डा. राधे श्याम द्विवेदी बाबा विश्वनाथ का मंदिर काशी में भगवान शिव और माता पार्वती का आदि स्थान कहा जाता है। 11वीं सदी तक यह अपने मूल रूप में बना रहा। काशी शिव की नगरी के रूप में पूरे विश्व के सनातनियो द्वारा पूजी जाती रही है। विश्वनाथ मंदिर पर घात प्रतिघात सबसे पहले इस […]
Category: आतंकवाद
*बग्गा किडनैपिंग प्रकरण को सहज न लेवें…* दरअसल *क्रिप्टो केजरीवाल यह एक प्रयोग की भांति कर रहा था।* गनीमत ये समझिए की समय रहते *भाजपा उसके इस प्रयोग के संकेतों में छुपे हुए भविष्य के खतरनाक गूढ़ार्थ को भांपने में समय रहते सफल रही और कल खुलकर फ्रंट फुट पर खेली, जो वो पश्चिम बंगाल […]
वर्ष 1980 से 83 के बीच पनपे आतंकवाद से पंजाब को बचाना होगा। पंजाब में तो केजरीवाल के पास पुलिस भी है। ============ 9 मई की रात को पंजाब के मोहाली स्थित खुफिया दफ्तर पर रॉकेट से हमला किया गया। इससे पंजाब पुलिस का यह दफ्तर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ। चूंकि हमला रात के समय […]
विभिन्नताओं को लेकर इतिहास की मान्यता रिंचन ने कश्मीर की बेटी कोटारानी के पिता रामचंद्र को समाप्त करके कश्मीर के राज्य पर जब अपना अधिकार कर लिया तो पिता के हत्यारे से विवाह करना कोटारानी के लिए बाध्यता हो गई। उस समय प्रशासन में चारों ओर अराजकता का वातावरण व्याप्त था। चारों ओर विद्रोह की […]
भारत का इतिहास विश्व में सर्वाधिक प्राचीन है। अपनी प्राचीनता के कारण इसने अनेक उतार-चढ़ाव भी देखे हैं। मानव के उत्थान – पतन, अनेक मत – मतांतरों के प्रचार – प्रसार , अनेक रक्तिम संघर्ष और राजनीति के अनेक हेरफेरों से निकली भारतीय इतिहास की सरिता अपने अंक में अनेक अनुभवों को समाए हुए है। […]
कार्ल मार्क्स की शैतानियां और मार्क्सवाद
उगता भारत ब्यूरो (5 अप्रैल को कार्लमार्क्स का जन्मदिन कम्युनिस्टों ने महान कहकर बनाया। कम्युनिस्टों की एक खास पहचान हैं। ये खुद भी अँधेरे में रहते है और अन्यों को भी अँधेरे में रखते हैं। मार्क्स के जीवन के अज्ञात कर्मों को इस लेख के माध्यम से पढ़कर सोचिये क्या कार्लमार्क्स वाकई में महान था?) […]
संग्रामराज और रानी दिद्दा रानी ने अपने जीवन काल में ही अपने भाई लोहर के शासक उदयराज के पुत्र संग्रामराज को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर उसे राज्य सिंहासन सौंप दिया था। जिसने रानी के पश्चात एक स्वतंत्र शासक के रूप में कार्य करना आरंभ किया। संग्रामराज नाम के इसी शासक ने लोहर वंश की स्थापना […]
एक निर्माता के रूप में ललितादित्य वास्तव में ललितादित्य भारतीय गौरव और शौर्य का प्रतीक है। उसने किसी भी विदेशी आक्रमणकारी को भारत पर आक्रमण करने से पूर्णतया रोक दिया था। भारत के शौर्य संपन्न शासक के कारण विदेशी हमलावर भारत के नाम से भी उस समय डरने लगे थे। ललितादित्य ने ललितपुर नाम का […]
*राष्ट्र-चिंतन* *आचार्य श्री विष्णुगुप्त* ================== खालिस्तानी और भिड़रावाले मानसिकता के खिलाफ प्रदर्शन करने की कोशिश करना या फिर अभियान चलाना गुनाह है क्या? हरीश सिंगला ने खालिस्तानी और भिड़रावाले मानसिकता के खिलाफ प्रदर्शन करने की कोशिश कर गुनाह किया है क्या? हरीश सिंगला ने कोई गुनाह नहीं किया है। हरीश सिंगला की प्रशंसा इस बात […]
छठी शताब्दी के प्रारंभ में हूणों ने कश्मीर पर विजय प्राप्त की थी और यहां पर अपना शासन स्थापित किया था। हूणों के राजा मिहिरकुल ने कश्मीर पर शासन किया। इस शासक को कई इतिहासकारों ने एक क्रूर शासक के रूप में स्थापित किया है। मिहिरकुल ने बाद में शैवमत को अपना लिया था। मिहिरकुल […]