox giriş
betbox giriş
betpas giriş
betpas giriş
betkom giriş
betpas giriş
betpark giriş
betpark giriş
hititbet
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
hititbet
betgaranti giriş
betgaranti güncel giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betgaranti güncel giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
xslot giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
hititbet giriş
kolaybet giriş
betkom giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betnano
betnano
betnano
holiganbet giriş
betpark giriş
grandpashabet
betpark giriş
betpark giriş
betpas giriş
hitbet giriş
betbox giriş
betbox giriş
hitbet giriş
casibom giriş
casibom giriş
casibom giriş
casibom giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
casibom giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş