मृत्युंजय दीक्षित आखिरकार दिल्ली की जनता का जनादेश 10 फरवरी 2015 को पूरी दुनिया के सामने आ ही गया।दिल्ली की जनता ने बता दिया कि वह अब कितनी परिपक्व हो चुकी है। 49 दिनोंकी केजरी सरकार गिरने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली के लिए जो रणनीतियां बार- बार बदली यह उसी का नतीजा […]
Category: विविधा
राज्य सरकार एवं रिलायंस पॉवर के बीच एमओयू नई दिल्ली,12 फरवरी, 2015। राजस्थान की मुख्यमंत्राी श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा है कि राज्य सरकार निवेशकों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराते हुए राजस्थान को निवेश के लिये उपयुक्त प्रदेश बनाने की दिशा म कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि निजी क्षेत्रा के साथ भागीदारी […]
जूती पहने हैं, पगड़ी की तरह
मराठी के प्रसिद्ध लेखक भालचंद्र निमाड़े की एक भेंट-वार्ता आज टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी है। क्यों छपी है? क्योंकि उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला है। ज्ञानपीठ और टाइम्स ऑफ इंडिया के मालिक एक ही हैं, वरना ऐसी भेंट-वार्ता किसी अंग्रेजी अखबार में छपना असंभव-सा ही है। निमाड़े ने अंग्रेजी भारत के बारे में जो दो-टूक […]
विहार : बिन मांझी की नाव
बिहार की राजनीति मजाक बनकर रह गई है। कहां तो नीतीश और लालू, मुलायम के साथ मिलकर एक कठोर तीसरा मोर्चा खड़ा कर रहे थे और कहां अब नीतीश के जनता दल को ही मोर्चा लग रहा है। नीतीश की रणनीति कितनी बुरी तरह विफल हो गई! उन्होंने सोचा होगा कि जैसे लालू ने राबड़ी […]
ओबामा बोले किसकी बानी?
डॉ0 वेद प्रताप वैदिक अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा के बारे में मुझे अपनी राय बदलनी पड़ेगी। उन्होंने भारत को धार्मिक सहिष्णुता का पाठ फिर पढ़ा दिया है। पहले उन्होंने सीरी फोर्ट के भाषण में सांप्रदायिकता की वजह से भारत के टूटने का डर दिखा दिया और अब उन्होंने व्हाइट हाउस में बैठकर यह कह डाला कि […]
राज्यपालों का दो दिवसीय सम्मेलन
राजस्थान के राज्यपाल श्री कल्याण सिंह लेगें भाग नई दिल्ली, 10 फरवरी। राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री कल्याण सिंह नई दिल्ली में बुधवार एवं गुरूवार को आयोजित हो रहे दो दिवसीय राज्यपाल सम्मेलन में भाग लेगें। वे इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंच गये हैं। शिल्पागंन हस्तशिल्प प्रदर्शनी में […]
नीतीश अड़े और मांझी भी डटे
सुरेश हिन्दुस्थानी बिहार में चल रहे राजनीतिक उठापटक के खेल में यूं तो दिग्गज राजनेता माने जाने वालों के लिए एक चुनौती बनकर सामने आए मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने यह कहकर कि मैं बहुमत साबित करूंगा, नीतीश कुमार के सामने बहुत बड़ा पेंच स्थापित कर दिया है। ऐसे में तमाम प्रयास करने के बाद भी […]
केजरीवाल की जीत के मायने ?
राजेश दूबे दिल्ली में आम आदमी पार्टी को प्रचंड बहुमत से जनता ने कुर्शी पर बिठा दिया है और इसी के साथ पिछले एक महीने से चली आ रही तमाम अटकलों पर भी विराम लग चूका है जनता ने केजरीवाल को पुरे पांच साल तक बेरोकटोक सरकार चलाने और वायदों पर खरा उतरने के लिए […]
जीतन माझी की बगावत के निहितार्थ
सुरेश हिन्दुस्थानी वर्तमान में देश के राजनीतिक वातावरण में कब क्या हो जाए कहा नहीं जा सकता। कल कुछ और था तो आज कुछ और, आगे के समय में क्या होगा कहा नहीं जा सकता। मात्र अपनी कुर्सी बचाने तक ही आज की राजनीति का केन्द्र बिन्दु बनता जा रहा है। इस प्रकार की राजनीति […]
मृत्युंजय दीक्षित उत्तर प्रदेश में घटी कुछ दर्दनाक और शर्मनाक घटनाओं तथा उन पर घृणित राजनीति के प्रकरणों से वर्ष 2015 का आगाज हो गया है। जनवरी के पाक्षिक में ही राजधानी लखनऊ व उसके आसपास जहरीली षराब के कारण लगभग 50 की मौत हो गयी तथा 150 से अधिक लोग बीमार हो गये। प्रदेष […]