Categories
महत्वपूर्ण लेख

प्रधानमंत्री मोदी ने हिंद महासागर में बसाए भारत के दो सीक्रेट आईलैंड

प्रस्तुति : श्याम सुंदर पोद्दार

ये एक ऐसी खबर है जिसके बारे में हमारे देश में ज्यादातर लोगों को पता नहीं है। दरअसल यह भारत का एक सीक्रेट मिशन है, जिसने चीन और पाकिस्तान जैसे दुश्मन देशों की नींद उड़ा रखी है।

भारत की समुद्री सीमा से दूर हिंद महासागर में 2 फौजी अड्डे स्थापित किए जा चुके हैं। मतलब यह कि भारतीय सेना ने इन आइलैंड पर अपना मिलिट्री बेस बनाया है। दुनिया के नक्शे में इन दोनों द्वीपों की लोकेशन इतनी जबर्दस्त है कि चीन और पाकिस्तान परेशान हैं।

इनके नाम हैं- अगालेगा और अजंप्शन आइलैंड। इन द्वीपों पर भारतीय सेना आधुनिक हथियारों और साजो-सामान के साथ मौजूद है। बेहद खुफिया तरीके से यहां भारतीय सेना खुद को मजबूत बनाने में जुटी है।

अगालेगा आइलैंड पर तो भारत ने बाकायदा एयरपोर्ट भी बनाया है। जबकि अज़ंप्शन आइलैंड पर आने जाने के लिए हवाई पट्टी बनाई गई है। इन दोनों आइलैंड्स को भारत को सौंपे जाने पर चीन और यहां तक कि भारत के चीनी और पाकिस्तानी समर्थक कांग्रेस और वामपंथी पत्रकारों ने बहुत अड़ंगेबाजी की।

इस सैनिक समझौते के खिलाफ कई झूठी खबरें उड़वाई गईं। आज इन दोनों द्वीपों पर क्या चल रहा है इसका बाकी दुनिया सिर्फ अंदाजा लगा सकती है। क्योंकि यहां भारतीय सेना के अलावा किसी को जाने की छूट नहीं है।

नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद संभालने के फौरन बाद जिन देशों की यात्रा की थी, उनमें मॉरीशस और सेशेल्स भी थे। सरकार ने औपचारिक तौर पर बताया कि ये दौरा दोनों देशों के आपसी रिश्ते सुधारने और काले धन पर बातचीत के लिए है। लेकिन असली मकसद कुछ और ही था।

इस यात्रा में मोदी ने सेशल्स और मॉरीशस को इस बात के लिए मना लिया कि वो अपने 1-1 द्वीप भारत को लीज़ पर देंगे। इसी दौरे में शुरुआती समझौते पर दस्तखत भी कर लिए गए।

अगालेगा आइलैंड मॉरीशस में पड़ता है, जबकि अजंप्शन द्वीप सेशेल्स देश का हिस्सा है। हिंद महासागर में ये वो लोकेशन थी जिसके महत्व की चीन को भी कल्पना नहीं थी। डील पर दस्तखत होने के कुछ दिन बाद जब मामला मीडिया में आया तो भारत में चीन के लिए प्रोपेगेंडा करने वाले कुत्ते पत्रकार और चीन सरकार बुरी तरह बौखला गए।

यही वो समय था जब मीडिया ने पीएम मोदी की विदेश यात्राओं की खिल्ली उड़ानी शुरू कर दी। क्योंकि उन्हें लग गया था कि पीएम मोदी इन यात्राओं के जरिए कुछ ऐसा कर रहे हैं जो वो नहीं चाहते कि मीडिया को पता चले।

इन दोनों द्वीपों के लिए की गई संधियों को रद्द कराने के लिए वहां के विपक्षी दलों के जरिए भी दबाव बनाए गए। इन्हीं का नतीजा था कि अज़ंप्शन आइलैंड के लिए आखिरी समझौते पर दस्तखत जनवरी 2018 में हो सका।

अगालेगा आइलैंड मॉरीशस के मुख्य द्वीप से 1100 किलोमीटर दूर उत्तर यानी भारत की तरफ है। ये सिर्फ 70 वर्ग किलोमीटर दायरे में है। इसी तरह सेशल्स का अज़ंप्शन आइलैंड वहां के 115 द्वीपों में से एक है। ये सिर्फ 11 वर्ग किमी की जमीन है, जो कि मेडागास्कर के उत्तर में हिंद महासागर में है।

भारत अरब देशों से कच्चा तेल खरीदता है। ये तेल हिंद महासागर के रास्ते ही आता है। कच्चा तेल जिस रूट से आता है वो उन जगहों से काफी करीब है जहां पर चीन बीते कुछ साल में अपना दबदबा बना चुका है। वो इन जगहों पर बैठे-बैठे जब चाहे भारत की तेल की सप्लाई लाइन काट सकता है।

ऐसे में भारत को समंदर में एक ऐसी लोकेशन की जरूरत थी, जहां से वो न सिर्फ अपने जहाजों को सुरक्षा दे सके, बल्कि जरूरत पड़ने पर चीन की सप्लाई लाइन पर भी वार कर सके। ये वो रणनीति थी जिसकी कल्पना चीन भी नहीं कर सका था।

