आलोक कुमारजिस अपार बहुमत के साथ जनता ने मोदी जी के नेतृत्व में नयी सरकार को चुना है, उससे स्पष्ट है कि जनता की अपेक्षायें काफी बड़ी और बढ़ी हैं, मोदी जी भी उसे भलीभांति समझ रहे होंगे। जब अपेक्षाएं बड़ी होती हैं तो अंसन्तोष भी शीघ्र ही उभरता है। आजादी के छ: दशकों के […]
Category: राजनीति
अनुच्छेद ३७० पर बहस तो होनी ही चाहिए
सिद्धार्थ शंकर गौतम मोदी सरकार के गठन के ठीक अगले ही दिन प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री और उधमपुर से भाजपा सांसद जितेंद्र सिंह ने भाजपा के घोषणा-पत्र के अनुरूप जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद ३७० के औचित्य पर बयान देकर सियासत को गरमा दिया है| दरअसल उन्होंने कहा था कि अनुच्छेद ३७० को निरस्त करने के लिए […]
विदेश नीति में भारतीय भाषा
-डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री जिन दिनों दूरदर्शन का प्रचलन नहीं था उन दिनों अख़बार में ख़बर छपती तो थी लेकिन ख़बर बनती कैसे है यह पता नहीं चलता था । लेकिन जब से दूरदर्शन का प्रचलन बढ़ा है तब से आँखों के आगे ख़बर बनती […]
देश में मुस्लिमों की तेरह-चौदह प्रतिशत आबादी के मद्देनजर अभी हाल में संपन्न हुए चुनावों में लोकसभा में पहुंचे कुल 24 मुस्लिम सांसदों की संख्या पर कई लोगों ने सवालिया निशान उठाया है। इनका मानना है कि तेरह-चौदह प्रतिशत की आबादी वाले समुदाय के लिए इतनी सीटों का होना चिंता का विषय है, जबकि आबादी […]
प्रवीण गुगनानीनरेन्द्र मोदी के प्रधानमन्त्री पद के शपथ कार्यक्रम के लिए जब पाकिस्तान के प्रधानमन्त्री नवाज शरीफ को न्यौता दिया तब इस पहल के बहुत से अर्थ अनर्थ निकालें जानें लगे. मीडिया, राजनीतिज्ञ, रक्षा विशेषज्ञ, आम नागरिक सभी का ध्यान इस ओर आकृष्ट भी हुआ किन्तु आश्चर्य किसी को भी नहीं हुआ क्योंकि जिस आक्रामक […]
शपथ समारोह के आमंत्रण में कूटनीति
नरेन्द्र देवांगन नरेंद्र मोदी ने पड़ोस के सभी सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्षों/सरकार प्रमुखों को अपने शपथ समारोह में आने का निमंत्रण भेजा है। ऐसा न्योता भारत की ओर से पहली बार गया है। कुछ राष्ट्राध्यक्षों ने कार्यक्रम में आने की स्वीकृति भेज दी है और कुछ अभी कूटनीतिक विचार-विमर्श में जुटे हैं। मोदी की यह […]
अरविंद जयतिलक चुनाव में करारी शिकस्त खाने के बाद हार पर मंथन के लिए आहुत कार्यसमिति की बैठक में जिस तरह सदस्यों ने प्रस्ताव पारित कर हार की सामूहिक जिम्मेदारी का प्रहसन किया उससे यही प्रतीत होता है कि उनका मकसद हार पर मंथन करना नहीं, बल्कि हार का ठीकरा सोनिया-राहुल के सिर न फुटे […]
मोदी राजनय का सफल अभिनय
विश्व में केवल भारत ही एक ऐसा देश है जिसने युद्घ के भी नियम आविष्कृत किये थे और उन्हें युद्घ के समय बड़ा गंभीरता से निभाया भी। इस देश से प्राचीन काल में लोग जहां जहां जाकर बसे वहां-वहां उन्होंने भारत की परंपराओं का प्रचार-प्रसार किया और उन्हें बड़ी श्रद्घा से निभाया भी। राजदूत के […]
वीर प्रस्विनी भारत माता, सचमुच हो गयी धन्य।मोदी जैसा पुत्र मिला, उदित हुए हैं पुण्य।। लोकतंत्र की महिमा न्यारी, दी भारत की डोर।दिव्य भव्य भारत का सपना, ले चला दैव की ओर।।सवा अरब लोगों के मोदी, हैं बन गये संकल्प।वीर लोग नही ढ़ंूढ़ा करते, विश्व में कभी विकल्प।।मां भारती के बने सारथि, उदित हुए कोई […]
मोदी जी का मौलिक नेतृत्व और अमेरिका
डॉ. मधुसूदनप्रवेश मुझे कुछ दिनों से निम्न प्रश्न पूछे जा रहे हैं। अपने विचार और मान्यता के आधार पर उनके, उत्तर संक्षेप में, पाठकों की जानकारी के लिए, प्रस्तुत करता हूं।(1) प्रश्न: मोदी जी के विषय में आप का क्या मत है?उत्तर: मोदीजी एक मौलिक नेतृत्व है। मौलिकता किसी लीक पर चलकर आगे नहीं बढती। […]