सुरेश हिन्दुस्थानी बिहार में भाजपा के समर्थन में हुई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली ने यह तो प्रमाणित कर ही दिया है, कि अभी उनका जादू समाप्त नहीं हुआ है। भाजपा की इस आमसभा में उमड़ी भीड़ ने निश्चित रूप से राष्ट्रीय जनता दल और जनतादल एकीकृत के सपनों पर तुषारापात किया होगा। प्रधानमंत्री मोदी […]
Category: राजनीति
उमेश चतुर्वेदी पांचजन्य के संपादक रहे, सहजता की अनन्य मूर्ति, खालिस सहज इन्सान और अपने चहेतों के बीच काकू के तौर पर मशहूर यादवराव देशमुख चार जून को वहां के लिए कूच कर गए, जहां से कोई लौटकर नहीं आताज्दीनदयाल शोध संस्थान के प्रमुख रहे 87 साल के यादव राव देशमुख राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के […]
लोकतांत्रिक भूमिका से दूर होती कांग्रेस
सुरेश हिन्दुस्थानी वर्तमान में भारत की संसद में जिस प्रकार का विरोधाभास दिखाई दे रहा है, उसमें लोकतंत्र की धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं। अपने अपने पक्ष पर फेविकोल की तरह चिपकी हुई दोनों प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी टस से मस होने का नाम तक नहीं ले रहीं है। ऐसे […]
विश्वनाथ सचदेव देश की विदेशमंत्री पर एक ‘भगोड़े अपराधी’ की सहायता का आरोप लगा है; एक राज्य की मुख्यमंत्री भी आरोपों के घेरे में है; एक पश्चिमी राज्य के चार मंत्री कथित घोटालों के विवादों में घिरे हैं; एक अन्य राज्य में परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद की आंच से सरकार झुलस रही है- […]
मृत्युंजय दीक्षित जैसी की संभावना व आशंका व्यक्त की जा रही थी कि संसद का मानसून सत्र हंगामें की भेंट चढ़ जायेगा ठीक वैसा ही हो रहा है। विदेश यात्रा से लौटकर आने के बाद कांग्रेसी युवराज राहुल गांधी ने कांग्रेस की राजनीति को पटरी पर लाने के लिए मोदी सरकार पर एक के बाद […]
अंतहीन लालच के बीच त्याग की मिसाल
विश्वनाथ सचदेव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के संपन्न लोगों से अपील की है कि वे गोबर या लकड़ी के धुएं में भोजन पकाने के लिए शापित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सब्सिडी वाली गैस का त्याग करें। ऐसी ही एक अपील कुछ प्रबुद्ध नागिरकों ने अपने सांसदों-विधायकों से की है कि वे अपनी […]
वर्ष 2015-16 के नये शैक्षिक सत्र का आगाज हो गया है। प्रदेश का शिक्षा विभाग हर वर्ष लम्बे -चैड़े वायदों व नारों के साथ शैक्षणिक कार्यो का प्रारम्भ करवाता है। स्कूल जाने वाले बच्चों व नये प्रवेश लेने वाले बच्चों के लिये तमाम तरह की योजनाओं की घोषणा की जाती है व सरकार हर वर्ष […]
विपक्ष का असंसदीय आचरण
अरविंद जयतिलक पिछले एक सप्ताह से जिस तरह विपक्ष गैर लोकतांत्रिक तरीके का प्रदर्शन कर संसद न चलने देने की जिद पर अड़ा हुआ है यह उसके असंसदीय आचरण का ही बोध कराता है। समझना कठिन है कि जब सरकार संसद में हर मसले पर चर्चा को तैयार है तो विपक्ष देशहित में संजीदगी न […]
संसदीय अवरोधों की त्रासदी
कुलदीप नैयर लेखक संसद में इस तरह की अव्यवस्थाएं किसी भी कोण से जायज नहीं ठहराई जा सकतीं। मुझे डर लगने लगा है कि इस तरह से कहीं मानसून सत्र पूरी तरह से धुल न जाए। अगर ऐसा होता है, तो लंबे समय तक इस नुकसान की भरपाई नहीं हो पाएगी। संसद के ये अवरोध […]
पारदर्शिता से भागते राजनीतिक दल
पीयूष द्विवेदी यूँ तो देश के सभी राजनीतिक दल पारदर्शिता की बातें करने में एक से बढक़र एक हैं, लेकिन जब उनके खुद पारदर्शी होने की बात आती है तो वे तरह-तरह के कुतर्क गढक़र इससे बचने की कवायद करने लगते हैं। गौर करें तो आज से लगभग दो वर्ष पहले केन्द्रीय सूचना आयोग द्वारा […]