वीरेंद्र सेंगर

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के क्रिकेट मैच इस दौर में बुरी तरह से बदनामी की मार झेल रहे हैं। क्योंकि, स्पॉट फिक्सिंग के मायाजाल में राजस्थान रॉयल्स टीम के तीन नामी क्रिकेटर फंस गए हैं। इनकी गिरफ्तारी के बाद लगातार नए-नए खुलासे होते जा रहे हैं। FiXINGइनसे यह पता चल रहा है कि क्रिकेट के खेल में सट्टेबाजी ने अंदर ही अंदर बड़ा खेल कांटा खड़ा कर लिया है। पैसों के लालच में धुरंधर क्रिकेटर भी अपना ईमान बेचने को तैयार रहते हैं। यह अलग बात है कि आईपीएल जैसे खेलों में उनकी कमाई करोड़ों में होती है। लेकिन, कई खिलाड़ी अय्याशी के जीवन के इतने गुलाम बन गए हैं कि उन्हें महज इतनी ही कमाई से संतोष नहीं होता। सो, वे स्पॉट फिक्सिंग जैसे गंदे खेल के कीचड़ में धंस चुके हैं। पिछले दिनों इन खिलाड़ियों की गिरफ्तारी के बाद, अब इस गोरखधंधे की तमाम परतें खुलती जा रही हैं। यह भी जानकारी मिली है कि इस गंदे खेल का बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड कनेक्शन भी रहा है। मंगलवार को बॉलीवुड के एक अभिनेता विंदु दारा सिंह की गिरफ्तारी भी हुई है।
16 मई को जब यह सनसनीखेज खबर आई कि जाने-माने क्रिकेटर एस. श्रीशांत स्पॉट फिक्सिंग के मायाजाल में धर लिए गए हैं, तो उनके लाखों फैन्स को सहज यह विश्वास नहीं हो रहा था कि भोला सा दिखने वाला यह क्रिकेटर इस नापाक गोरखधंधे का भी हिस्सेदार बन सकता है? लेकिन, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने तमाम पुख्ता सबूतों के साथ ही श्रीशांत पर हाथ डाला। श्रीशांत के साथ राजस्थान रॉयल्स टीम के ही दो क्रिकेटर अजित चांदलिया और अंकित चव्हाण को भी गिरफ्तार किया गया। इन सबकी गिरफ्तारी मुंबई से की गई। इन्हीं के साथ कई सट्टेबाजों को भी पकड़ा गया। बाद में, इन सभी को दिल्ली लाकर पूछताछ शुरू हुई। अदालत ने सट्टेबाज और इन तीनों दागी खिलाड़ियों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया था।
पूछताछ के दौरान यह जानकारी भी आई कि सट्टेबाजों के कनेक्शन कराची और दुबई से भी जुडे हुए हैं। दिल्ली पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार ने मीडिया से यह कहा भी है कि इस गोरखधंधे का मास्टर माइंड कराची या दुबई में बैठा कोई माफिया डॉन हो सकता है। क्योंकि, सट्टेबाजों को निर्देश इन्हीं अड्डों से मिल रहे थे। जांच टीम अब फोन रिकॉडिंग के आधार पर यह पता करने में लगी है कि कहीं इस पूरे खेल के पीछे अंडरवर्ल्ड की कोई बड़ी भूमिका तो नहीं है। आशंका यही है कि इस रैकेट में दाउद इब्राहिम की ‘डी’ कंपनी की बड़ी भूमिका हो सकती है। ऐसे में, पुलिस ने आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए ‘मकोका’ लगाने की भी तैयारी की है। ताकि, इन लोगों को जल्दी से जमानत न मिल सके।
यह अलग बात है कि शुरुआती दौर में दिल्ली पुलिस ‘मकोका’ जैसे सख्त कानून को लगाने की बात कर रही थी। लेकिन, इधर पुलिस के अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधना ही बेहतर समझ रहे हैं। चर्चा तो यह भी है कि हो सकता है ऊंची पहुंच के चलते कोई लॉबी इस मामले में फंसने वाले कुछ बड़े लोगों को बचाने में लग गई हो। लेकिन, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील शिंदे तो लगातार यही कह रहे हैं कि इस मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल जारी है। जहां तक इसमें अंडरवर्ल्ड कनेक्शन की बात है, तो इसके बारे में जांच के बाद ही कुछ कहना ठीक रहेगा।