उसे भरोसा था कि भारत की सरकारें हिंद महासागर पर कब्जे की चीन की रणनीति को कभी समझ नहीं पाएंगी। चीन के रणनीतिकार अपने इस प्लान को ‘स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स’ (मोतियों की माला) कहते हैं। ये वो रणनीति है जिससे उसने एक तरफ भारत को दबोच लिया था साथ ही अमेरिका के लिए भी मुश्किल हालात पैदा कर दिए थे।

पीएम मोदी ने इस खतरे को भांपते हुए चीन के जवाब में ‘स्ट्रिंग ऑफ फ्लावर्स’ (फूलों की माला) नाम से रणनीति बनाई। इसी के तहत सबसे पहले अज़म्प्शन और अगलेगा आइलैंड को लीज़ पर लिया गया।

ये दोनों द्वीप आज चीन की आंखों में किरकिरी बने हुए हैं। क्योंकि वहां से भारत ने पूरे हिंद महासागर पर घेरा बना लिया है। फिलहाल इन द्वीपों पर बुनियादी ढांचा विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है। दोनों द्वीपों पर कुछ लोग रहते भी थे, जिन्हें भारतीय सेना ने ही दूसरी जगहों पर घर बनाकर बसा दिया है। अब इन दोनों द्वीपों पर भारतीयों के अलावा किसी को जाने की इजाज़त नहीं है।

पिछले दिनों अमेरिका ने भारत को 22 गार्जियन ड्रोन देने पर रजामंदी जताई है, इन ड्रोन से इस पूरे रीजन के समुद्र पर निगरानी की जाएगी। अमेरिका भी चाहता है कि हिंद महासागर के इस इलाके में चीन को बहुत ताकतवर न होने दिया जाए। लिहाजा वो भारत के साथ सहयोग कर रहा है

दरअसल भारत से दूर दुनिया भर में मिलिट्री बेस बनाने का आइडिया पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का था। उनकी सरकार के वक्त इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू भी किया गया था। लेकिन इसी दौरान 2004 में वो चुनाव हार गए। इसके बाद आई मनमोहन सरकार ने इस पूरे प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया।

10 साल तक इस पर एक भी काम आगे नहीं बढ़ा। 2014 में जब नरेंद्र मोदी की सरकार बनी तो उन्होंने सबसे पहले जो फाइलें क्लियर कीं, उनमें से एक इसके बारे में भी थी। वाजपेयी की सोच थी कि दुनिया में ताकतवर मुल्क बनना है तो कुछ ऐसा करना होगा जिससे कोई दुश्मन आंख उठाकर देखने की भी हिम्मत न करे।

अमेरिका, रूस, ब्रिटेन जैसे देशों ने पूरी दुनिया में ऐसे द्वीपों पर मिलिट्री बेस बना रखे हैं। वाजपेयी के वक्त ही ताजिकिस्तान के फारखोर में भारत ने अपना पहला एयरफोर्स बेस स्थापित किया था। लेकिन हिंद महासागर पर दबदबे का उनका सपना अधूरा रह गया।

अगालेगा और अज़ंप्शन आइलैंड पर फिलहाल सिर्फ भारतीय सेना को जाने की छूट है। दोनों जगहों पर जा चुके नौसेना के एक जवान ने बताया था कि ये दोनों द्वीप बेहद खूबसूरत हैं। चारों तरफ नीले समुद्र से घिरे इन द्वीपों पर अब तक बहुत कम आबादी रही है। सेना की कोशिश है कि यहां की कुदरती खूबसूरती को बनाए रखते हुए यहां के बुनियादी ढांचे का विकास किया जाए।
* हमें गर्व है अपने प्रधानमन्त्री माननीय श्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी पर ।*

Comment:Cancel reply

Exit mobile version
hititbet giriş
betgaranti giriş
hititbet giriş
hititbet güncel giriş
hititbet giriş
Hititbet Giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
tuzla cilt bakım merkezi
Tuzla İpek Kirpik
Hititbet
hititbet giriş
Tuzla Cilt Bakım
Tuzla Cilt Bakım Merkezi
Tuzla İpek Kirpik
Tuzla İpek Kirpik
hititbet giriş
hititbet
betgaranti giriş
Hititbet Giriş
Hititbet
Hititbet Güncel Giriş
Hititbet Yeni Giriş
Hititbet Resmi Gİriş
betnano
betyap giriş
hititbet giriş
betnano
betnano
betpark giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
betgaranti giriş
hititbet
hititbet giriş
hititbet giriş
betgaranti giriş
betgaranti
betgaranti güncel giriş
xslot giriş
xslot giriş
xslot giriş
xslot giriş
betnano
betnano
betkom giriş
hitbet giriş
hitbet giriş
betbox giriş
betbox giriş
betpas giriş
betpas giriş
betkom giriş
betpas giriş
betpark giriş
betpark giriş
casibom giriş
casibom giriş
casibom giriş
jojobet
jojobet
hititbet
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
hititbet
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betgaranti güncel giriş
holiganbet giriş
holiganbet resmi giriş
betpark giriş
betkom giriş
betkom resmi giriş
jojobet
jojobet
betkom giriş
kolaybet giriş
betgaranti giriş
betgaranti güncel giriş
holiganbet giriş
holiganbet giriş
holiganbet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
xslot giriş
betpark giriş
Betgaranti
Betgaranti Giriş