Categories
अन्य

लघु समाचार पत्रों का योगदान एवं चुनौतियां

बी.आर. कौण्डल मनुष्य एक सामाजिक प्राणी होने के नाते एक-दूसरे से मिल-जुल कर रहना पसंद करता है तथा आस-पास क्या हो रहा है के जानने की जिज्ञासा रखता है। मनुष्य की इस इच्छा पूर्ति का काम करते हैं समाचार पत्र व मिडिया जिसे प्रजातन्त्र का चौथा स्तम्भ भी कहते हैं। प्राचीनकाल में समाचार जानने के […]

Categories
राजनीति

क्या बिहार में जंगलराज था या है ? अगर ‘हाँ’ …तो इसमें भाजपा का भी योगदान है

आज से कुछ दिनों पहले , रविवार ९ अगस्त २०१५ को , गया की रैली में बिहार के पिछले २५ वर्षों के शासनकाल को , जंगलराज , कुशासन और बिहार की बदहाली का कारण बता कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तो भाजपा की प्रदेश इकाई को सांसत में ही डाल दिया है l प्रधानमंत्री के इस बयान […]

Exit mobile version