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा टेस्ट मैच क्रिकेटर एस. श्रीशांत को लेकर रही है। वे टीम इंडिया के खिलाड़ी के तौर पर ‘विश्वकप’ के मुकाबलों में भी हिस्सा ले चुके हैं। केरल के एक छोटे से शहर के रहने वाले श्रीशांत फरवरी 1983 में पैदा हुए थे। वे अच्छे बॉलर होने के साथ सफल बल्लेबाज भी माने जाते हैं। कई मैचों में उन्होंने अंतिम दौर में अपनी बल्लेबाजी के करतब से मैचों का पासा ही पलट दिया। भोली-सी सूरत वाले श्रीशांत स्पॉट फिक्सिंग विवाद के पहले भी कई बार अलग-अलग कारणों से चर्चा में रहे हैं। एक-दो मौकों पर उन्होंने ज्यादा ‘पीकर’ हंगामा कर डाला था। इनके और क्रिकेटर हरभजन के बीच थप्पड़बाजी भी हो गई थी। इसको लेकर भी कई दिनों तक मीडिया में चर्चा रही थी। 2002-03 से युवा श्रीशांत का नाम उस समय चमका था, जब उन्होंने ‘रणजी ट्रॉफी’ में अपना खास जौहर दिखा दिया था। इसके बाद से वे लगातार आगे बढ़ते गए।
आईपीएल सीजन-6 की राजस्थान रॉयल्स टीम में वे काफी महंगे खिलाड़ी के तौर पर लिए गए थे। आरोप है कि वे सट्टेबाजों के गिरोह के लिए स्पॉट फिक्सिंग करने लगे थे। एक फिक्ंिसग के एवज में उन्हें 20 से 50 लाख रुपए तक मिल जाते थे। 5,9 व 15 मई को हुए मैचों में स्पॉट फिक्सिंग की गई थी। राजस्थान रॉयल्स टीम के मैच जयपुर, मोहाली व मुंबई में खेले गए थे। फिक्सिंग के इस रैकेट में अजित चांदलिया और अंकित चव्हाण भी शामिल रहे हैं। पुलिस की पूछताछ में यह जानकारी आई है कि इस गंदे धंधे के प्रमुख किरदार के रूप में चांदलिया की ही महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसी ने प्रमुख सट्टेबाजों का परिचय श्रीशांत और चव्हाण से कराया था।
अजित चांदलिया का जन्म दिसंबर, 1983 में फरीदाबाद में हुआ था। आईपीएल खिलाड़ी के रूप में चांदलिया का करियर महज दो साल पहले शुरू हुआ है। 2011 में वह पहली बार दिल्ली की डेयरडेवेल्स टीम के लिए चुना गया था। आईपीएल के सीजन-5 में बॉलर के तौर पर चांदलिया ने अच्छा रिकॉर्ड बनाया था। राजस्थान रॉयल्स की टीम में भी उसे पिछले अच्छे प्रदर्शन की वजह से ही जगह मिल पाई थी। चांदलिया का परिवार किसानी पृष्ठभूमि का है। लेकिन, आईपीएल खिलाड़ी बनते ही उसकी महत्वाकांक्षाओं ने एकदम छलांग लगानी चाही। शायद, इसी वजह से वह रातों-रात अमीर बनने की लालच में फंस गया। पुलिस की टीम ने पलवल (हरियाणा) में स्थित उसकी बुआ के घर से वे 20 लाख रुपए भी बरामद कर लिए हैं, जो कि उसने सट्टेबाजों से लिए थे।
राजस्थान रॉयल्स टीम के गिरफ्तार किए गए तीसरे खिलाड़ी हैं, अंकित चव्हाण। अक्टूबर 1985 में चव्हाण मुंबई में ही जन्मे थे। कम उम्र से ही अंकित को क्रिकेट खेलने का जुनून रहा है। अभी आईपीएल स्तर के खेल में उसके करियर की शुरुआती ही हुई थी कि वह लालच के शिकंजे में फंस गया। अंकित, मुंबई की टीम में सालों तक एक ऑल राउंडर खिलाड़ी के रूप में अपने जलवे दिखा चुका है। महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर कई बार कह चुके थे कि अंकित में क्रिकेट खेलने का बहुत दम दिखाई पड़ता है। पुलिस ने आरोप लगाया है कि मुंबई में हुए 15 मई के मैच में अंकित ने 60 लाख रुपए के एवज में स्पॉट फिक्सिंग का सौदा तय किया था। सौदे के मुताबिक उसने रन भी दिए। क्रिकेटर के तौर पर ही उसे ‘एयर इंडिया’ में अच्छी नौकरी मिली हुई थी। लेकिन, गिरफ्तारी के बाद ‘एयर इंडिया’ ने अंकित को निलंबित कर दिया है। पूछताछ के दौरान अंकित लगातार यही कहता रहा कि उसने जीवन की सबसे बड़ी भूल कर दी है। पता नहीं जीवन में उसे दूसरा बेहतरीन मौका मिलेगा या नहीं?
