शालू अग्रवाल दुनिया भर में महिला दिवस के अवसर ढ़ेरों बातें की जाती हैं और हज़ारों संकल्प पत्र जारी किया जाता है, जिसमें महिलाओं की आज़ादी और उनके सशक्तिकरण पर ज़ोर देने की बात की जाती है। कन्या भ्रूण हत्या को रोकने, लिंगानुपात के अंतर को कम करने, यौन शोषण को रोकने और बालिका शिक्षा […]
Category: महत्वपूर्ण लेख
ओ३म् ============ मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। वह अकेला रहकर जीवनयापन नहीं कर सकता। उसे समान विचारों तथा अपने शुभचिन्तकों की आवश्यकता होती है जो उसकी चिन्ता करें, उससे प्रेम करें व उससे स्नेह करें। ऐसे वातावरण में ही मनुष्य सुरक्षित रह सकता है। आज के संसार की विडम्बना यह है कि ज्ञान व विज्ञान […]
योगेश कुमार गोयल पिछले दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच करीब तीन अरब डॉलर के रक्षा समझौतों पर सहमति बनी और तीन समझौता पत्रों पर भी हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों से एक दिन पहले ट्रम्प ने अहमदाबाद में अपने भाषण में कहा था कि आज के […]
डॉ नीलम महेन्द्रा आज जब एशिया के एक देश चीन के एक शहर वुहान से कोरोनानामक वायरस का संक्रमण देखते ही देखते जापान,जर्मनी,अमेरिका,फ्रांस, कनाडा,रूस समेत विश्व के 30 से अधिक देशों में फैल जाता है तो निश्चित ही वैश्वीकरण के इस दौर में इस प्रकार की घटनाएं हमें ग्लोबलाइजेशन के दूसरेडरावने पहलू से रूबरू कराती […]
आप की जीत भाजपा के लिए चुनौती
सुरेश हिंदुस्थानी दिल्ली विधानसभा के लिए हुए मतदान के पश्चात हालांकि यह तय लगने लगा था कि दिल्ली में फिर से आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी। लेकिन चुनाव परिणामों ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक बार फिर से जो छप्पर फाड़ बहुमत दिया है, उसकी उम्मीद आम आदमी पार्टी के अलावा किसी […]
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार दिल्ली में 15 साल तक राज करने वाली कांग्रेस विधानसभा चुनाव में पूरी तरह से साफ हो गई है और पिछले चुनाव की तरह इस बार भी खाता नहीं खोल पाई। आम आदमी से गुप्त समझौता कर कांग्रेस ने आत्मघाती कदम उठाया है। जो कांग्रेस के लिए अच्छे संकेत नहीं। जब क्षेत्रीय […]
यदि कन्या को किसी व्यक्ति का पैर छू जाए तो तुरंत उस कन्या के (देवी रूप मानकर) चरण स्पर्श करने की परंपरा भारत में है। चरण छूने की यह परंपरा इसलिए है कि कन्या के शरीर से पैरों का स्पर्श होना ‘पाप’ माना जाता है। उस पाप से मुक्त होने के लिए ही व्यक्ति क्षमा […]
गणतंत्र के सात दशक
परिवर्तन का जोश भरा था, कुर्बानी के तेवर में। सब कुछ हमने लुटा दिया था, आजादी के जवर में।। हम खुशनसीब हैं कि इस वर्ष 26 जनवरी को 71वाँ गणतन्त्र दिवस मना रहे हैं। 15 अगस्त सन् 1947 को पायी हुई आजादी कानूनी रूप से इसी दिन पूर्णता को प्राप्त हुई थी। अपना राष्ट्रगान, अपनी […]
भारत के बारे में पश्चिम के विद्वानों ने यह भ्रांति फैलाने का निरर्थक प्रयास किया है कि भारत में राष्ट्रवाद की भावना कभी नहीं रहीऔर भारत में राष्ट्रवाद का प्रचार – प्रसार ब्रिटिश काल में हुआ । उससे पहले इस देश में राष्ट्रीयता की भावना थी ही नहीं। जिन विदेशी विद्वानों , लेखकों या इतिहासकारों […]
डॉ विवेक आर्य विश्व इतिहास इस बात का प्रबल प्रमाण हैं की हिन्दू समाज सदा से शांतिप्रिय समाज रहा हैं। एक ओर मुस्लिम समाज ने पहले तलवार के बल पर हिन्दुओं को मुस्लमान बनाने की कोशिश करी थी, अब सूफियो की कब्रों पर हिन्दूओं के सर झुकवाकर, लव जिहाद या ज्यादा बच्चे बनाकर भारत की […]