नेहरू ही थे धारा 370 को लगवाने के लिए उत्तरदायी

नेहरु जी ने बिना सोचे समझे और बिना सरदार पटेल से किसी प्रकार की वार्ता किये भारतीय संविधान की आपत्तिजनक धारा 370 को उसमें रखवा दिया था। इसे शेख अब्दुल्लाह से परामर्श करके पंडित नेहरू ने अपनी स्वीकृति प्रदान की और गोपाल स्वामी आयंगर द्वारा तैयार कराया गया । उस समय नेहरू अमेरिका की अपनी राजकीय यात्रा पर जा रहे थे । उससे पूर्व ही वह आयंगर को इस विषय में अपना मंतव्य और निर्देश दे चुके थे । संविधान सभा में कांग्रेस के लोगों ने भी इस विवादास्पद और आपत्तिजनक धारा का विरोध किया था । तब सरदार पटेल द्वारा इसे मानने का तो प्रश्न ही नहीं उत्पन्न होता । संविधान सभा की मान्यता यह थी कि सभी राज्यों की एक समान स्थिति रखी जाए ।

पीएन चोपड़ा एवं प्रभा चोपड़ा हमें बताते हैं कि :— ” गोपाल स्वामी आयंगर पार्टी को समझाने में असफल रहे तथा उन्होंने सरदार पटेल से हस्तक्षेप करने के लिए आग्रह किया । सरदार पटेल बहुत ही विषम परिस्थिति में फंस गए । पंडित नेहरू की अनुपस्थिति में वह ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहते थे जिसमें यह आभास हो कि प्रधानमंत्री होने के नाते उन्होंने जो शर्ते रखी थीं उन्हें न मानकर उनके पद की गरिमा को कम किया गया । अतः उनके पास उप प्रधानमंत्री होने के नाते राज्य को विशेष स्थिति में रखने की शर्त को मानने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं था ।

सरदार पटेल ने 16 अक्टूबर 1949 को आयंगर को साफ शब्दों में लिखा था : – ” शेख साहब की उपस्थिति में पार्टी ने जिस व्यवस्था को स्वीकार किया है उसमें मैं बिल्कुल भी परिवर्तन करना नहीं चाहता । जब भी शेख साहब पीछे हटना चाहते हैं वे सदा हम लोगों के प्रति कर्तव्य की बात को लेकर सामने आते हैं ।

यह सच है कि उनका भारत के प्रति और प्रधानमंत्री जिन्होंने सीमा से बाहर जाकर भी उनकी बात मनवाई है , के प्रति कोई कर्तव्य नहीं है । इन परिस्थितियों में मेरी स्वीकृति का कोई प्रश्न ही नहीं होता । यदि आप इसे सही समझते हैं तो करें । ”

कश्मीर के विषय में सरदार पटेल ने एक बार कामत से कहा था – ” यदि जवाहरलाल नेहरू और गोपाल स्वामी आयंगर ने कश्मीर को मेरे मंत्रालय गृह व राज्य से पृथक कर अपने संरक्षण में न लिया होता तो वह इस समस्या को उसी उद्देश्य पूर्ण ढंग से निपटा देते जैसे जूनागढ़ व हैदराबाद की समस्या का समाधान किया गया था । ‘

सरदार पटेल ने मधोक साहब से भी कहा था —— ” नेहरू कश्मीर को अपना घर मानता है , इसलिए इस प्रदेश के विषय में उचित निर्णय लेने से वह मुझे रोकता है और उसका कहना होता है कि कश्मीर मेरा घर है उसके लिए क्या करना है और क्या नहीं – उसे आप मेरे लिए छोड़ दें । ”

सरदार पटेल इस प्रकार की परिस्थितियों में कश्मीर को नेहरू के लिए छोड़ कर आगे बढ़ गए । उससे देश का अहित ही अधिक हुआ ।

उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि केवल और केवल गांधी के शिष्य पंडित जवाहरलाल नेहरु की मूर्खतापूर्ण नीतियों और पूर्वाग्रह के कारण हमारे संविधान में धारा 370 रखी गई । जिसका परिणाम यह निकला कि भारत में ” गंगा जमुनी संस्कृति ” को स्थापित करने वाले अकबर और औरंगजेब के उत्तराधिकारी कश्मीर में 50,000 मंदिरों को पिछले 72 वर्ष में नष्ट करने में सफल हो गए । हम सेकुलरिज्म के गीत गाते रहे , लोकतंत्र की आरती उतारते रहे और उधर धारा 370 की आड में हर वर्ष लगभग 1000 मंदिर तोड़े जाते रहे । अपने ही लोगों ने अपने ही देश में अपने ही तंत्र में रहते हुए अपने ही लोगों को कुछ मुट्ठी भर आतंकी भेड़ियों के सामने डाल दिया । जिन्हें वे नोंचते रहे , उनकी अस्मिता से खिलवाड़ करते रहे और हम शेष देशवासी इन मूर्ख नेताओं के मृगजाल में फंस कर चैन की नींद सोते रहे । हमें यह पता ही नहीं पड़ा कि धारा 370 की आड में कश्मीर में कितनी हिंदू महिलाओं के साथ बलात्कार हुए ?

कितने लोगों को धर्मांतरण करने के लिए विवश किया गया ?

कितने लोगों को शिक्षा, रोजगार आदि से वंचित किया गया ?

कितने मंदिरों को तोड़ा गया ?

कितनों की आस्था टूटी ?

कितनों के दिल टूटे ?

कितनों के पैर टूटे ,,?

और कितनों के हाथ टूटे ?

अभी अक्टूबर में हमने अपने ‘ राष्ट्रपिता ‘ की जयंती मनाई है और आगामी 14 नवंबर को देश अपने एक ” चाचा ” का जन्म दिवस बालदिवस के रूप में मनाएगा । क्या कोई व्यक्ति उस दिन अपने उस तथाकथित ‘ चाचा’ से यह पूछ पाएगा कि तेरे कारण कश्मीर में कितने बच्चों को अनाथ होना पड़ा ,? कितनों को माता पिता के साए से वंचित होना पड़ा ? संभवत: कोई नहीं । इतिहास के पृष्ठ बड़े-बड़े प्रश्न चिन्हों के साथ खाली पड़े हैं ,? क्या कोई इतिहासकार है जो उन प्रश्नों को हटाकर वहां पर सत्य के अर्थ को प्रकाशित कर पाएगा ?

डॉ राकेश कुमार आर्य

संपादक : उगता भारत

Comment:

betpark giriş
betgaranti giriş
bettilt giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
vdcasino giriş
pokerklas giriş
pokerklas giriş
supertotobet giriş
hititbet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
supertotobet giriş
Bettilt Giriş
Supertotobet Giriş
Vdcasino Giriş
supertotobet giriş
vaycasino giriş
betgaranti giriş
hititbet giriş
Hititbet Giriş
hititbet giriş
betorder giriş
betorder giriş
betorder giriş
hititbet giriş
betmatik
betkom
betpark giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betkom giriş
betmatik giriş
betpark giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
betpark giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
kralbet giriş
kralbet giriş
betorder giriş
betine giriş
xslot giriş
timebet giriş
roketbet giriş
timebet
timebet
roketbet
roketbet
vaycasino giriş
bettilt giriş
betine giriş
betine giriş
xslot giriş
xslot giriş
bettilt giriş
hititbet giriş
hititbet giriş
Hititbet Giriş
Hititbet Giriş
xslot giriş
Hititbet Giriş
timebet
meritking giriş
meritking
betpark giriş
norabahis
norabahis
meritking giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
vaycasino giriş