अहम सवाल यह है कि स्पॉट फिक्सिंग के इस रैकेट में क्या महज इन तीन खिलाड़ियों की ही भागीदारी रही है? दिल्ली पुलिस के सूत्रों का दावा है कि यह रैकेट बहुत बड़ा है। जो जानकारियां मिली हैं, उनके हिसाब से आईपीएल सीजन-5 मैचों में भी जमकर स्पॉट फिक्सिंग हुई। इसमें कई नामी खिलाड़ियों की भूमिका भी रही है। यह जानकारी मिल गई है कि क्रिकेटर श्रीशांत ने खूबसूरत लड़कियों के संग जमकर अय्याशी करने का शौक पाल लिया था। जब्त किए गए उनके लैपटॉप और मोबाइल से कई मॉडल्स के फोटो मिले हैं। पुलिस, चेन्नई के एक कॉस्टिंग डायरेक्टर से भी इस मामले में पूछताछ कर चुकी है। इस डायरेक्टर ने स्वीकार किया है कि श्रीशांत ने एक फिल्म बनवाने की तैयारी कर ली थी। इसीलिए कुछ मॉडल्स के फोटो मांगे थे। पुलिस ने जिस समय रात में श्रीशांत को गिरफ्तार किया था, उस समय भी उनकी कार में दक्षिण भारत की एक नवोदित अभिनेत्री और महिला टीवी एंकर साथ थे।
पड़ताल में यह जानकारी आई है कि गिरफ्तारी के महज तीन दिन पहले श्रीशांत ने सट्टेबाजों से मिले पैसों के जरिए महंगे ब्लैकबैरी फोन भी खरीदे थे। ये फोन उसने अपनी दो गर्लफ्रेंड्स को दिए थे। अब पुलिस श्रीशांत की गर्लफ्रेंड से भी पूछताछ करने जा रही है। उल्लेखनीय है कि श्रीशांत का भाई दीपू चेन्नई में म्यूजिक कंपनी चलाता है। जबकि, उसकी बहन निवेदिता मलयालम फिल्मों में अभिनय करती है। श्रीशांत क्रिकेट की दुनिया से छुट्टी मिलने के बाद फिल्म निर्माण में ही अपना हाथ अजमाना चाहते थे। स्पेशल सेल की कोठरी में पड़े श्रीशांत अब सुबक-सुबक कर अपनी तमाम जानकारियां जांचकर्ताओं को दे रहे हैं। उनकी कोशिश है कि वे किसी तरह से पुलिस वालों की कुछ सहानुभूति पा लें।
श्रीशांत यही कह रहे हैं कि वे अपने क्रिकेटर मित्र जीजू जनार्दन की धोखेबाजी का शिकार हो गए हैं। जीजू, केरल में राज्य स्तरीय क्रिकेटर हैं। वह श्रीशांत का बचपन का दोस्त है। सट्टेबाजी के रैकेट में जीजू भी गिरफ्तार हो चुका है। आरोप है कि जीजू ने ही श्रीशांत को इस गोरखधंधे में डाला था। वह दलाली करके बीच में खुद भी पैसे बना रहा था। मंगलवार को पुलिस ने पूर्व रणजी खिलाड़ी बाबूराव यादव को भी गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, तमाम पड़ताल के बाद यह तथ्य सामने आया कि चांदलिया को सट्टेबाज सुनील भाटिया से बाबूराव यादव ने ही मिलवाया था। इस पूरे गोरखधंधे में नागपुर के रहने वाले बाबूराव की बड़ी भूमिका रही है।
जयपुर से स्पॉट फिक्सिंग मामले में एक सट्टेबाज रमेश ब्यास भी गिरफ्तार किए गए। इसके जरिए यह जानकारी मिली कि इस पूरे गोरखधंधे में अंडरवर्ल्ड के अलावा बॉलीवुड कनेक्शन की भी बड़ी भूमिका है। इस सट्टेबाज से मिली कुछ पुख्ता जानकारियों के बाद ही मुंबई की स्पेशल सेल पुलिस ने अभिनेता विंदु दारा सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। यह जानकारी आ रही है कि आईपीएल के कई मैचों में विंदु, वीवीआईपी बॉक्स में दिखाई पड़े हैं। 6 अप्रैल को चेन्नई में हुए आईपीएल मैच के दौरान विंदु टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की पत्नी साक्षी धोनी के साथ दिखाई पड़े थे। पुलिस सूत्रों का दावा है कि यदि विंदु की भूमिका काफी अहम मानी गई, तो फिर साक्षी धोनी से भी पूछताछ की जा सकती है।
