Categories
कविता

आनंद बने जीवन परिभाषा

विश्व-परिवार समझ अपना, आर्यत्व हृदय में वास करे। देवत्व प्राप्ति हेतु मन में, श्रेष्ठत्व भाव सदा प्रवास करे।। दूर हटा और दूर हटा, घृणा के भाव बसे मन में। सहज प्रवाह में बहता चल, आनंद मिलेगा जीवन में।। जीवन की ज्योति जलती रहे, दूर हताशा हो मन की। श्रृंगार हृदय का करने को , उत्साह […]

Categories
कविता

जीवन का संदेश यही है

जीवन का संदेश यही है , बात करो – तुम तारों से। ऊंचा देखो- ऊंचा सोचो, न उलझो नीच विचारों में।। लड़ो साहसी योद्धा बनकर, अंधियारी तुम रातों से। जो भूत नहीं माने बातों से, मनवा दो उसको लातों से।। यश की चादर ओढ़ बढ़ो तुम, पड़ताल व्योम की करने को। करतल-पृष्ठे पुण्य करो तुम, […]

Categories
कविता

दिव्य भाव से करो मित्रता

जीवन में छल छद्मों से, बचता चल – तू बचता चल। मार्ग बना निष्कंटक अपना, पाप-घात से बचता चल ।। जितने भर भी दिव्य भाव हैं, चुनता चल तू – चुनता चल। जितने भर भी दुष्ट भाव हैं, मन से दूर हटाता चल।। भव्य भाव में जीना दुर्लभ , पर नहीं असंभव कुछ भी। दिव्य […]

Categories
कविता

अंधकार नहीं रोक सका है

जीवन की हारी बाजी को, जो हार गया- सो हार गया। जिसने पलटा इस पासे को, वह पार गया – वह पार गया।। अंधकार नहीं रोक सका है, कभी सवेरे को जग में। गहन निशा भी छंट जाती है, संकल्प धार लो यदि मन में।। नियम शाश्वत चलता आया, जहां अंधेरा, होता वहीं सवेरा। जहां […]

Categories
कविता

कहीं यौवन की धूप मचलती है….

कोई माथा पीट रहा जग में, एक धेला उसके पास नहीं। कोई कुबेर बना बैठा जग में, दुख का तनिक आभास नहीं।। कोई बनी कोठी को त्याग रहा , कोई कब्ज़ा करता कोठी पर। कोई भोजन को भी त्याग रहा, कोई लड़ता देखा रोटी पर।। कोई रक्त बहाता बंधु का, कोई निज रक्त लुटाता बंधु […]

Categories
कविता

संसार समर है तुम योद्धा हो

संसार क्षेत्र में संबंध निभाना, हर किसी के वश की बात नहीं। रो – रोकर जो काटें जीवन को, ढंग जीने का उनको ज्ञात नहीं।। संसार समर है तुम योद्धा हो, किरदार निभाना भूल गए। अमृत चखने तुम आए थे, यहां नींद नशे में टूल रहे।। अपनों को अपना कह न सके, कभी कष्ट निवारक […]

Categories
कविता

कर तू, संधि कर

वेद धर्म के गीत सुनाकर, सबको राह दिखाता चल। जहां-जहां अंधकार मिले, पुरुषार्थ से उसे हटाता चल।। वेद ज्ञान का अमृत पीकर, हो जा, मन से मतवाला। खो जा शिव की मस्ती में, हृदय बना भक्ति वाला।। पारसमणि वेद को लेकर, मन के लोहे पर फेरा कर। आभास किया कर परिवर्तन का, वृत्तियों को तू […]

Categories
कविता

वही देश के रक्षक बनते

राष्ट्र की धड़कन बन जा प्यारे, जीवन सफल बनाना है। गीत देश के गाता चल तू, भारत भव्य बनाना है।। शब्दों के वाक जाल में फंसकर, जिनकी कविता फूटा करती। कभी नहीं लेखनी उनकी, नेतृत्व राष्ट्र का कर सकती।। जिनके भावों में निर्भयता, और ठेठ निडरता वास करे। वही देश के रक्षक बनते, गुणगान सदा […]

Categories
कविता

बहता चल तू बहता चल,

गाता चल तू गाता चल, गीत ओज के गाता चल। राष्ट्र का यौवन मचल उठे, वही गीत निराला गाता चल।। चार दिनों की चांदनी होती, फिर रात अंधेरी आएगी। चांदनी रहते पौरुष दिखला, तभी कथा तेरी मचलाएगी।। कोठी – बंगले, हाथी- घोड़े, किसके साथ गए पगले । संसार की चिकनी फिसलन पर , बड़े – […]

Categories
कविता

यह चार अवस्था मानव की…

हंस भाव में जीता है जो, नर देह वही कहलाता है। ब्रह्मचर्य की यह अवस्था, जीवन सफल बन जाता है।। वसु – भाव में जीने वाला, वर देह का बनता अधिकारी। गृहस्थ आश्रम में रह मानव, तैयार करे जीवन क्यारी।। वानप्रस्थ का जीवन जिसका, उसने परहित में श्रृंगार किया। ‘ होता’ की कर प्राप्त अवस्था, […]

Exit mobile version
kolaybet giriş
kolaybet giriş
kolaybet giriş
hellocasino giriş
betgaranti
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
Kolaybet giriş
grandpashabet giriş
kolaybet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
kolaybet giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti 2026
betgaranti giriş
betgaranti 2026
betgaranti 2026
betgaranti giriş
betgaranti 2026
Kolaybet 2026
Kolaybet Giriş
Kolaybet Yeni Giriş
bettilt giriş
vdcasino giriş
vdcasino
betgaranti giriş
betgaranti güncel giriş
betgaranti
kolaybet giriş
kolaybet güncel giriş
kolaybet 2026
kolaybet
betpark giriş
betgaranti giriş
betgaranti 2026
betgaranti güncel giriş
betpark giriş