Categories
आर्थिकी/व्यापार

कोरोना महामारी और निर्णायक दशक का दौर

जयंत सिंहा आने वाले दशक में विकास और समृद्धि हासिल करने के लिए हरित बदलाव को ध्यान में रखते हुए अपने विकास मॉडल में सुधार करना बेहद ज़रूरी है. कोरोना महामारी के धीमे पड़ने के साथ ही अर्थव्यवस्था की गिरी हुई सेहत तेज़ी से सुधर रही है, ऐसे में भारत के विकास एजेंडे को अब […]

Categories
आर्थिकी/व्यापार

नोटबंदी का वह निर्णय जिसने कतार में खड़ा कर दिया था सारा देश

 अभिनय आकाश आठ नवंबर का दिन यानी इसी दिन पांच साल पहले 2016 में पांच सौ और एक हजार के नोट चलन से बाहर हो गए थे। सरकार अपने इस फैसले को हमेशा सही ठहराती है वहीं विपक्ष इसको लेकर निशाना भी साधती है। नोटबंदी के पांच साल पूरे होने पर ट्विटर पर #notebandi और […]

Categories
आर्थिकी/व्यापार

देश की मजबूत होती अर्थव्यवस्था को जानबूझकर दिखाया गया है गिरावट वाली अर्थव्यवस्था

देश को अपने झूठ की भांग पिलाने, अफीम चटाने में जुटे धूर्त ध्यान दें। कल धनतेरस के पर्व पर राजधानी लखनऊ के बाजारों में 100 करोड़ रुपये का मिष्ठान्न और लगभग 100 करोड़ के ही ड्राई फ्रूट बिके। बाजार में कुल लगभग 2 हजार करोड़ रुपयों की बिक्री कल हुई। यह तो आंकड़ा लगभग 50 […]

Categories
आर्थिकी/व्यापार

राज्य, समाज, व्यक्ति और निन्यानबे का फेर

रवि शंकर बाप बड़ा न भैय्या, सबसे बड़ा रुपैय्या। यह कहावत जिसने भी बनाई होगी, उसने सोचा नहीं होगा कि कभी एक समय पूरा देश उसकी कहावत के पीछे ही चलेगा। रुपैय्या यानी कि धन औप धन अर्थात् अर्थतंत्र। अर्थतंत्र यानी धन कमाना, धन व्यय करना, धन संग्रह करना, धन का वितरण करना। भारतीय शास्त्रों […]

Categories
आर्थिकी/व्यापार

ऊंचे तेल दामों से आर्थिकी को मजबूती भी

भरत झुनझुनवाला वर्ष 2016 की तुलना में आज अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 3 गुना हो गए हैं। इसी के समानांतर अपने देश में पेट्रोल का दाम लगभग 70 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 100 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इसका सीधा प्रभाव महंगाई पर पड़ता है। हमारे लिए यह मूल्य वृद्धि […]

Categories
आर्थिकी/व्यापार

विकास की चाह रखने वालों को बलिदान करना ही पड़ता है

विमल भाई नदियां हमारी संस्कृति और सभ्यता की प्रतीक हैं। पूरी दुनिया में सभ्यताएं नदियों के किनारे ही विकसित हुईं हैं। मानव सभ्यता के विकास में इनका महत्वपूर्ण योगदान है। हमारे देश में तो नदियों को पूजने की परंपरा रही है। हमारे यहां कहा गया है कि गंगा के जल से यदि आचमन भर कर […]

Categories
आर्थिकी/व्यापार

तब जाकर हुआ 100 करोड़ का आंकड़ा पार, ऐसी रही 278 दिन के सफर की दास्तान

रुकावटें आई हजार, विपक्ष ने आरोप लगाए कई बार, फिर भी डटी रही सरकार,  अभिनय आकाश भारत ने 9 महीने से ज्यादा समय बाद 100 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन डोज देने का मील का पत्थर पार कर लिया। लेकिन कोरोना महामारी के खिलाफ 100 करोड़ वैक्सीनेशन का सफर आसान नहीं था। अगर इस वैक्सीनेशन के […]

Categories
आर्थिकी/व्यापार

रोजगार की भरमार से ही संभल सकती है आर्थिक व्यवस्था

सुरेश सेठ आम आदमी के लिए पिछले डेढ़ बरसों में जीना दूभर होता जा रहा था। पिछले साल के प्रारंभिक महीनों से जिंदगी असामान्य हो गयी थी। कोरोना महामारी के प्रकोप और उसके नित्य बढ़ते विस्तार की दहशत तब इतनी थी कि इसका सामना पूर्णबंदी की घोषणा के साथ जीवन को किसी अन्धकूप में डाल […]

Categories
आर्थिकी/व्यापार

प्रकाश संश्लेषण से खाद्यान्न चुनौती का मुकाबला

मुकुल व्यास दुनिया में 2050 तक 9 अरब लोगों को खाद्यान्नों की आवश्यकता पड़ेगी। इसका अर्थ यह हुआ कि किसानों को सीमित कृषि भूमि पर 50 प्रतिशत अधिक अन्न उगाना पड़ेगा। इस बड़ी चुनौती से निपटने के लिए वनस्पति वैज्ञानिक पौधों में कुछ ऐसी फेरबदल करने की कोशिश कर रहे हैं जिससे उनमें प्रकाश-संश्लेषण (फोटोसिंथेसिस) […]

Categories
आर्थिकी/व्यापार

पैंडोरा-पेपर्सः काले पन्नों के सफेद दागी

प्रमोद भार्गव टैक्स हैवन यानी कर के स्वर्ग माने जाने वाले देशों में गुप्त संपंत्ति बनाने की पड़ताल से जुड़े दस्तावेजों में 300 प्रतिष्ठित भारतीयों के नाम हैं। इनमें प्रसिद्ध व्यवसायी अनिल अंबानी, विनोद अडाणी, समीर थापर, अजीत केरकर, सतीश शर्मा, किरण मजूमदार शॉ, पीएनबी बैंक घोटाले के आरोपी नीरव मोदी की बहन पूर्वी मोदी, […]

Exit mobile version