पुलिस को आशंका है कि विंदु सिंह के जरिए सट्टेबाजों ने अपना कनेक्शन कई बड़े लोगों तक फैला रखा था। इस गोरखधंधे में हवाला रैकेट की भी बड़ी भूमिका रही है। मुंबई पुलिस ने इसी सिलसिले में अल्पेश नामक एक व्यक्ति की गिरफ्तारी कर ली है। इसके पास से एक करोड़ 28 लाख रुपए भी बरामद किए गए हैं। दावा तो किया जा रहा है कि अल्पेश ने ही हवाला रूट से श्रीशांत सहित कई खिलाड़ियों को स्पॉट फिक्सिंग की रकम पहुंचाई थी। पूर्व आयकर आयुक्त विश्वबंधु गुप्ता कहते हैं कि आईपीएल के खेल में शुरू से ही ब्लैक मनी की बड़ी भूमिका रही है। आरोप भी लगते रहे हैं कि आईपीएल टीम के मालिक कई स्तरों पर ब्लैक मनी को इस खेल के जरिए सफेद करने में लगे रहे हैं। लेकिन, इनके खिलाफ अभी तक कुछ नहीं हुआ है।
विश्वबंधु गुप्ता कहते हैं कि आईपीएल के पहले कमिश्नर ललित मोदी भी काले-सफेद के चक्कर में बदनाम रहे हैं। उन्होंने अपना गुनाह छिपाने के लिए 400 करोड़ रुपए रिश्वत की पेशकश भी की थी। ‘फेमा’ सहित कई वित्तीय गड़बड़ियों के मामलों में वे फंसे हुए हैं। ऐसे में, जरूरी हो गया है कि आईपीएल खेल के हर पहलू की व्यापक पड़ताल कराई जाए। विश्वबंधु कहते हैं कि जिन लोगों को स्पॉट फिक्सिंग में गिरफ्तार किया गया है, ये महज छोटी मछलियां हैं। जबकि, इस खेल के असली ‘मगरमच्छ’ तो अभी बाहर ही बने हुए हैं। जरूरत है कि इनके असली चेहरे देश के सामने आएं।
रविवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की कार्यकारिणी की बैठक चेन्नई में हुई थी। उम्मीद की जा रही थी कि इस बैठक में बीसीसीआई स्पॉट फिक्सिंग के मामले में कोई कड़ा फैसला लेगी। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। बीसीसीआई के प्रमुख एन. श्रीनिवासन ने एक तरह से अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ा। यहां तक कहा कि कई देशों में सट्टेबाजी अपराध नहीं माना जाता। यदि भारत में भी सट्टेबाजी वैध होती, तो शायद इस मामले में इतना बवाल नहीं होता। लेकिन, बीसीसीआई के प्रमुख यह भूल रहे हैं कि स्पॉट फिक्सिंग और मैच फिक्सिंग सरासर आपराधिक धोखाधड़ी है। ऐेसे में, उनकी लीपा-पोती का अंदाज किसी तरह से ठीक नहीं माना जा सकता। यूं भी श्रीनिवासन आईपीएल की चेन्नई सुपर किंग्स टीम के मालिक हैं। जाहिर है, वे आईपीएल क्रिकेट के बचाव के लिए ही ‘बैटिंग’ करेंगे।
इस बीच सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर करके मांग की गई है कि इस फिक्सिंग के खेल के चलते आईपीएल मैचों पर प्रतिबंध लगा दिया जाए। अदालत ने इस पूरे मामले मे बीसीसीआई से रिपोर्ट मांग ली है। लंबे समय से यह चर्चा चली आ रही है कि क्रिकेट के खेलों में शीर्ष स्तर पर बड़ी गड़बड़ियां की जा रही हैं। केंद्रीय खेल मंत्री अजय माकन लंबे समय से कहते आ रहे हैं कि बीसीसीआई के कामकाज को आरटीआई कानून के तहत लाया जाए। वे सवाल करते हैं कि इनकी चुनी गई टीम को ‘टीम इंडिया’ कहा जाता है, तो इनका