भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिकी जमीन पर कदम रखने से पहले ही न्यू यॉर्क की एक संघीय अदालत ने साल 2002 के गुजरात दंगे में उनकी कथित भूमिका को लेकर समन जारी किया है। यह समन मानवाधिकार के लिए काम करने वाले संगठन अमेरिकिन जस्टिस सेंटर की याचिका पर जारी किया गया है। गौरतलब […]
Category: राजनीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि वह वाशिंगटन में राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ होने वाली मुलाकात का इंतजार कर रहे हैं और उन्हें इस बात का भरोसा है कि उनकी पांच दिवसीय अमेरिका यात्रा से दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के नए अध्याय की शुरुआत होगी। अमेरिका रवाना होने से पूर्व […]
उपचुनावों ने खड़े किये शाह की साख पर सवाल
देश के अलग अलग राज्यों में हुए उपचुनाव के अभी रुझान ही आने शुरू हुए थे कि टीवी चैनलों ने मोदी लहर का दम निकाल दिया। परिणाम आने पर चैनल विशेषज्ञों ने भांति भांति से यह साबित कर दिया कि कैसे देश में मोदी लहर की हवा निकल चुकी है। चैनलों पर पहुंचे बीजेपी के […]
भारत चुप क्यों रहे?
चीनी राष्ट्रपति भारत पहुंचने के पहले मालदीव और श्रीलंका गए। मालदीव और श्रीलंका दोनों भारत के पड़ौसी राष्ट्र हैं। दोनों संप्रभु और स्वतंत्र राष्ट्र हैं। दोनों को अधिकार है कि वे अपने यहां जिसको चाहें, बुलाएं और हर राष्ट्र को अधिकार है कि वह उनके यहां जाए। इन पड़ौसी राष्ट्रों को इस मामले में भारत […]
भारतीय सेना का हर जवान ही है भारत रत्न
सिद्धार्थ शंकर गौतम बीते 60 वर्षो में पहली बार धरती के स्वर्ग का नजारा नरक से भी बदतर नजर आ रहा है। बाढ़ की विभीषिका ने जम्मू-कश्मीर के नैसर्गिक सौंदर्य को लील लिया है। करीब चार लाख लोग अब भी जीवन की आस में हैं और राज्य सरकार का तंत्र दम तोड़ चुका है। ऐसे […]
चीन के राष्ट्रपति का भारत में आगमन
पहली ख़बर – सत्रह सितम्बर को चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग भारत में आ गये । दूसरी ख़बर- उससे एक दो दिन पहले चीन की सेना के सैनिक लद्दाख में भारतीय सीमा में घुस आये । तीसरी ख़बर- सत्रह सितम्बर को ही अपने देश की आज़ादी के संघर्ष में लगे हुये तिब्बतियों ने दिल्ली में […]
गतांक से आगे….. काला कानून क्रमांक-९ १९५४ में भारत सरकार ने धारा ३७० के आधार पर भारत के संविधान की धारा ३५ए जोड़ दी, जिसके अनुसार जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान से आए हुए शरणार्थियों को मूल अधिकारों से वंचित रखा। काला कानून क्रमांक-१० धारा ७(२) जो लोग १९४७ में जम्मू कश्मीर से पाकिस्तान चले गये, […]
वीर सावरकर के वारिस बने नरेन्द्र मोदी
राकेश कुमार आर्य स्वातंत्र्य वीर सावरकर ने ‘क्रांतिकारी चिट्ठियों’ में कहा-‘‘हम ऐसे सर्वन्यासी राज्य में विश्वास रखते हैं जिसमें मनुष्य मात्र का भरोसा हो सके और जिसके समस्त पुरूष और स्त्रियां नागरिक हों, और वे इस पृथ्वी पर सूर्य और प्रकाश से उत्तम फल प्राप्त करने के लिए मिलकर परिश्रम करते हुए फलों का समान […]
आर. डी. वाजपेयी राजनीति में अक्सर ऐसा होता है कि आप मनोवांछित परिणाम न पाकर मुंह की खा जाते हैं। ऐसा कितनी ही बार होता देखा गया है कि राजनीतिज्ञ किसी अपने विरोधी को फंसाने के चक्कर में कहीं खुद फंसकर रह जाते हैं। कुछ ऐसा ही सपा के साथ हो गया है। उप-चुनाव से […]
गांधी परिवार से अलग तबीयत के थे फिरोज
फिरोज गांधी धर्मनिरपेक्ष, राष्ट्रवादी और प्रगतिशील होने के साथ ही सुलझे व्यक्तित्व के धनी थे और उन्हें बीमा व्यापार के राष्ट्रीयकरण के पैरोकार के तौर पर हमेशा याद किया जायेगा। फिरोज गांधी: ए पालिटिकल बायोग्राफी के लेखक शशि भूषण ने बताया कि फिरोज गांधी को इंदिरा के पति और नेहरू के दामाद के रूप में […]