बिहार में 18 अगस्त को पीएम मोदी की आरा सहरसा की रैलियों में उमड़ी विशाल भीड़ और भीड़ के सामने पीएम की ओर से एक लाख 56 हजार करोड़ के मेगा पैकेज से बिहार विधानसभा के चुनावों की गतिविधियों में और अधिक तेजी आ गयी है। बिहार में दोनों गठबंधनों का स्वरूप भी लगभग साफ […]
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हवाओं के रुख को बताता मोदी का भाषण
के. बेनेडिक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस बार का स्वतंत्रता दिवस का भाषण यूं तो हमेशा की तरह उनकी वक्तृत्व शैली और श्रोताओं से जुडऩे की उनकी क्षमता की ही एक और बानगी था, लेकिन इस बार का भाषण उनके कई समर्थकों को शायद इसलिए निराशाजनक लगा हो, क्योंकि उसमें पर्याप्त सामग्री नहीं थी। कइयों […]
वीरेन्द्र सिंह परिहार ब्यापम घोटाले को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की घेराबन्दी करनें वाले प्रदेश के भतूपूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस पार्टी के बड़बोले नेंता दिग्विजय सिंह स्वत: कुछ ऐसे घिर गये हैं कि निकलने का रास्ता शायद ही मिल सके। उल्लेखनीय है कि दिग्विजय सिंह वर्ष 1993 से वर्ष 2003 तक सतत् दस […]
सुरेश हिन्दुस्थानी अच्छे सपने देखना बुरी बात नहीं है, और इस सपने को खुली आँख से देखा जाये तो और भी अच्छा है। लेकिन इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि इन सपनों में किसी प्रकार का संकुचन ना हो। मतलब साफ है कि व्यापक दृष्टि से सपने देखे जाएँ तो यह समग्र विकास […]
आज से कुछ दिनों पहले , रविवार ९ अगस्त २०१५ को , गया की रैली में बिहार के पिछले २५ वर्षों के शासनकाल को , जंगलराज , कुशासन और बिहार की बदहाली का कारण बता कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तो भाजपा की प्रदेश इकाई को सांसत में ही डाल दिया है l प्रधानमंत्री के इस बयान […]
मृत्युंजय दीक्षित राजधानी लखनऊ में विगत 4 अगस्त को समाजवादियों का सम्मान समारोह किया गया इस बहाने देशभर के समाजवादी एकत्र हुए तथा भविष्य में समाजवादी की भूमिका पर अपने विचारों का आदान प्रदान भी किया। यह सम्मेलन तो था समाजवादियों के सम्मान का लेकिन इसके मुख्य केंद्रबिंदु युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ही थे। सभी […]
लोकतंत्र के लिए सबसे शर्मनाक सत्र
मृत्युंजय दीक्षित संसद का वर्तमान मानसून सत्र संभवत: 68 वर्षो में सबसे शर्मनाक सत्र के रूप में याद किया जायेगा। 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद देश के जनमानस मे आशा व उम्मीदों का एक नया दीप जला था लेकिन कांग्रेस पार्टी के केवल दो बड़े नेताओं श्रीमती सोनिया गांधी व राहुल गांधी की […]
नाक की लड़ाई बना संसदीय हंगामा
उमेश चतुर्वेदी लोकसभा से कांग्रेस के 25 सांसदों के निलंबन के बाद कांग्रेस का आक्रामक होना स्वाभाविक ही है। लोकतांत्रिक समाज में विपक्ष अक्सर ऐसे अवसरों की ताक में रहता है, ताकि वह खुद को शहीद साबित करके जनता की नजरों में चढ़ सके। ठीक सवाल साल पहले मिली ऐतिहासिक और करारी हार से पस्त […]
प्रमोद भार्गव रेलवे में सुरक्षा इंतजामों के तहत वाइफाइ व्यवस्था शुरू करने से पहले उन ग्यारह हजार चार सौ तिरसठ पार-पथों पर भूतल और उपरिगामी पुलों की जरूरत है, जो मानव रहित हैं। इनके अलावा सात हजार तीन सौ बाईस फाटक वाले पार पथ भी हैं। इन सभी पुलों पर आए दिन हादसे होते रहते […]
पैरोडी बनता बिहार चुनाव
विडंबना है कि बिहार के चुनावों को पैरोडी में तबदील कर दिया गया है। पैरोडी के मायने हैं-किसी बात को तोड़-मरोड़ कर, नई तुकबंदी के साथ कहना। बेशक प्रधानमंत्री मोदी हों या नीतीश कुमार-लालू यादव, वे पुख्ता मुद्दों और भावी विकास के ब्लू प्रिंट पेश करने के बजाय पैरोडियां बनाने में व्यस्त हैं। प्रधानमंत्री मोदी […]