कामकाज निजी संस्था की श्रेणी में कैसे माना जा सकता है? वैसे भी प्रीति जिंटा सहित आईपीएल टीमों के कई प्रमोटर प्रवर्तन निदेशालय के निशाने पर रहे हैं। प्रीति से प्रवर्तन निदेशालय घंटों पूछताछ भी कर चुका है। ‘फेमा’ के उल्लंघन में आईपीएल टीमों के दो और प्रमोटरों पर मुकदमा दर्ज हुआ है। इनकम टैक्स विभाग ने खुद बीसीसीआई पर 1300 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी का नोटिस जारी किया था। यह मामला लंबित है। मैच फिक्सिंग का आरोप भारतीय क्रिकेट के लिए कोई एकदम नया भी नहीं है। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन सहित कई खिलाड़ी इसके चक्कर में फंस कर अपना क्रिकेट करियर बर्बाद कर चुके हैं। पड़ोसी देश पाकिस्तान के तीन खिलाड़ी भी पिछले साल स्पॉट फिक्सिंग के चक्कर में फंसे थे। इन्हें भी जेल जाना पड़ा। इनका क्रिकेट करियर भी बर्बाद हुआ। इसके बाद भी श्रीशांत, अंकित व चांदलिया जैसे होनहार खिलाड़ी ज्यादा पैसों के लालच में फंस ही गए। जरूरत इस बात की है कि क्रिकेट खेलों का प्रबंधन देखने वाले तंत्र की ज्यादा सख्त निगरानी हो। शायद, तभी क्रिकेट की ‘पवित्रता’ कुछ हद तक बरकरार रह पाए!

Comment:

Latest Posts

hititbet giriş
hititbet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
hititbet giriş
hititbet güncel giriş
hititbet giriş
vdcasino giriş
vdcasino güncel giriş
vdcasino giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hitit medya
Hititbet Giriş
Hititbet Giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
tuzla cilt bakım merkezi
Tuzla İpek Kirpik
Hititbet
hititbet güncel adres
hititbet 2026
hititbet giriş
xslot giriş
setrabet giriş
xslot giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
norabahis giriş
betyap giriş
betgaranti giriş
kralbet
kralbet
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
artemisbet giriş
artemisbet giriş
hititbet giriş
Tuzla Cilt Bakım Merkezleri
Tuzla İpek Kirpik
Tuzla Lenf Drenaj
norabahis giriş
norabahis giriş
medusabahis giriş
Hititbet Giriş
medusabahis giriş
medusabahis giriş
medusabahis giriş
betyap giriş
betyap giriş
betmoon giriş
betmoon giriş
betyap giriş
betyap giriş
kingroyal giriş
lunabet
lunabet
Tuzla Cilt Bakım
Tuzla Cilt Bakım Merkezi
Tuzla İpek Kirpik
betpark giriş
kingroyal
kingroyal
betpark giriş
xslot giriş
hititbet
solobet giriş
xslot giriş
betpark giriş
betpark giriş
kralbet
betpark giriş
betpark giriş
hititbet
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
venusbet giriş
venusbet giriş
jasminbet giriş
jasminbet giriş
venusbet giriş
venusbet giriş
sonbahis giriş
sonbahis giriş
sonbahis giriş
sonbahis giriş
jasminbet giriş
jasminbet giriş
kralbet
kingroyal giriş
hititbet
hititbet
hititbet
venusbet giriş
betparibu giriş
betparibu giriş
betparibu giriş
betparibu giriş
hititbet giriş